भारतीय रेलवे दिवाली के पावन अवसर पर रेल यात्रियों को एक बड़ा तोहफा देने की तैयारी कर रहा है। देश की दूसरी स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा शुरू करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। यह नई ओवरनाइट ट्रेन सेवा नई दिल्ली और वाराणसी को आपस में जोड़ेगी, जिसमें कानपुर और प्रयागराज जैसे महत्वपूर्ण शहरों में भी स्टॉपेज दिए जाएंगे। इस सेवा का मुख्य उद्देश्य यात्रियों के लिए सफर को अधिक सुविधाजनक बनाना और यात्रा के समय में उल्लेखनीय कमी लाना है।
प्रस्तावित रूट और कनेक्टिविटी का विस्तार
इंडियन रेलवे द्वारा तैयार की गई योजना के अनुसार, यह दूसरी स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस प्रयागराज और कानपुर के रास्ते अपनी यात्रा पूरी करेगी। इससे राजधानी दिल्ली और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा करने वाले लोगों को एक नया और आधुनिक विकल्प मिलेगा। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे अधिकारियों ने इस ट्रेन को दिवाली के आसपास शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए ट्रायल इसी महीने शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, रेलवे बोर्ड ने अभी तक आधिकारिक तौर पर ट्रेन नंबर, किराए की संरचना या नियमित सेवा शुरू होने की सटीक तारीख की घोषणा नहीं की है।
दिल्ली-वाराणसी स्लीपर वंदे भारत का प्रस्तावित समय
प्रस्तावित शेड्यूल के अनुसार, यह ट्रेन यात्रियों के लिए रात भर के सफर का एक बेहतरीन विकल्प साबित होगी। वाराणसी कैंट से यह ट्रेन रात 9 बजकर 20 मिनट पर रवाना होगी और रात 10 बजकर 45 मिनट पर प्रयागराज पहुंचेगी। इसके बाद, यह रात 12 बजकर 35 मिनट पर कानपुर सेंट्रल से गुजरेगी और अगली सुबह 5 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। वापसी की दिशा में भी यही समय सारणी अपनाई जाएगी, जहां ट्रेन नई दिल्ली से रात 9 बजकर 20 मिनट पर चलेगी और अगली सुबह 5 बजे वाराणसी पहुंचेगी। इस समय सारणी के कारण दिल्ली, प्रयागराज और वाराणसी के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को रात भर का समय सफर में बिताने और सुबह जल्दी अपने गंतव्य पर पहुंचने की सुविधा मिलेगी।
ट्रेन की रफ्तार और तकनीकी पहलू
इस प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत ट्रेन की रफ्तार 130 किमी प्रति घंटा से लेकर 160 किमी प्रति घंटा के बीच रहने की उम्मीद है। ट्रेन की वास्तविक गति ट्रैक की स्थिति और रेलवे की ‘मिशन रफ्तार’ पहल के तहत हुई प्रगति पर निर्भर करेगी। दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर पर इस उच्च गति से यात्रा करने पर समय की काफी बचत होगी और हालांकि, अंतिम रफ्तार और यात्रा का कुल समय ट्रायल के नतीजों और आवश्यक ऑपरेशनल मंजूरी मिलने के बाद ही तय किया जाएगा।
कोच संरचना और यात्री क्षमता
खबरों के अनुसार, प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत में कुल 16 कोच होंगे, जिनमें यात्रियों के लिए कुल 823 बर्थ उपलब्ध होंगी। इस ट्रेन की कोच संरचना में 11 एसी 3-टियर कोच, चार एसी 2-टियर कोच और एक फर्स्ट एसी कोच शामिल होने की उम्मीद है। यह विविधता यात्रियों को उनकी सुविधा और बजट के अनुसार विकल्प चुनने की आजादी देगी। इस ट्रेन में वंदे भारत सेवा की सभी आधुनिक सुविधाएं मौजूद होंगी, जो यात्रियों को एक प्रीमियम अनुभव प्रदान करेंगी और इस ट्रेन का मुख्य रखरखाव यानी मेंटेनेंस नॉर्दर्न रेलवे द्वारा किए जाने की संभावना है।
क्षेत्रीय यात्रियों को मिलेगा बड़ा लाभ
यह प्रस्तावित रूट दिल्ली, प्रयागराज और वाराणसी जैसे तीन बड़े शहरों को एक ओवरनाइट सर्विस के माध्यम से जोड़ेगा, जिसमें कानपुर भी एक महत्वपूर्ण कड़ी होगा। उत्तर मध्य रेलवे (NCR) की जोनल रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमिटी (ZRUCC) के सदस्य प्रवीण पटेल ने इस संबंध में कहा कि देश में बनी यह स्लीपर वंदे भारत ट्रेन दिल्ली, प्रयागराज और वाराणसी के बीच यात्रा को और अधिक सुविधाजनक बना सकती है और यात्रा के समय को भी कम कर सकती है।
दूसरी स्लीपर वंदे भारत सेवा की योजना
टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी सेवा, हावड़ा-कामख्या रूट के बाद भारतीय रेलवे की दूसरी स्लीपर वंदे भारत सेवा होगी। हालांकि लॉन्च की समय सीमा दिवाली के आसपास रखी गई है, लेकिन कई महत्वपूर्ण जानकारियां अभी भी तय होनी बाकी हैं। रेलवे बोर्ड ने अभी तक ट्रेन नंबर, किराए का विवरण या नियमित सेवा शुरू होने की आधिकारिक तारीख साझा नहीं की है। ट्रेन का अंतिम शेड्यूल और परिचालन गति पूरी तरह से ट्रायल के परिणामों और जरूरी सुरक्षा मंजूरियों पर निर्भर करेगी।