जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ होने वाली एक महत्वपूर्ण फोन कॉल को रद्द करने का निर्णय लिया है। उन्होंने ट्रंप से कॉल पर बात करने से स्पष्ट रूप से मना कर दिया है और यह बड़ा फैसला डोनाल्ड ट्रंप की उस सोशल मीडिया पोस्ट के कुछ ही घंटों बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने जर्मनी की दक्षिणपंथी राजनीतिक पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (AfD) की क्षेत्रीय चुनावी जीत का खुलकर जश्न मनाया था। ट्रंप ने न केवल इस पार्टी की तारीफ की, बल्कि जर्मनी की आंतरिक राजनीति पर भी टिप्पणी की, जिसके बाद चांसलर मर्ज ने यह कड़ा रुख अपनाया है।
ट्रंप की सोशल मीडिया पोस्ट और MGGA का नारा
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर जर्मनी के क्षेत्रीय चुनावों के परिणामों को लेकर एक पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट में ट्रंप ने AfD की जीत को पार्टी के लिए एक बहुत बड़ी रात करार दिया। उन्होंने जर्मनी की वर्तमान इमिग्रेशन नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि वहां के लोग बेहद बुरे इमिग्रेशन नियमों और कानूनों से पूरी तरह तंग आ चुके हैं। अपनी पोस्ट के अंत में ट्रंप ने MGGA शब्द का इस्तेमाल किया, जिसका अर्थ मेक जर्मनी ग्रेट अगेन यानी जर्मनी को फिर से महान बनाएं निकाला जा रहा है। ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब जर्मनी में दक्षिणपंथी रुझान बढ़ रहा है और AfD चुनावों में बेहतर प्रदर्शन कर रही है।
कॉल रद्द होने पर आधिकारिक स्पष्टीकरण
एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के प्रवक्ता ने इस फोन कॉल के रद्द होने के पीछे का कोई सीधा कारण बताने से फिलहाल इनकार कर दिया है और हालांकि, जब पत्रकारों ने इस बारे में सवाल पूछे, तो प्रवक्ता ने यह स्पष्ट किया कि यह फैसला समय की कमी या शेड्यूल में किसी टकराव की वजह से नहीं लिया गया था। प्रवक्ता ने ट्रंप की विवादित पोस्ट पर सीधे तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और न ही यह पुष्टि की कि कॉल रद्द करने का सीधा संबंध ट्रंप की टिप्पणी से है। लेकिन घटनाक्रम के समय को देखते हुए राजनीतिक गलियारों में इसे ट्रंप की टिप्पणी का जवाब माना जा रहा है।
घरेलू राजनीति में बाहरी दखल पर कड़ी आपत्ति
चांसलर मर्ज के प्रवक्ता ने एक महत्वपूर्ण सिद्धांत की ओर इशारा करते हुए कहा कि चांसलर ने सामान्य तौर पर इस बात पर अपनी आपत्ति जताई है कि किसी भी देश की घरेलू राजनीतिक स्थिति में बाहरी नेताओं का हस्तक्षेप उचित नहीं है। विशेष रूप से चुनावों के मामलों में बाहरी नेताओं को दखल देना या टिप्पणी करना सही नहीं माना जाता है। ट्रंप की AfD के समर्थन वाली पोस्ट और चांसलर मर्ज द्वारा फोन कॉल रद्द करने की घटना एक ही समय पर हुई है, जो यह संकेत देती है कि जर्मन सरकार अपनी राजनीतिक प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं है।
जर्मनी और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों पर प्रभाव
मर्ज और ट्रंप के बीच बातचीत का यह अवसर टलना ऐसे समय में हुआ है जब जर्मनी और अमेरिका के बीच व्यापार, सुरक्षा और यूरोपीय राजनीति जैसे कई गंभीर मुद्दों पर संवाद की आवश्यकता है। AfD को लेकर ट्रंप की टिप्पणी यह दर्शाती है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जर्मनी की घरेलू राजनीति में गहरी रुचि ले रहे हैं। दूसरी ओर, चांसलर मर्ज का यह कदम यह संदेश देता है कि जर्मनी अपने आंतरिक चुनावी मामलों में बाहरी टिप्पणियों को लेकर बेहद सतर्क और सख्त है। इस घटना के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले समय में दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों पर इसका क्या असर पड़ता है।