सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की एक हालिया टिप्पणी के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अचानक सुर्खियों में आ गई है। इस पार्टी के सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स हैं और यह संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है। इस पार्टी का मुख्य उद्देश्य उन युवाओं की आवाज बनना है जिन्हें अक्सर आलसी या कॉकरोच कहकर संबोधित किया गया है। यह पार्टी डिजिटल प्लेटफॉर्म से लेकर सत्ता के गलियारों तक चर्चा का विषय बनी हुई है। इसके संस्थापक 30 साल के अभिजीत दीपके हैं, जिन्होंने इस पार्टी के जरिए एक नई तरह की राजनीतिक बहस छेड़ दी है।
कॉकरोच जनता पार्टी का विजन और उद्देश्य
कॉकरोच जनता पार्टी के बनने के पीछे एक बहुत ही दिलचस्प कहानी है। जब आम दुनिया में कॉकरोच नालियों और किचन की गंदगी में अपना जीवन बिता रहे होते हैं, उसी समय इंसानों की दुनिया में उनके नाम पर एक ऐसी पार्टी खड़ी हो गई है जो व्यवस्था को चुनौती दे रही है और पार्टी की वेबसाइट के अनुसार, यह उन युवाओं के लिए एक मंच है जिन्हें समाज अक्सर आलसी और हर समय ऑनलाइन रहने वाला समझता है। पार्टी का मिशन इन युवाओं को एकजुट करना और उनकी भड़ास को एक सही दिशा देना है।
पार्टी का 5 सूत्रीय मेनिफेस्टो
कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना 5 पॉइंट का मेनिफेस्टो जारी किया है, जिसमें कई क्रांतिकारी बदलावों की बात कही गई है। मेनिफेस्टो का पहला बिंदु यह है कि यदि CJP सत्ता में आती है, तो किसी भी मुख्य न्यायाधीश को उनके रिटायरमेंट के बाद राज्यसभा की सीट नहीं दी जाएगी। इसका उद्देश्य न्यायपालिका की निष्पक्षता को बनाए रखना है।
मेनिफेस्टो का दूसरा महत्वपूर्ण बिंदु मतदान के अधिकार से जुड़ा है। इसमें कहा गया है कि यदि किसी भी वैध वोट को हटाया जाता है, चाहे वह CJP शासित राज्य हो या विपक्ष शासित, तो मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को UAPA के तहत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। पार्टी का मानना है कि नागरिकों से उनके मतदान का अधिकार छीनना किसी आतंकवाद से कम नहीं है और इसके अलावा, संसद की सदस्य संख्या बढ़ाए बिना महिलाओं को 33 प्रतिशत के बजाय 50 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही, सभी कैबिनेट पदों में से 50 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित करने की बात कही गई है।
दलबदलुओं पर लगाम और सदस्यता के नियम
राजनीतिक शुचिता को लेकर भी पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है। मेनिफेस्टो के अनुसार, कोई भी विधायक या सांसद जो अपनी पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल होता है, उसे 20 साल की अवधि के लिए चुनाव लड़ने और किसी भी सार्वजनिक पद को संभालने से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।
पार्टी में शामिल होने के लिए भी कुछ अनोखे नियम बनाए गए हैं। पार्टी जॉइन करने वालों से उनकी जाति या धर्म नहीं पूछा जाएगा। इसमें बेरोजगार, आलसी और हर वक्त ऑनलाइन रहने वाले लोग शामिल हो सकते हैं। बेरोजगारों से यह नहीं पूछा जाएगा कि वे अपनी मर्जी से बेरोजगार हैं या मजबूरी से और आलसी होने की परिभाषा भी तय की गई है; व्यक्ति को केवल शारीरिक रूप से आलसी होना चाहिए, जबकि उसका दिमाग लगातार दौड़ता रहना चाहिए। 'हर समय ऑनलाइन' रहने का मतलब है कि व्यक्ति दिन में कम से कम 11 घंटे इंटरनेट पर बिताता हो, जिसमें उसका बाथरूम ब्रेक भी शामिल है।
डिजिटल हेडक्वार्टर और संस्थापक का परिचय
कॉकरोच जनता पार्टी का कोई स्थायी भौतिक पता नहीं है। वेबसाइट पर इसके हेडक्वार्टर के सामने लिखा है- "जहां भी वाई-फाई काम करता है"। इसका मतलब है कि आईपी एड्रेस ही इसका पिनकोड है और इंटरनेट ही इसका दफ्तर। इस पार्टी का मकसद एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करना है जहां युवा परिवर्तन की नई कहानी लिख सकें।
पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के बारे में बात करें तो उन्होंने महाराष्ट्र के पुणे शहर से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चले गए, जहां उन्होंने बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस (PR) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। अभिजीत पेशे से एक पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रैटेजिस्ट हैं और विभिन्न राजनीतिक दलों के लिए डिजिटल रणनीतियां तैयार करते हैं और वे इंटरनेट पर किसी भी मुद्दे को उठाने और उसे वायरल करने की कला में माहिर माने जाते हैं।