फुटबॉल जगत के सबसे बड़े सितारों में से एक और पुर्तगाल के कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने आधिकारिक तौर पर इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास का ऐलान कर दिया है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब उनके सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी लियोनल मेसी ने भी हाल ही में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कहा था। रोनाल्डो के इस फैसले ने उनके भविष्य को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर पूर्ण विराम लगा दिया है और 41 वर्षीय इस दिग्गज खिलाड़ी ने 146 गोल के विश्व रिकॉर्ड के साथ अपने शानदार करियर का समापन किया है।
संन्यास की घोषणा और भावुक संदेश
गुरुवार 5 नवंबर को रोनाल्डो ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स के माध्यम से एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने अपने प्रशंसकों को संबोधित करते हुए कहा, पुर्तगाल वासियों, 7 नंबर की जर्सी के नेशनल टीम के पास लौटने का दिन आ गया है। मैंने कभी ये नहीं सोचा कि ये सिर्फ मेरा है लेकिन पिछले 23 सालों में मुझे इसे पहनने, इसकी रक्षा करने और इसे अपने साथ स्टेडियम में ले जाने का सौभाग्य मिला। आज वो दिन आ गया है जब इसे भविष्य को सौंपा जाए।
करियर की उपलब्धियां और अधूरा सपना
रोनाल्डो ने 2003 में मात्र 18 साल की उम्र में पुर्तगाल की सीनियर टीम के लिए पदार्पण किया था। अपने 23 साल के लंबे करियर में उन्होंने पुर्तगाल को कई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी कप्तानी में पुर्तगाल ने 2016 में यूरो कप का खिताब जीता, जो देश के लिए पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट था। इसके अलावा, पुर्तगाल ने 2019 और 2025 में नेशंस कप भी अपने नाम किया। हालांकि, रोनाल्डो का एक सपना अधूरा रह गया। उन्होंने अपने करियर में 6 बार फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया, लेकिन एक बार भी वे पुर्तगाल को विश्व चैंपियन नहीं बना सके।
कोच के साथ विवाद और अंतिम दौर
रोनाल्डो का अंतिम वर्ल्ड कप 2026 में था, जहां टीम का सफर नॉकआउट राउंड में समाप्त हो गया। टूर्नामेंट के बाद पुर्तगाल के नए कोच जॉर्ज जेसुस के साथ उनके मतभेद सामने आए। हालांकि, कोच के आग्रह पर वे खेलने के लिए राजी हुए थे और कुछ मैचों में खेलने व कुछ में बाहर रहने का समझौता हुआ था और लेकिन एक मैच के बाद दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि रोनाल्डो कैंप छोड़कर चले गए थे। बाद में एक समझौता हुआ और वे टीम में लौटे, लेकिन अंततः उन्होंने अचानक संन्यास की घोषणा कर दी।