राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सराफा बाजार में मंगलवार को सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिला। पिछले चार कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया और सोने के भाव में ₹1,200 की महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई। 44 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गई है। व्यापारियों के अनुसार, वैश्विक बाजारों में आए सुधार और स्थानीय स्तर पर कम कीमतों पर हुई खरीदारी ने इस तेजी को समर्थन दिया है।
स्थानीय सराफा बाजार में कीमतों का विवरण
9% शुद्धता वाले सोने की कीमत ₹1,200 बढ़कर ₹1,44,800 प्रति 10 ग्राम हो गई। इससे पिछले कारोबारी सत्र यानी सोमवार को सोना ₹1,43,600 प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर बंद हुआ था। 5% शुद्धता वाले सोने के भाव में भी ₹1,200 की वृद्धि देखी गई और यह ₹1,44,100 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जो पिछले सत्र में ₹1,42,900 पर था। बाजार के जानकारों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में हुई भारी गिरावट के बाद निचले स्तरों पर निवेशकों और आभूषण विक्रेताओं की ओर से खरीदारी में वृद्धि देखी गई है, जिससे कीमतों को सहारा मिला है।
चांदी की कीमतों और वायदा बाजार की स्थिति
सोने की कीमतों में आई तेजी के विपरीत, दिल्ली में चांदी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं देखा गया। चांदी का भाव ₹2,30,000 प्रति किलोग्राम पर स्थिर बना रहा। हालांकि, घरेलू वायदा बाजार में स्थिति थोड़ी अलग रही। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के वायदा अनुबंधों में तेजी देखी गई, जबकि चांदी के वायदा भाव दबाव में नजर आए। व्यापारियों का कहना है कि औद्योगिक मांग और वैश्विक संकेतों के बीच संतुलन के कारण चांदी की हाजिर कीमतों में स्थिरता बनी हुई है। 65% बढ़कर ₹79,350 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता देखा गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सुधार के संकेत
वैश्विक कमोडिटी बाजारों में नौ सत्रों की लगातार गिरावट के बाद सुधार देखने को मिला है। 83 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। 86 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। वैश्विक स्तर पर डॉलर की स्थिति और केंद्रीय बैंकों की नीतियों के बीच सोने की कीमतों में यह रिकवरी दर्ज की गई है। विदेशी बाजारों में आई इस मजबूती का सीधा असर भारतीय बाजारों पर पड़ा है, जिससे स्थानीय स्तर पर कीमतें प्रभावित हुई हैं।
भू-राजनीतिक घटनाक्रम और बाजार पर प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी राजनीतिक घटनाक्रमों का असर बुलियन मार्केट पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान में ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर संभावित हमलों के संदर्भ में पांच दिनों के संघर्ष-विराम (सीज़फायर) की घोषणा के बाद बाजार में सावधानी का माहौल है। मीराए एसेट शेयरखान के अधिकारियों के अनुसार, इस संघर्ष-विराम की प्रभावशीलता को लेकर बाजार में अभी भी संदेह बना हुआ है और भू-राजनीतिक मोर्चे से मिल रहे इन मिश्रित संकेतों के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है, जिसका प्रभाव घरेलू बाजार की कीमतों पर भी पड़ रहा है।
बाजार की वर्तमान स्थिति और व्यापारिक रुझान
दिल्ली के व्यापारियों ने बताया कि हालिया गिरावट के बाद बाजार में खरीदारों की वापसी हुई है। शादी-ब्याह के सीजन की मांग और वैश्विक स्तर पर कीमतों के निचले स्तर पर पहुंचने के कारण स्थानीय मांग में सुधार देखा गया है। ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के अनुसार, बाजार में आपूर्ति और मांग के बीच संतुलन बना हुआ है, लेकिन वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और मुद्रा विनिमय दरों में होने वाले बदलावों पर व्यापारियों की कड़ी नजर है। 44 लाख का मनोवैज्ञानिक स्तर पार कर लिया है, जो पिछले सप्ताह की तुलना में एक महत्वपूर्ण रिकवरी को दर्शाता है।