राजस्थान के श्रीगंगानगर में भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी और राजस्थान अरबन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (RUIDP) के एईएन (AEN) जगनलाल बैरवा के बीच मारपीट का विवाद अब कानूनी कार्रवाई में बदल गया है। एसपी हरीशंकर के आदेश के बाद जवाहर नगर थाना पुलिस ने विधायक जयदीप बिहाणी समेत 30 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। एईएन जगनलाल बैरवा की रिपोर्ट पर पुलिस ने राजकार्य में बाधा, एससी/एसटी (SC/ST) एक्ट और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की है।
विधायक और समर्थकों पर गंभीर आरोप
एईएन जगनलाल बैरवा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि विधायक जयदीप बिहाणी ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर उनके साथ थप्पड़-मुक्कों से मारपीट की। बैरवा के अनुसार, विधायक ने अपने हाथ में पहने हुए एक मोटे कड़े से उनकी आंख पर वार किया, जिससे उनकी आंख बुरी तरह चोटिल हो गई और अब उन्हें एक आंख से दिखाई नहीं दे रहा है। पुलिस को दी गई रिपोर्ट में विधायक के अलावा एईएन (पीएचडी) कृष्ण धारीवाल, विधायक के निजी सहायक मनीष गर्ग, पार्षद बंटी वाल्मीकि, कृष्ण गोपाल, जगदीश घोडेला, धर्मेंद्र सिहाग, सुनील नायक और संदीप शैरेवाला के नाम भी शामिल हैं।
555 करोड़ के प्रोजेक्ट और धमकी का मामला
पीड़ित एईएन ने आरोप लगाया कि यह विवाद शहर में चल रहे 555 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, विधायक ने कहा कि उन्हें इस प्रोजेक्ट में उनका हिस्सा नहीं मिल रहा है। बैरवा ने बताया कि 10 अप्रैल को दिशा की मीटिंग के दौरान ही विधायक ने उन्हें धमकी दी थी कि उन्हें ऑफिस बुलाकर 'तसल्ली' करवाई जाएगी। 30 अप्रैल को एईएन कृष्ण धारीवाल के बार-बार फोन आने पर बैरवा सुबह 11:30 बजे एलएनटी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर शहनवाज हुसैन और अभियंता सोहम परमार के साथ जन सेवा केंद्र पहुंचे थे, जहां उनके साथ मारपीट की गई।
साक्ष्य मिटाने और बंधक बनाने का दावा
जगनलाल बैरवा ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उनकी सफेद शर्ट खून से लथपथ हो गई थी, जिसे विधायक के निर्देश पर उतरवाकर फेंक दिया गया और उन्हें दूसरी शर्ट पहनाई गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि विधायक के समर्थकों ने उन्हें और अन्य अधिकारियों को बंधक बनाकर लात-घूंसों, डंडों और पाइपों से पीटा। साथ ही, आरोपियों ने सरकारी दस्तावेज भी छीनकर नष्ट कर दिए। बैरवा ने बताया कि वह 36 वर्षों से सरकारी सेवा में हैं और उनके खिलाफ कभी कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ है।
हाई लेवल कमेटी कर रही है जांच
इस पूरे घटनाक्रम की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। यूडीएच शासन सचिव (IAS) रवि जैन को इस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। कमेटी ने श्रीगंगानगर पहुंचकर दोनों पक्षों से पूछताछ की है और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। गौरतलब है कि इससे पहले 30 अप्रैल को विधायक की शिकायत पर पुलिस ने एईएन जगनलाल बैरवा, प्रोजेक्ट मैनेजर शहनवाज और सोहम को गिरफ्तार किया था, जिन्हें 1 मई को जमानत मिल गई थी। जमानत के बाद अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विधायक पर मारपीट के गंभीर आरोप लगाए थे।