बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर दिलजीत दोसांझ और प्रियंका चोपड़ा पर निशाना साधा था। अब इस पर दिलजीत ने कंगना का मजाक उड़ाते हुए उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया है। दिलजीत ने एक ऑडियो वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह कहते नजर आ रहे हैं कि कुछ लोग एक सुबह और एक शाम, उनके नाम की गोली ले रहे हैं।
दिलजीत कहते सुनाई दे रहे हैं, “हंसते हुए, आप सभी को एक बात बतानी थी। 2-3 लड़कियां मेरा नाम जप रही हैं। इसके बिना उनकी रोटी हजम नहीं हो रही है। जैसे डॉक्टर दो गोली सुबह और दो गोली शाम में देते हैं, इसके बाद उनका खाना हजम होता है। ऐसे में उन्हें इसकी लत भी लग जाती है। मेरा नाम लिए बिना अब उनकी रोटी हजम नहीं हो रही। एक लड़की इतनी बोलती है न कि क्या बताऊं। उनकी बातों पर ध्यान मत दो। बोलकर चुप हो जाएंगी। ठीक है। चलो बाय, टाटा।”
Ek Funny Gal Share Karni c 😂
— DILJIT DOSANJH (@diljitdosanjh) December 19, 2020
Mitran Da Naam BLOOD PRESSURE Di Goli Varga Ek Vaari Lagg Jave.. Fer kithey hatda..
Tera ni Kasoor... 🤣 pic.twitter.com/5fMyn2oGoB
कंगना रनौत ने कही थी यह बात
कंगना रनौत ने एक वीडियो के जरिए बताया था कि उन्हें रेप और जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। इसके अलावा कंगना कहती हैं कि किसान आंदोलन राजनीतिक रूप से प्रेरित था। इस देश में मुझे रोज अपनी देशभक्ति साबित करनी पड़ती है, लेकिन कोई प्रियंका चोपड़ा या दिलजीत दोसांझ जैसे लोगों की नीयत पर सवाल नहीं करता।
कंगना कहती हैं कि पिछले 10-12 दिनों से मुझे इमोशनल और मेंटल ऑनलाइन लिंचिंग का सामना करना पड़ा है। रेप और जान से मारने की धमकी मिली है, इसलिए मेरा हक बनता है कि अपने देश से कुछ सवाल करूं।
Here’s the video I promised, watch when you can 🙏 pic.twitter.com/0YZxfQfwB2
— Kangana Ranaut (@KanganaTeam) December 19, 2020
किसान आंदोलन पर कंगना ने कहा, 'जब प्रधानमंत्री जी ने किसी तरह की आशंका की गुंजाइश नहीं छोड़ी है तो यह बात तो साफ है कि यह पूरा आंदोलन राजीनितक रूप से प्रेरित है और कहीं न कहीं इसमें आतंकियों ने भी हिस्सा लेना शुरू कर दिया। मैं पंजाब में रही हूं, मैं वहां पढ़ी-लिखी हूं और मैं जानती हूं कि पंजाब के 99.9 प्रतिशत लोग खालिस्तान नहीं चाहते। वे देश का टुकड़ा नहीं चाहते।' कंगना ने आगे कहा, 'इस देश को जो तोड़ना चाहते हैं मैं उनकी भावनाएं समझती हूं, मैं बस देशवासियों से पूछना चाहती हूं कि जो मासूम लोग हैं, वे कैसे खुद को इन लोगों की उंगलियों पर नचाने देते हैं। अब जैसे शाहीनबाग में दादी जी, वह पढ़ नहीं सकतीं, लेकिन फिर भी अपनी नागरिकता बचाने के लिए आंदोलन कर रही हैं। पंजाब की एक दादी मुझे इतनी गंदी भद्दी गालियां दे रही हैं, अपनी जमीन बचाने की कोशिश कर रही हैं। क्या हो रहा है इस देश में? दोस्तों हम लोग खुद को टारगेट बनाना इतना आसान कैसे कर देत हैं इन आतंकियों के लिए, इन विदेशी शक्तियों के लिए।'
कंगना आगे कहती हैं, 'मुझे आप लोगों से शिकायत है। मुझे शिकायत है कि हर दिन मुझे अपनी नीयत बतानी पड़ती है। एक देशभक्त को इतनी सफाई देनी पड़ती है, लेकिन दिलजीत दोसांझ और प्रियंका चोपड़ा से कोई नीयत पर सफाई नहीं मांगता। यह किस तरह की नीति है। अगर मैं देश के हित में बात करती हूं तो कहते हैं कि मैं राजनीति कर रही हूं। इनसे भी तो पूछिए कि ये कौन सी नीति कर रहे हैं।'