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बजट 2026: ऐतिहासिक गिरावट के बाद एमसीएक्स विशेष सत्र में सोना और चांदी की कीमतों पर नजर

बजट 2026: ऐतिहासिक गिरावट के बाद एमसीएक्स विशेष सत्र में सोना और चांदी की कीमतों पर नजर
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केंद्रीय बजट 2026 के पेश होने के अवसर पर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) ने रविवार, 1 फरवरी को एक विशेष ट्रेडिंग सत्र का आयोजन किया है। यह सत्र ऐसे समय में हो रहा है जब घरेलू और वैश्विक बाजारों में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में ऐतिहासिक उतार-चढ़ाव देखा गया है। पिछले कारोबारी सत्रों में सोने और चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट के बाद बाजार सहभागियों की नजर अब बजट घोषणाओं और उनके कमोडिटी बाजार पर पड़ने वाले प्रभाव पर टिकी है।

ऐतिहासिक गिरावट और वर्तमान मूल्य स्थिति

जनवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में सोने और चांदी की कीमतों ने अपने सर्वकालिक उच्च स्तर को छुआ था, लेकिन इसके तुरंत बाद बाजार में तीव्र बिकवाली का दौर शुरू हुआ। 91 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई। 49 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, यह गिरावट बाजार में अत्यधिक ओवरबॉट स्थिति के बाद एक तकनीकी सुधार के रूप में देखी जा रही है।

बिकवाली के पीछे के प्रमुख कारक

बाजार विशेषज्ञों ने इस तीव्र गिरावट के पीछे कई महत्वपूर्ण कारणों को रेखांकित किया है। सबसे प्रमुख कारण वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर की मजबूती को माना जा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग प्रभावित हुई है। इसके अतिरिक्त, विदेशी एक्सचेंजों द्वारा ट्रेडिंग मार्जिन में की गई वृद्धि ने ट्रेडर्स को अपनी पोजीशन कम करने पर मजबूर किया। घरेलू स्तर पर, बजट से पहले की अनिश्चितता और ऊंचे स्तरों पर बड़े पैमाने पर हुई मुनाफावसूली ने कीमतों पर अतिरिक्त दबाव डाला है। इन कारकों के सम्मिलित प्रभाव के कारण बाजार में तरलता की स्थिति में भी बदलाव देखा गया है।

बजट 2026 और विशेष एमसीएक्स सत्र का महत्व

1 फरवरी को रविवार होने के बावजूद बजट के कारण एमसीएक्स पर विशेष सत्र का आयोजन किया गया है। ऐतिहासिक रूप से बजट के दिन आयात शुल्क (Import Duty) में बदलाव की संभावनाओं के कारण सोने और चांदी की कीमतों में उच्च अस्थिरता रहती है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि सरकार कीमती धातुओं पर सीमा शुल्क में किसी भी प्रकार का संशोधन करती है, तो इसका सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ेगा। विशेष सत्र के दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम में वृद्धि की संभावना है क्योंकि व्यापारी बजट घोषणाओं के आधार पर अपनी रणनीतियों को समायोजित करेंगे।

बाजार विश्लेषण और भविष्य की दिशा

कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में बाजार एक समेकन (Consolidation) के दौर से गुजर रहा है। 49 लाख प्रति 10 ग्राम पर सोना महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तरों के करीब हैं। बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक भू-राजनीतिक स्थितियों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी मौद्रिक नीति निर्णयों पर निर्भर करेगी। विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि जब तक बाजार में स्थिरता नहीं आती, तब तक उतार-चढ़ाव का यह दौर जारी रह सकता है।

निष्कर्ष के तौर पर, बजट 2026 का यह विशेष सत्र सोने और चांदी के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। ऐतिहासिक गिरावट के बाद बाजार अब नई दिशा की तलाश में है, जहां सरकारी नीतियां और वैश्विक आर्थिक संकेत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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