देश के कई शहरों में दशानन का दहन किया गया और बुराई पर अच्छाई की जीत के इस महापर्व को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। दशहरे के इस पवित्र अवसर पर देशभर में रावण का पुतला दहन किया गया। देश की राजधानी दिल्ली में जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रावण दहन कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया, वहीं पंजाब के लुधियाना में देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रावण दहन की रस्म पूरी की और इस दौरान पूरे देश के लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला और हर तरफ उत्सव का माहौल नजर आया।
देशभर में आज धूमधाम से दशहरे का त्योहार मनाया जा रहा है। इस महान त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत का शाश्वत प्रतीक माना जाता है। सनातन परंपरा के अनुसार दशहरे के पावन दिन पर रावण का पुतला दहन करने की सदियों पुरानी परंपरा चली आ रही है। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए आज देश के कोने-कोने में रावण का पुतला जलाया गया। इस भव्य अवसर पर लोगों में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला और पूर्वी दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन स्थित डीडीए ग्राउंड में आयोजित अत्यंत भव्य रावण दहन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष रूप से शिरकत की और इस सांस्कृतिक उत्सव की शोभा बढ़ाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस गरिमामयी अवसर पर देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि विजयदशमी बुराई पर अच्छाई की जीत का अचूक प्रतीक है और विजयादशमी का यह पावन पर्व हमें सत्य और धर्म की स्थायी शक्ति की हमेशा याद दिलाता है। उन्होंने अपने संबोधन में आगे कहा कि आज भारत का हर एक कोना, देश का हर एक गांव और हर एक शहर, भगवान राम की पवित्र भावना से पूरी तरह ओत-प्रोत है। पूरा देश इस समय रामलीला के रंग में पूरी तरह डूबा हुआ है। देश भर में विभिन्न स्थानों पर रामलीलाओं का सजीव मंचन किया जा रहा है, जो एक ऐसी महान परंपरा है जो भगवान श्री राम के आदर्शों को आज भी समाज में जीवित रखती है।
देश की राजधानी नई दिल्ली के द्वारका इलाके में देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ रावण दहन किया और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी द्वारका रामलीला समिति द्वारा अत्यंत भव्य रूप से आयोजित इस कार्यक्रम में विशेष तौर पर शामिल हुईं। इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि दशहरा के इस पावन अवसर पर देश और विदेश में कई जगहों पर आयोजित होने वाली रामलीलाओं के माध्यम से करोड़ों लोग भगवान राम की कथा के महान आदर्शों को याद करते हैं और उनसे प्रेरणा ग्रहण करते हैं।
बिहार की राजधानी पटना स्थित ऐतिहासिक गांधी मैदान में भी दशहरा के सुअवसर पर भव्य तरीके से रावण दहन किया गया। इस विशेष मौके पर बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन, नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव और राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस गरिमामयी समारोह में भाग लिया और रावण दहन के साक्षी बने। इन सभी गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने इस समारोह के महत्व को और अधिक बढ़ा दिया।
दूसरी ओर, पंजाब के लुधियाना शहर में दरेसी रोड स्थित रामलीला मैदान में भी रावण दहन का कार्यक्रम बहुत धूमधाम से आयोजित किया गया। देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस विजयादशमी के पावन कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए विशेष रूप से लुधियाना पहुंचे और रावण दहन की इस परंपरा का हिस्सा बने। उनके साथ स्थानीय नेता और बड़ी संख्या में आम जनता भी मौजूद रही।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य दशहरा समारोह में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विजयदशमी के इस विशेष मौके पर परेड ग्राउंड में एक बहुत ही भव्य आयोजन किया गया, जहां रावण का एक सौ इक्यासी फुट ऊंचा विशाल पुतला जलाया गया। इसके साथ ही इस समारोह में रावण के भाई कुंभकर्ण और पुत्र मेघनाद के पुतले भी पूरी भव्यता के साथ जलाए गए, जिसे देखने के लिए भारी जनसमूह उमड़ा था।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गोरखपुर के रामलीला मैदान में आयोजित दशहरा समारोह में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में रावण के प्रतीकात्मक अर्थ को बहुत ही विस्तार से समझाया और कहा कि आज सभी रामलीलाओं में दशानन रावण के पुतले जलाए जा रहे होंगे। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि रावण असल में कौन है और उसके दस सिर क्या दर्शाते हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि रावण का एक सिर अधर्म का प्रतीक है, दूसरा सिर असत्य का है, तीसरा सिर अन्याय का है, चौथा सिर अत्याचार का है, पांचवां सिर अमर्यादा का है, छठा सिर भ्रष्टाचार का है, सातवां सिर दुराचार का है, आठवां सिर भ्रम का है, नौवां सिर दुष्प्रचार का है और रावण का दसवां सिर नशे का भी है, जिसका नाश होना समाज के लिए बहुत आवश्यक है।
उत्तर प्रदेश के प्राचीन और धार्मिक शहर वाराणसी में भी दशहरा के पावन पर्व पर अत्यंत उत्साह के साथ रावण दहन किया गया और इसके अलावा हरियाणा राज्य के रोहतक जिले में भी बुराई के प्रतीक रावण का पुतला जलाया गया और लोगों ने इस पर्व को बहुत धूमधाम से मनाया। इन सभी स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि लोग शांतिपूर्वक इस त्योहार का आनंद उठा सकें।
दशहरा के इस पावन पर्व के मौके पर केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह स्थित ऐतिहासिक पोलो ग्राउंड में भी रावण दहन किया गया। इस आयोजन का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें इस दूरदराज के क्षेत्र में भी पर्व का उत्साह साफ देखा जा सकता है। रावण के जलते ही वहां मौजूद लोगों में एक अलग ही प्रकार का उत्साह और उल्लास देखने को मिला।
के. स्टेडियम में भी अत्यंत उत्साह के साथ रावण दहन का कार्यक्रम संपन्न हुआ। यहां के स्थानीय लोगों ने दशानन रावण के साथ-साथ दो और अन्य पुतले भी जलाए और बुराई पर अच्छाई की जीत के इस महान त्योहार को आपसी भाईचारे के साथ मनाया। इस प्रकार देश के उत्तर से लेकर दक्षिण और पूरब से लेकर पश्चिम तक हर कोने में दशहरा का पर्व पूर्ण श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।