द्वारका | बीजेपी के एक पूर्व विधायक ने कथावाचक मोरारी बापू पर हमला कर दिया। हालांकि बीजेपी की ही सांसद पूनम माडम ने उन्हें बीच बचाव कर शांत किया। मामले की मोरारी बापू के समर्थकों ने निंदा की है। लगातार सात बार जीत चुके इस विधायक को गलत शपथ पत्र पेश करने के चलते उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में अयोग्य ठहराया है।
कथा वाचक मोरारी बापू पर गुरुवार को गुजरात के द्वारकाधीश मंदिर में हमला हुआ है। वे यहां मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में शीश नवाने आए थे। मोरारी बापू मंदिर परिसर में जिस जगह बैठकर मीडिया से बात कर रहे थे, वहां भाजपा के पूर्व विधायक पबुभा माणेक अचानक पहुंचे और उनकी ओर हाथ बढ़ाने लगे। तभी दाहिनी ओर बैठीं जामनगर से भाजपा सांसद पूनम माडम तुरंत बीच में आ गईं और बापू को बचा लिया।
दरअसल, पूर्व विधायक माणेक का कहना था कि मोरारी बापू ने भगवान श्रीकृष्ण और बलराम के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस वजह से अहीर समाज गुस्से में है। माणेक नारे लगाते हुए कमरे में पहुंचे थे। सांसद पूनम माडम ने पहले बीच-बचाव किया। इसके बाद वे मोरारी बापू को कमरे से बाहर ले गईं।
मौके पर मौजूद द्वारका के स्थानीय लोगों ने पूर्व विधायक माणेक की इस हरकत का विरोध किया और उन्हें समझाया। लोग माणेक को मंदिर परिसर से दूसरी जगह ले गए।
"मिर्जापुर में बापू ने विवादास्पद टिप्पणी की थी!"
मोरारी बापू ने पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर स्थित आदि शक्तिपीठ में रामकथा के दौरान एक टिप्पणी की थी। आरोप है कि उन्होंने कहा था कि श्रीकृष्ण के भाई बलराम मदिरापान करते थे। अहीर समाज का कहना है कि बापू की टिप्पणी से भगवान श्रीकृष्ण और उनके भाई बलराम का अपमान हुआ।
माणेक डिस्क्वालिफाई हो चुके हैं
मोरारी बापू पर हमला करने वाले पबुभा माणेक द्वारका के पूर्व विधायक हैं। वे 1990 से लेकर अब तक 7 बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। दो दिन पहले ही उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी दस्तावेजों में गलत जानकारी देने के मामले में डिस्क्वालिफाई कर दिया है।