उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में देशभक्ति का एक भव्य नजारा देखने को मिला जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक विशाल तिरंगा पदयात्रा का नेतृत्व किया। यह आयोजन भारत के आगामी स्वतंत्रता दिवस के जश्न की शुरुआत के रूप में किया गया और मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय प्रतीकों की पवित्रता के संबंध में एक कड़ा संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि राष्ट्रगान या राष्ट्रगीत का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उन्होंने तिरंगे को देश की आन-बान और शान बताया, जो 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक भावना का प्रतिनिधित्व करता है। लखनऊ की सड़कों पर भारत माता की जय के नारों के साथ माहौल पूरी तरह से देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया।
प्रमुख नेताओं और जनता की भारी भागीदारी
इस तिरंगा यात्रा में कई उच्च पदस्थ अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं ने भाग लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह भी मौजूद रहे। इस पदयात्रा में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के साथ-साथ पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए। बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, स्कूली छात्र, युवा और महिलाएं इस जुलूस का हिस्सा बने, जिससे यह एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक कार्यक्रम बन गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की राजधानी में इस यात्रा में लगभग 25,000 से 30,000 युवाओं ने हिस्सा लिया, जो देश के सामने आने वाली किसी भी चुनौती का सामना करने की युवाओं की अपार ऊर्जा और क्षमता को दर्शाता है।
तिरंगा पदयात्रा का मार्ग और शहीदों को श्रद्धांजलि
तिरंगा पदयात्रा मुख्यमंत्री आवास 5, कालिदास मार्ग से शुरू हुई। यह जुलूस शहर के प्रमुख स्थानों जैसे सिविल अस्पताल और अटल चौक से होते हुए अंत में विधानभवन के सामने पहुंचा। इस यात्रा का समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण था क्योंकि 9 अगस्त को काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस भी मनाया जाता है। स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति को सम्मान देने के लिए इस यात्रा को स्वतंत्रता आंदोलन की भावना से जोड़ा गया था। पदयात्रा के समापन के बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काकोरी शहीद स्मारक पहुंचे और देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कांग्रेस की आलोचना और पीएम मोदी की सराहना
सभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में नागरिकों को अपने घरों पर तिरंगा फहराने के लिए संघर्ष करना पड़ता था और यहां तक कि अदालतों का दरवाजा खटखटाना पड़ता था। इसके विपरीत, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 140 करोड़ भारतीयों को अपने आवासों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की आजादी और अधिकार देने का श्रेय दिया। उन्होंने उल्लेख किया कि झंडा संहिता में विशेष रूप से बदलाव किए गए ताकि हर घर तिरंगा के मंत्र को सुगम बनाया जा सके और प्रत्येक नागरिक गर्व के साथ झंडा लगा सके। सीएम ने सवाल किया कि राष्ट्रीय प्रतीकों को उचित सम्मान देने में 75 साल क्यों लग गए, और कहा कि पिछली सरकारों के लिए सत्ता प्राथमिकता थी, जबकि पीएम मोदी राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत पर काम करते हैं।
आगामी भाजपा अभियान का कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि भाजपा का हर घर तिरंगा अभियान 9 अगस्त से 15 अगस्त तक चलेगा। उन्होंने आगामी कार्यक्रम का विवरण देते हुए बताया कि 10, 11 और 12 अगस्त को प्रदेश के मंडलों में तिरंगा यात्राएं आयोजित की जाएंगी। इसके बाद 13 अगस्त को जिला मुख्यालयों और अन्य प्रमुख स्थानों पर ये यात्राएं निकाली जाएंगी। इसके अलावा, 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें मौन जुलूस और संगोष्ठियां शामिल होंगी। 13 से 15 अगस्त तक सभी घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और कार्यालयों पर तिरंगा फहराने के लिए एक विशेष जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा। सीएम ने अंत में कहा कि पूरा देश वंदे मातरम की गूंज से भरा हुआ है और युवाओं को अपनी पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करना चाहिए।