अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी दूसरी राष्ट्रपति पारी के दौरान एक अत्यंत महत्वपूर्ण दो दिवसीय सरकारी दौरे पर चीन की राजधानी बीजिंग पहुंच गए हैं। हालांकि, उनके इस आगमन पर एक विशेष कूटनीतिक चर्चा शुरू हो गई है क्योंकि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग व्यक्तिगत रूप से ट्रंप का स्वागत करने के लिए बीजिंग एयरपोर्ट पर मौजूद नहीं थे। इसके बजाय, राष्ट्रपति जिनपिंग ने ट्रंप की अगवानी के लिए चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग को भेजा। चीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी शिन्हुआ द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बीजिंग हवाई अड्डे पर अमेरिकी राष्ट्रपति का औपचारिक स्वागत उपराष्ट्रपति हान झेंग द्वारा किया गया। इस अवसर पर कूटनीतिक शिष्टाचार को निभाने के लिए कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी वहां उपस्थित रहे।
एयरपोर्ट पर स्वागत और उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
बीजिंग एयरपोर्ट पर जब डोनाल्ड ट्रंप का विमान उतरा, तो वहां उपराष्ट्रपति हान झेंग के साथ एक विस्तृत प्रतिनिधिमंडल मौजूद था। इस स्वागत दल में बीजिंग में तैनात अमेरिकी राजदूत डेविड पर्ड्यू, अमेरिका में चीन के राजदूत शी फेंग और चीन के विदेश मामलों के कार्यकारी उप मंत्री मा झाओक्सू शामिल थे। ट्रंप के स्वागत के लिए चीन ने व्यापक तैयारियां की थीं, जिसमें सफेद और नीली वर्दी पहने हुए लगभग 300 युवाओं को तैनात किया गया था। इसके साथ ही, एयरपोर्ट पर एक बैंड पार्टी भी मौजूद थी जिसने संगीत के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति का स्वागत किया। यह स्वागत समारोह भव्य था, लेकिन राष्ट्राध्यक्ष की अनुपस्थिति ने इसे चर्चा का विषय बना दिया है।
पिछले दौरों और प्रोटोकॉल की तुलना
डोनाल्ड ट्रंप के लिए यह स्थिति इसलिए भी ध्यान देने योग्य है क्योंकि दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), इजराइल, सऊदी अरब और कतर जैसे देशों का दौरा किया था। इन सभी देशों में वहां के राष्ट्राध्यक्षों ने स्वयं एयरपोर्ट पर आकर ट्रंप का गर्मजोशी से स्वागत किया था। अमेरिका से रवाना होते समय ट्रंप ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग की प्रशंसा में काफी बातें कही थीं, ऐसे में जिनपिंग का एयरपोर्ट न आना एक अलग संकेत देता है। हालांकि, साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, चीन के कूटनीतिक प्रोटोकॉल के तहत आमतौर पर विदेश मंत्री को ही एयरपोर्ट पर स्वागत के लिए जाना होता है। 2017 में जब ट्रंप पहली बार बीजिंग आए थे, तब भी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने ही उनकी अगवानी की थी। इस बार उपराष्ट्रपति को भेजकर जिनपिंग ने संभवतः ट्रंप को विशेष सम्मान देने का प्रयास किया है।
शी जिनपिंग की स्वागत परंपरा और इतिहास
ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो राष्ट्रपति शी जिनपिंग किसी भी विदेशी नेता का स्वागत करने के लिए स्वयं एयरपोर्ट नहीं जाते हैं और हाल के समय में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने भी चीन का दौरा किया था, लेकिन जिनपिंग उनके स्वागत के लिए भी हवाई अड्डे पर उपस्थित नहीं हुए थे। आखिरी बार जिनपिंग को किसी अमेरिकी राष्ट्रपति का स्वागत एयरपोर्ट पर करते हुए साल 2009 में देखा गया था। उस समय जिनपिंग चीन के उपराष्ट्रपति के पद पर थे और वे तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को लेने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे थे। तब से चीन ने अपने प्रोटोकॉल को काफी सख्त रखा है और राष्ट्राध्यक्ष आमतौर पर ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में ही औपचारिक मुलाकात करते हैं।
ट्रंप के चीन दौरे के मुख्य एजेंडे
क्षेत्रीय सुरक्षा और ताइवान का मुद्दा
ट्रंप का यह दौरा सामरिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाल के दिनों में चीन और ताइवान के बीच सैन्य और राजनीतिक विवाद काफी बढ़ गए हैं। ताइवान को अमेरिका का एक प्रमुख सहयोगी माना जाता है और अमेरिकी अधिकारियों ने यह आशंका जताई है कि चीन 2027 तक ताइवान पर सैन्य कार्रवाई या हमला कर सकता है। इस दौरे के दौरान ट्रंप और जिनपिंग की बातचीत से ताइवान को लेकर चीन के भविष्य के रुख का संकेत मिल सकता है। इसके अतिरिक्त, अमेरिका वर्तमान में ईरान के साथ जारी तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों में उलझा हुआ है। चूंकि चीन को ईरान का करीबी सहयोगी माना जाता है, इसलिए ट्रंप इस संकट से निकलने का रास्ता खोजने के लिए जिनपिंग से चर्चा कर सकते हैं और इस उच्च स्तरीय वार्ता के लिए ट्रंप अपने साथ रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और अमेरिका के कई प्रमुख उद्योगपतियों को भी बीजिंग ले गए हैं।