राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शादियों का सीजन शुरू होने से ठीक पहले सोने की कीमतों में गिरावट का रुख देखा गया है, जो आभूषण खरीदने वालों के लिए एक बड़ी राहत बनकर आया है। स्थानीय ज्वेलर्स और खरीदारों की ओर से घरेलू मांग में आई सुस्ती के चलते दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने का भाव 200 रुपये प्रति 10 ग्राम नीचे खिसक गया है। सोने के विपरीत, चांदी के बाजार में आज कोई खास हलचल नहीं देखी गई और इसके दाम बिना किसी बड़े बदलाव के स्थिर स्तर पर बने रहे।
दिल्ली में सोने और चांदी के ताजा भाव
9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत सोमवार के 1,59,400 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) के स्तर से 200 रुपये गिरकर 1,59,200 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। यह गिरावट स्थानीय स्तर पर मांग में आई कमी को दर्शाती है। दूसरी ओर, चांदी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ और यह 2,60,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर टिकी रही। विश्लेषकों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव कम होने से घरेलू शेयर बाजारों में धारणा मजबूत हुई है और रुपये को समर्थन मिला है, जिससे निवेशक कीमती धातुओं से दूर होकर अन्य निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित हुए हैं।
वैश्विक बाजारों की स्थिति और प्रभाव
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्पॉट गोल्ड और सिल्वर का कारोबार लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ क्रमशः 4344 अमेरिकी डॉलर और 36 सेंट तथा 70 अमेरिकी डॉलर और 43 सेंट प्रति औंस पर हुआ। विशेषज्ञों ने बताया कि वैश्विक स्तर पर मजबूत रुझानों ने स्थानीय बाजारों में गिरावट को सीमित करने का काम किया है। ऊर्जा-जनित महंगाई को लेकर चिंताएं कम होने से विदेशी बाजारों में बुलियन की कीमतों में तेजी देखी गई है, जिसका असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ रहा है।
बाजार विशेषज्ञों का विश्लेषण
मिरे एसेट शेयरखान में कमोडिटीज के प्रमुख प्रवीण सिंह ने जानकारी दी कि स्पॉट गोल्ड को तेल की कम कीमतों से लाभ मिल रहा है। मंगलवार को तेल की कीमतें नए निचले स्तर पर आ गईं क्योंकि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इलेक्ट्रॉनिक रूप से अमेरिका-ईरान समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते ने वैश्विक स्तर पर कमोडिटी बाजार की धारणा को प्रभावित किया है।
कोटक सिक्योरिटीज में एवीपी कमोडिटी रिसर्च कायनात चेनवाला ने कहा कि चांदी 70 अमेरिकी डॉलर और 50 सेंट प्रति औंस के आसपास बनी रही। व्यापारी वर्तमान में अमेरिका के प्रमुख आर्थिक आंकड़ों के जारी होने और फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले से पहले सतर्क रुख अपना रहे हैं। एलकेपी सिक्योरिटीज में कमोडिटी और करेंसी के रिसर्च एनालिस्ट (वीपी) जतिन त्रिवेदी ने भी इस बात पर जोर दिया कि बाजार के प्रतिभागी अमेरिका-ईरान समझौते से जुड़ी गतिविधियों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। यह समझौता बुलियन और कमोडिटी बाजारों में निवेशकों के उत्साह और भविष्य की कीमतों को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।