Special Intensive Revision: दिल्ली में SIR से पहले पुलिस का बड़ा एक्शन: 20 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार
Special Intensive Revision - दिल्ली में SIR से पहले पुलिस का बड़ा एक्शन: 20 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार
दिल्ली में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई के तहत राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न इलाकों से 20 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी नागरिक अवैध रूप से भारत में रह रहे थे और इनके पास से कुछ भारतीय पहचान पत्र भी बरामद हुए हैं, जो इनकी अवैध गतिविधियों और पहचान छिपाने के प्रयासों की ओर इशारा करते हैं और यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब भारत निर्वाचन आयोग दिल्ली में वोटर लिस्ट को अपडेट करने की तैयारी में है, जिससे यह कार्रवाई और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
अवैध प्रवासियों पर पुलिस का शिकंजा
भारत के विभिन्न राज्यों में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों, विशेषकर बांग्लादेशियों की तलाश लगातार जारी है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां ऐसे लोगों को चिन्हित कर उन्हें वापस भेजने के लिए अभियान चला रही हैं। इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस ने यह महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पकड़े गए 20 बांग्लादेशी नागरिकों के पास भारत में रहने का कोई वैध दस्तावेज नहीं था और उनके पास से भारतीय पहचान पत्र मिलना इस बात का संकेत देता है कि वे भारतीय नागरिक के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने का प्रयास कर रहे थे, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकता कानूनों का गंभीर उल्लंघन है। यह कार्रवाई न केवल अवैध प्रवासियों पर लगाम लगाने में मदद करेगी, बल्कि आगामी SIR प्रक्रिया की शुचिता सुनिश्चित करने में भी सहायक होगी।
**वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) क्या है?दिल्ली में SIR की प्रक्रिया और उसका महत्व
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा वोटर लिस्ट को अद्यतन और त्रुटिहीन बनाने के लिए। समय-समय पर विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) अभियान चलाए जाते हैं। इस प्रक्रिया के तहत, मतदाता सूचियों में नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं, मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं, और उन। मतदाताओं के नाम भी हटाए जाते हैं जो एक स्थान से दूसरे स्थान पर चले गए हैं या जो अब भारत के नागरिक नहीं हैं। इसका मुख्य उद्देश्य एक स्वच्छ और सटीक मतदाता सूची तैयार करना है, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों का आधार होती है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि केवल वैध और पात्र नागरिक ही मतदान कर सकें।
भारत निर्वाचन आयोग ने दिल्ली में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण को तीसरे चरण में कराने का निर्णय लिया है। इससे पहले, पहले चरण का SIR बिहार में सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया था, जिसके बाद दूसरे चरण में देश के 12 अन्य प्रदेशों में यह प्रक्रिया जारी है। दिल्ली में यह प्रक्रिया विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि जानकारी के अनुसार, राजधानी में। पिछली बार जब SIR हुआ था, उसे 20 साल से भी अधिक समय बीत चुका है। इतने लंबे अंतराल के बाद वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर बदलाव अपेक्षित हैं। इस अवधि में कई मतदाता या तो दिवंगत हो चुके होंगे या शहर छोड़कर चले गए होंगे। इसके अलावा, अवैध रूप से रह रहे लोगों द्वारा मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की संभावना भी बनी रहती है, जिसे इस प्रक्रिया के माध्यम से दूर किया जा सकेगा।लाखों नामों के कटने की संभावना
अन्य राज्यों में SIR के अनुभवों से यह स्पष्ट है कि दिल्ली में भी वोटर लिस्ट से लाखों की संख्या में नाम बाहर किए जा सकते हैं। इन नामों में बड़ी संख्या उन लोगों की हो सकती है जिनका। निधन हो चुका है, या जो दिल्ली से बाहर चले गए हैं। इसके अतिरिक्त, पुलिस द्वारा पकड़े गए अवैध बांग्लादेशी नागरिकों जैसे मामलों को देखते हुए, यह भी संभावना है कि ऐसे अवैध। प्रवासियों के नाम भी मतदाता सूची से हटाए जाएंगे जिन्होंने किसी तरह अपनी पहचान बनाकर सूची में जगह बना ली थी। यह प्रक्रिया मतदाता सूची की विश्वसनीयता को बढ़ाएगी और यह सुनिश्चित करेगी कि केवल वास्तविक और पात्र नागरिक ही देश के लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग ले सकें। दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई SIR प्रक्रिया की शुरुआत से पहले ही अवैध तत्वों पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।