कुख्यात अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों के सार्वजनिक होने के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ा भूचाल आ गया है। इन दस्तावेजों, जिन्हें 'एपस्टीन फाइल्स' के नाम से जाना जा रहा है, ने कई शक्तिशाली देशों के शीर्ष नेतृत्व और राजनयिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। अमेरिका से लेकर नॉर्वे तक, कई हाई-प्रोफाइल हस्तियों के नाम इस सेक्स ट्रैफिकिंग स्कैंडल से जुड़ने के बाद इस्तीफों की झड़ी लग गई है। विश्लेषकों के अनुसार, यह मामला केवल व्यक्तिगत संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की पारदर्शिता और नैतिकता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ब्रिटेन: लेबर पार्टी और राजनयिक हलकों में हलचल
ब्रिटेन में एपस्टीन फाइल्स के खुलासे के बाद राजनीतिक माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। पूर्व ब्रिटिश राजदूत पीटर मेंडेलसन ने लेबर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। अदालती दस्तावेजों से यह संकेत मिला है कि एपस्टीन ने मेंडेलसन से जुड़े खातों में तीन अलग-अलग किस्तों में कुल $25,000 का भुगतान किया था। मेंडेलसन, जो हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य भी रहे हैं, ने कहा कि उन्होंने यह कदम पार्टी की छवि को नुकसान से बचाने के लिए उठाया है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मैकस्वीनी पर आरोप है कि उन्होंने ही मेंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त करने की सिफारिश की थी और ब्रिटिश सरकार अब पूर्व प्रिंस एंड्र्यू से भी अमेरिकी कांग्रेस के समक्ष गवाही देने की मांग कर रही है।
फ्रांस: पूर्व मंत्री और सांस्कृतिक संस्थानों पर असर
फ्रांस में भी इस स्कैंडल की आंच पूर्व संस्कृति मंत्री जैक लैंग तक पहुंच गई है। लैंग ने अरब वर्ल्ड इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। दस्तावेजों के अनुसार, एपस्टीन के साथ उनके संपर्कों का जिक्र फाइलों में 673 बार आया है, जिसमें 2012 से 2019 के बीच के ईमेल और व्यक्तिगत मुलाकातें शामिल हैं। हालांकि लैंग ने इन आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया है, लेकिन फ्रांसीसी अधिकारियों ने उनके खिलाफ वित्तीय जांच शुरू कर दी है। इसी क्रम में उनकी बेटी कैरोलाइन लैंग ने भी फिल्म प्रोड्यूसर्स ग्रुप के प्रमुख पद से इस्तीफा दे दिया है।
नॉर्वे: पूर्व प्रधानमंत्री और राजनयिकों पर जांच
नॉर्वे में स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है। पूर्व प्रधानमंत्री थोर्बजोर्न जैगलैंड, जो नोबेल शांति पुरस्कार समिति के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं, अब भ्रष्टाचार के संदेह में पुलिस जांच का सामना कर रहे हैं। फाइलों में जैगलैंड और एपस्टीन के बीच कई ईमेल संवादों का विवरण मिला है। नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस मेट्टे-मैरिट ने भी एपस्टीन के साथ अपने पिछले संपर्कों पर गहरा खेद व्यक्त किया है और इस विवाद के कारण जॉर्डन में नॉर्वे के राजदूत ने इस्तीफा दे दिया है और वरिष्ठ राजनयिक मोना जुल को निलंबित कर दिया गया है।
अमेरिका और अन्य देशों में संगठनात्मक प्रभाव
अमेरिका में भी इस मामले का व्यापक असर देखा जा रहा है। वॉल स्ट्रीट की प्रमुख लॉ फर्म 'पॉल, वीस' के चेयरमैन ब्रैड कार्प ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। फाइलों में उनके और एपस्टीन के बीच डिनर मीटिंग्स और ईमेल के प्रमाण मिले हैं और स्लोवाकिया में पूर्व विदेश मंत्री मिरोस्लाव लाजकाक ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद से इस्तीफा दे दिया है। वहीं, स्वीडन में स्वीडिश UNHCR की अध्यक्ष जोआना रुबिनस्टीन ने भी अपने पद का त्याग कर दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे दस्तावेजों की जांच आगे बढ़ेगी, आने वाले समय में और भी कई बड़े नामों पर कार्रवाई हो सकती है।
भविष्य की कार्रवाई
एपस्टीन फाइल्स ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस नेटवर्क के तार दुनिया के सबसे शक्तिशाली गलियारों तक फैले हुए थे। वर्तमान में विभिन्न देशों की जांच एजेंसियां इन दस्तावेजों में दर्ज वित्तीय लेन-देन और व्यक्तिगत मुलाकातों की गहनता से जांच कर रही हैं और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के अनुसार, यह घटनाक्रम वैश्विक राजनीति में जवाबदेही और नैतिक मानकों को लेकर एक नई बहस छेड़ सकता है। फिलहाल, सभी संबंधित देशों में कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं जारी हैं और आने वाले हफ्तों में और अधिक खुलासे होने की संभावना है।