EPFO अपडेट: क्लेम से लेकर पेंशन तक आसान होंगे सभी काम, जानिए 10 बड़े बदलाव

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EPFO अपडेट: क्लेम से लेकर पेंशन तक आसान होंगे सभी काम, जानिए 10 बड़े बदलाव
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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपनी सेवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीकृत आईटी सक्षम सेवाएं (CITES) प्रोजेक्ट के तहत EPFO ने अपने सभी सदस्यों का डेटा एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट कर दिया है। इस बड़े तकनीकी बदलाव का मुख्य उद्देश्य EPFO की सेवाओं को पहले से कहीं ज्यादा तेज, आसान और पारदर्शी बनाना है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने इस नई व्यवस्था के तहत कई महत्वपूर्ण बदलावों का ऐलान किया है, जिससे करोड़ों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।

1. 15 जुलाई तक खाते में आएगा EPF का ब्याज

केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 का EPF ब्याज 15 जुलाई 2026 तक सभी सदस्यों के खातों में जमा कर दिया जाएगा। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लगभग 1 लाख 44 हजार करोड़ रुपये का ब्याज करीब 34 करोड़ EPF खातों में ट्रांसफर किया जाएगा। इससे सदस्यों को अपने निवेश पर मिलने वाले लाभ के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

2. एक ही जगह मिलेगी सभी PF जानकारी

अब EPFO सदस्यों को पोर्टल पर लॉगिन करते ही एक यूनिफाइड डिजिटल इंटरफेस की सुविधा मिलेगी। इस सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए सदस्य अपनी सदस्यता का विवरण, PF बैलेंस, क्लेम का स्टेटस, पेंशन रिकॉर्ड और अब तक प्राप्त सभी लाभों की जानकारी एक ही स्थान पर देख सकेंगे। इससे सदस्यों को अलग-अलग जानकारी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

3. क्लेम की पहले होगी जांच

क्लेम रिजेक्ट होने की समस्या को कम करने के लिए अब एक नई व्यवस्था लागू की गई है। अब क्लेम EPFO कार्यालय पहुंचने से पहले ही सिस्टम द्वारा उसका ऑटोमैटिक प्री-वैलिडेशन किया जाएगा। यदि किसी दस्तावेज या जानकारी में कोई कमी पाई जाती है, तो सदस्य को इसकी सूचना तुरंत दे दी जाएगी। इससे क्लेम के खारिज होने की संभावना काफी कम हो जाएगी और सदस्य समय रहते सुधार कर सकेंगे।

4. 5 लाख रुपये तक का एडवांस क्लेम होगा ऑटो-सेटल

जिन सदस्यों की KYC प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनके लिए 5 लाख रुपये तक के एडवांस PF क्लेम अब ऑटो-सेटलमेंट के जरिए निपटाए जाएंगे। आपको बता दें कि पहले यह सीमा केवल 1 लाख रुपये तक ही सीमित थी। इस बदलाव से सदस्यों को बीमारी, शिक्षा या अन्य जरूरी कार्यों के लिए बहुत जल्दी पैसा मिल सकेगा।

5. क्लेम का निपटारा होगा और तेज

क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया को और अधिक आधुनिक बनाया गया है और यदि क्लेम के दौरान किसी अतिरिक्त जानकारी की आवश्यकता होती है, तो EPFO अब ऑनलाइन सवाल भेज सकेगा और सदस्य भी उसका जवाब ऑनलाइन ही दे सकेंगे। इससे सदस्यों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही, क्लेम की राशि सेटलमेंट वाले दिन ही सीधे बैंक खाते में भेज दी जाएगी।

6. ज्यादा ब्याज और आसान निकासी नियम

अब अंतिम PF भुगतान पर ब्याज की गणना उस तारीख तक की जाएगी जब भुगतान को मंजूरी मिलती है। पहले ब्याज केवल पिछले महीने के आखिरी दिन तक ही जोड़ा जाता था। इसके अलावा, निकासी के पुराने 13 अलग-अलग नियमों को खत्म कर उन्हें केवल तीन श्रेणियों में बांट दिया गया है—जरूरी जरूरतें, मकान से जुड़ी जरूरतें और विशेष परिस्थितियां। अब सदस्य अपने कुल PF बैलेंस का 75 प्रतिशत तक हिस्सा निकाल सकेंगे।

7. नौकरी बदलने पर PF अपने आप होगा ट्रांसफर

अब नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों को अलग से PF ट्रांसफर फॉर्म भरने की परेशानी नहीं उठानी होगी और आधार से जुड़े UAN (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) के जरिए PF खाता अपने आप पुरानी कंपनी से नई कंपनी में ट्रांसफर हो जाएगा। इससे कर्मचारियों की सेवा निरंतरता बनी रहेगी और उनका फंड सुरक्षित रहेगा।

8. देश के किसी भी PF ऑफिस से मिलेगी सेवा

EPFO सदस्य अब केवल अपने क्षेत्रीय कार्यालय तक ही सीमित नहीं रहेंगे। केंद्रीकृत प्रणाली के कारण वे देश के किसी भी PF कार्यालय में जाकर सहायता प्राप्त कर सकते हैं और अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं। यह उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है जो काम के सिलसिले में एक शहर से दूसरे शहर जाते रहते हैं।

9. कहीं भी जमा कर सकेंगे लाइफ सर्टिफिकेट

EPS पेंशनधारकों के लिए भी बड़ी राहत दी गई है। अब पेंशनभोगी देश के किसी भी EPFO कार्यालय में जाकर अपना लाइफ सर्टिफिकेट (जीवन प्रमाण पत्र) जमा कर सकेंगे। इसके अलावा वे अन्य पेंशन संबंधी सेवाओं का लाभ भी किसी भी नजदीकी कार्यालय से ले सकेंगे।

10. किसी भी बैंक खाते में आएगी पेंशन

नई केंद्रीकृत पेंशन भुगतान प्रणाली के लागू होने से अब पेंशन देश के किसी भी बैंक खाते में जमा कराई जा सकेगी। पहले पेंशनभोगियों को केवल उसी बैंक शाखा में खाता रखना पड़ता था जो उनके PPO (पेंशन भुगतान आदेश) से जुड़ी होती थी। अब पेंशनभोगी अपनी पसंद के किसी भी बैंक में पेंशन प्राप्त करने के लिए स्वतंत्र हैं।

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