एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) ने अपने करोड़ों सदस्यों और नियोक्ताओं के लिए सर्विस डिलीवरी को बेहतर बनाने और उनके डिजिटल अनुभव को और अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से एक बड़ा डेटाबेस कंसोलिडेशन और सॉफ्टवेयर अपग्रेड सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस महत्वपूर्ण तकनीकी माइग्रेशन के बाद, ईपीएफओ का यूनिफाइड मेंबर पोर्टल अब फिर से ऑनलाइन हो गया है और हालांकि, संगठन ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है कि माइग्रेशन के बाद सिस्टम को पूरी तरह स्थिर होने में समय लगेगा, जिसके कारण क्लेम सेटलमेंट और अन्य सेवाओं में शुरुआती दो हफ्तों की देरी हो सकती है।
फेजवाइज प्रोसेसिंग और स्टेबिलाइज़ेशन प्रक्रिया
ईपीएफओ द्वारा जारी आधिकारिक घोषणा के अनुसार, माइग्रेशन के बाद सिस्टम को स्थिर करने की प्रक्रिया (स्टेबिलाइज़ेशन प्रोसेस) चल रही है और इस प्रक्रिया के तहत, शुरुआती 14 दिनों यानी दो हफ्तों के दौरान सभी क्लेम और सर्विस रिक्वेस्ट को फेजवाइज और व्यवस्थित तरीके से प्रोसेस किया जाएगा। संगठन ने स्पष्ट किया है कि माइग्रेशन के बाद रिकॉर्ड की सटीकता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त वेरिफिकेशन और वैलिडेशन चेक शुरू किए गए हैं। इन अतिरिक्त सुरक्षा जांचों के कारण ही क्लेम प्रोसेस होने में सामान्य से अधिक समय लग रहा है।
उमंग ऐप और ऑनलाइन सेवाओं पर प्रभाव
इस सिस्टम अपग्रेड और माइग्रेशन कार्य के कारण उमंग (UMANG) ऐप पर ईपीएफओ की कुछ सेवाएं फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं। उमंग ऐप पर दिए गए नोटिफिकेशन के मुताबिक, विभाग द्वारा किए जा रहे निर्धारित माइग्रेशन कार्यों की वजह से ये सेवाएं रोकी गई हैं और जल्द ही इनके फिर से शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, ईपीएफओ मेंबर पोर्टल अब पूरी तरह चालू है और सदस्य इसके जरिए अपनी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। संगठन ने यूजर्स से विशेष अनुरोध किया है कि वे पीक आवर्स यानी ज्यादा ट्रैफिक वाले समय के दौरान ऑनलाइन सेवाओं को एक्सेस करने की बार-बार कोशिश न करें और न ही एक ही रिक्वेस्ट को बार-बार सबमिट करें, ताकि सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
अपग्रेड किए गए पोर्टल में हुए मुख्य बदलाव
लगभग एक हफ्ते तक बंद रहने के बाद, ईपीएफओ का यूनिफाइड मेंबर पोर्टल अब नए डिजाइन वाले इंटरफेस और कई महत्वपूर्ण बदलावों के साथ वापस आया है और सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब पोर्टल पर सीधे यूएएन (UAN) एक्टिवेशन और यूएएन अलॉटमेंट की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। इन सेवाओं को अब उमंग ऐप पर शिफ्ट कर दिया गया है, जहां आधार-बेस्ड फेस ऑथेंटिकेशन (FAT) का उपयोग करके इन सुविधाओं का लाभ लिया जा सकता है। इसके अलावा, अपग्रेड किए गए पोर्टल में यूएएन को फिर से प्राप्त करने (रिट्रीवल) की प्रक्रिया को पहले से काफी आसान बना दिया गया है। हालांकि, डेथ क्लेम फाइलिंग जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं पहले की तरह ईपीएफओ पोर्टल पर ही उपलब्ध रहेंगी।
सदस्यों के लिए जरूरी निर्देश
ईपीएफओ ने सदस्यों को आश्वस्त किया है कि यह अपग्रेड लंबी अवधि में सेवाओं को अधिक तेज और सुरक्षित बनाने के लिए किया गया है और हालांकि वर्तमान में क्लेम सेटलमेंट में 2 हफ्ते का समय लग सकता है, लेकिन यह अतिरिक्त वेरिफिकेशन डेटा की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। सदस्यों को सलाह दी गई है कि वे धैर्य बनाए रखें और पोर्टल पर दी गई नई व्यवस्था के अनुसार ही अपनी रिक्वेस्ट सबमिट करें। संगठन का लक्ष्य है कि स्टेबिलाइज़ेशन की अवधि पूरी होते ही सभी सेवाओं को उनकी सामान्य गति पर वापस लाया जाए।