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FASTag एनुअल पास: NHAI ने बढ़ाई कीमतें, 1 अप्रैल 2026 से लागू

FASTag एनुअल पास: NHAI ने बढ़ाई कीमतें, 1 अप्रैल 2026 से लागू
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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने देश भर के राजमार्गों पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों के लिए FASTag एनुअल पास की दरों में संशोधन की घोषणा की है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, FASTag एनुअल पास की कीमत में 75 रुपये की वृद्धि की गई है। वर्तमान में इस पास की कीमत ₹3,000 है, जो 1 अप्रैल 2026 से बढ़कर ₹3,075 हो जाएगी। यह निर्णय उन यात्रियों को प्रभावित करेगा जो लंबी दूरी की यात्रा के लिए प्रीपेड टोल योजनाओं का उपयोग करते हैं।

FASTag एनुअल पास एक विशेष प्रीपेड टोल योजना है जिसे सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा उन उपयोगकर्ताओं के लिए पेश किया गया था जो बार-बार राष्ट्रीय राजमार्गों का उपयोग करते हैं। इस योजना के तहत, वाहन मालिक एकमुश्त राशि का भुगतान करके एक निश्चित अवधि या टोल यात्राओं के लिए अग्रिम भुगतान कर सकते हैं। यह पास जारी होने की तिथि से 1 वर्ष की अवधि के लिए या 200 टोल प्लाजा पार करने तक मान्य रहता है। इन दोनों में से जो भी सीमा पहले पूरी होती है, पास की वैधता समाप्त मान ली जाती है।

नई दरों और कार्यान्वयन का विवरण

NHAI के अनुसार, संशोधित दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी रूप से लागू होंगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 31 मार्च 2026 तक खरीदे गए सभी पास पुरानी दरों यानी ₹3,000 पर ही उपलब्ध रहेंगे। 75 रुपये की यह बढ़ोतरी वार्षिक आधार पर की गई है ताकि टोल प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के रखरखाव की लागतों को संतुलित किया जा सके। यह पास विशेष रूप से उन लोगों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो महीने में कई बार टोल प्लाजा से गुजरते हैं और बार-बार रिचार्ज करने की प्रक्रिया से बचना चाहते हैं।

पात्रता और कवरेज का दायरा

यह एनुअल पास सुविधा केवल निजी श्रेणी के वाहनों के लिए उपलब्ध है। इसमें कार, एसयूवी (SUV) और वैन जैसे वाहन शामिल हैं। वाणिज्यिक वाहनों या भारी मालवाहक वाहनों के लिए अलग टोल नियम और दरें लागू रहती हैं। NHAI के आंकड़ों के अनुसार, यह पास वर्तमान में देश भर के लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर स्वीकार्य है। इनमें राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ-साथ विभिन्न एक्सप्रेसवे पर स्थित टोल बूथ भी शामिल हैं और यह पास अखिल भारतीय स्तर पर मान्य है, जिसका अर्थ है कि एक बार खरीदने के बाद इसे देश के किसी भी हिस्से में स्थित NHAI अधिकृत टोल प्लाजा पर उपयोग किया जा सकता है।

नियामक ढांचा और उपयोग के आंकड़े

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के अधिकारियों के अनुसार, कीमतों में यह बदलाव नेशनल हाईवे फीस (डिटरमिनेशन ऑफ रेट्स एंड कलेक्शन) रूल्स 2008 के प्रावधानों के तहत किया गया है। सरकार का डेटा दर्शाता है कि FASTag एनुअल पास की लोकप्रियता में निरंतर वृद्धि हुई है। अब तक 56 लाख से अधिक वाहन मालिक इस वार्षिक पास सेवा का लाभ उठा चुके हैं। मंत्रालय का कहना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और टोल प्लाजा पर प्रतीक्षा समय को कम करने के उद्देश्य से इस प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा रहा है।

यात्रियों के लिए डिजिटल सुविधा और लाभ

FASTag एनुअल पास का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को कैशलेस और निर्बाध यात्रा का अनुभव प्रदान करना है। इस पास के माध्यम से, वाहन चालकों को प्रत्येक टोल प्लाजा पर अलग से भुगतान करने या अपने FASTag वॉलेट में बार-बार बैलेंस चेक करने की आवश्यकता नहीं होती है। यह प्रणाली रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक पर आधारित है, जिससे टोल गेट पर वाहन के पहुंचते ही पास की वैधता की जांच स्वचालित रूप से हो जाती है। इससे न केवल ईंधन की बचत होती है, बल्कि टोल प्लाजा पर लगने वाले लंबे जाम से भी राहत मिलती है।

पास खरीदने और सक्रिय करने की प्रक्रिया

NHAI ने FASTag एनुअल पास खरीदने की प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल रखा है। इच्छुक वाहन मालिक 'Rajmarg Yatra' मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से या MoRTH और NHAI की आधिकारिक वेबसाइटों पर जाकर इस पास के लिए आवेदन कर सकते हैं। पंजीकरण के दौरान उपयोगकर्ता को अपने वाहन का विवरण और सक्रिय FASTag ID प्रदान करनी होती है। भुगतान के लिए नेट बैंकिंग, UPI, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड जैसे विभिन्न विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। सफल भुगतान के बाद, पास स्वचालित रूप से वाहन के मौजूदा FASTag से लिंक हो जाता है और उपयोगकर्ता को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक पुष्टिकरण संदेश प्राप्त होता है।

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