जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में चल रहा विरोध-प्रदर्शन अब अपने 36वें दिन में प्रवेश कर चुका है। छात्र बड़ी संख्या में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांगों को लेकर यहां डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों की बढ़ती भीड़ और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए प्रशासन ने जंतर-मंतर और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को एक किले में तब्दील कर दिया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और बैरिकेडिंग
सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर के चारों ओर अतिरिक्त बैरिकेड लगाए हैं। इन बैरिकेड्स को न केवल मजबूत जंजीरों से आपस में जोड़ा गया है, बल्कि उन्हें वेल्डिंग के जरिए जमीन और एक-दूसरे से और भी ज्यादा मजबूत कर दिया गया है ताकि भीड़ उन्हें हटा न सके और अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ से सीआरपीएफ की 10 अतिरिक्त कंपनियों को हवाई मार्ग से तत्काल दिल्ली भेजने के निर्देश दिए गए हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में दिल्ली में सीएपीएफ की कुल 150 कंपनियां तैनात की जाएंगी। सीएपीएफ की एक कंपनी में लगभग 100 जवान होते हैं। वर्तमान में ऐसी लगभग 100 कंपनियां पहले से ही स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटी हुई हैं।
18 डीसीपी की निगरानी में सुरक्षा चक्र
दिल्ली पुलिस ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए अब प्रदर्शन स्थल और उससे जुड़ने वाले मार्गों की सुरक्षा के लिए 18 डीसीपी तैनात किए हैं। यह फैसला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद लिया गया है। अब हर रूट की निगरानी की जिम्मेदारी अलग-अलग जिला पुलिस को सौंपी गई है और इस पूरे सुरक्षा ऑपरेशन की सीधी निगरानी स्पेशल सीपी कर रहे हैं। पुलिस का मुख्य फोकस भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने पर है। पुलिस पर हुए पिछले हमलों के बाद रणनीति को और अधिक सख्त किया गया है। इसके साथ ही, पेलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों की जांच क्राइम ब्रांच द्वारा की जा रही है। पेपर लीक के मामलों से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक विशेष एसटीएफ का गठन किया है, जो भर्ती परीक्षा माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।
मेट्रो सेवाओं पर असर: 18 स्टेशन बंद
सुरक्षा कारणों से मध्य दिल्ली के 18 मेट्रो स्टेशन शनिवार को भी यात्रियों के लिए बंद रहेंगे। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने सूचित किया है कि यह लगातार चौथा दिन है जब सुरक्षा व्यवस्था के तहत इन स्टेशनों को बंद रखा गया है। शनिवार सुबह 7 बजकर 30 मिनट से अगले आदेश तक ये स्टेशन बंद रहेंगे। बंद रहने वाले स्टेशनों की सूची इस प्रकार है:
- लोक कल्याण मार्ग
- राजिव चौक
- पटेल चौक
- रामकृष्ण आश्रम मार्ग
- बाराखंभा रोड
- सुप्रीम कोर्ट
- सेवा तीर्थ
- जनपथ
- मंडी हाउस
- केंद्रीय सचिवालय
- आईटीओ
- दिल्ली गेट
- इंद्रप्रस्थ
- खान मार्केट
- जोर बाग
- शिवाजी स्टेडियम
- नई दिल्ली
- झंडेवालान
शराब की दुकानों के समय में बदलाव
छात्रों के प्रदर्शन और सुरक्षा स्थिति को देखते हुए दिल्ली सरकार ने शराब की दुकानों के समय में भी कटौती की है और वीकेंड के दौरान दिल्ली की सभी शराब दुकानें रात 10 बजे के बजाय केवल शाम 8 बजे तक ही खुली रहेंगी। दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय पुलिस से प्राप्त फीडबैक और जंतर-मंतर पर जारी विरोध-प्रदर्शन की स्थिति के आधार पर लिया गया है और गुरुवार को बिना किसी पूर्व सूचना के दुकानें जल्दी बंद होने के कारण कई ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। प्रशासन का मानना है कि इन कदमों से क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।