पल्लेकेले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के 42वें मुकाबले में इंग्लैंड ने मेजबान श्रीलंका को 51 रनों के बड़े अंतर से पराजित किया। सुपर-8 चरण के इस महत्वपूर्ण मैच में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 9 विकेट खोकर 146 रन बनाए थे। 4 ओवरों में महज 95 रनों पर सिमट गई। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने टूर्नामेंट के इस चरण में अपने अभियान का सफल आगाज किया है। आंकड़ों के अनुसार, टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह श्रीलंका के खिलाफ इंग्लैंड की लगातार 12वीं जीत है।
इंग्लैंड की बल्लेबाजी और फिल साल्ट का अर्धशतक
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम की शुरुआत धीमी रही। कप्तान जोस बटलर का खराब फॉर्म इस मैच में भी जारी रहा और वह 14 गेंदों में केवल 7 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। हालांकि, सलामी बल्लेबाज फिल साल्ट ने एक छोर संभाले रखा और चुनौतीपूर्ण पिच पर शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और साल्ट ने 40 गेंदों का सामना करते हुए 6 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 62 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली। मध्यक्रम में विल जैक्स ने 14 गेंदों में 21 रन बनाकर पारी को गति देने का प्रयास किया। हैरी ब्रूक ने 14 रन, सैम करन ने 11 रन और जेमी ओवरटन ने 10 रनों का योगदान दिया। इन छोटी लेकिन महत्वपूर्ण पारियों की बदौलत इंग्लैंड की टीम 146 के स्कोर तक पहुंचने में सफल रही।
श्रीलंकाई गेंदबाजों का प्रदर्शन और विकेट पतन
श्रीलंका की ओर से गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड के बल्लेबाजों को बड़े स्कोर की ओर बढ़ने से रोका। युवा स्पिनर दुनिथ वेलालगे श्रीलंका के सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने अपने कोटे के ओवरों में शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। वेलालगे की फिरकी ने इंग्लैंड के मध्यक्रम को काफी परेशान किया। उनके अलावा अन्य गेंदबाजों ने भी नियमित अंतराल पर विकेट लेकर इंग्लैंड पर दबाव बनाए रखा। पल्लेकेले की पिच पर गेंद रुककर आ रही थी, जिसका फायदा श्रीलंकाई स्पिनरों ने उठाया। हालांकि, अंतिम ओवरों में इंग्लैंड के निचले क्रम ने कुछ रन जोड़कर अपनी टीम को एक सम्मानजनक योग तक पहुंचाया।
श्रीलंका की बल्लेबाजी में विफलता और पतन
147 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। टीम ने पावरप्ले के भीतर ही अपने शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को खो दिया। सलामी बल्लेबाज पथुम निसंका 9 रन और कामिल मिशारा 6 रन बनाकर आउट हुए। अनुभवी कुसल मेंडिस भी केवल 4 रन का योगदान दे सके, जबकि पवन रत्नायके बिना खाता खोले गोल्डन डक पर आउट हो गए। श्रीलंका का स्कोर एक समय 34 रन पर 5 विकेट हो गया था, जिससे टीम पूरी तरह बैकफुट पर आ गई। मध्यक्रम में दसुन शनाका ने संघर्ष करते हुए 24 गेंदों में सर्वाधिक 30 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से किसी भी बल्लेबाज का साथ नहीं मिला। दुनिथ वेलालगे और कामिन्दु मेंडिस ने भी दहाई का आंकड़ा छुआ, लेकिन वे बड़ी पारी खेलने में विफल रहे।
इंग्लैंड की घातक गेंदबाजी और विल जैक्स का प्रदर्शन
इंग्लैंड के गेंदबाजों ने मैच की शुरुआत से ही सटीक लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी की। विल जैक्स ने गेंद के साथ भी अपना जलवा बिखेरा और श्रीलंका के 3 बल्लेबाजों को आउट कर उनकी कमर तोड़ दी। तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने अपनी गति से बल्लेबाजों को परेशान किया और 2 विकेट चटकाए। स्पिन विभाग में अनुभवी आदिल रशीद और लियाम डॉसन ने भी शानदार नियंत्रण दिखाया और 2-2 विकेट अपने नाम किए। इंग्लैंड की फील्डिंग भी उच्च स्तर की रही, जिसने श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। विल जैक्स को उनके बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन (21 रन और 3 विकेट) के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। इस हार के साथ श्रीलंका के लिए सेमीफाइनल की राह कठिन हो गई है।