नई दिल्ली: देश के बड़े स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) ने खाताधारकों को एक बड़ी राहत दी है। एसबीआई (SBI) ने ऐलान किया है कि अब हर 6 महीने में ब्याज दरों की समीक्षा की जाएगी। इस फैसले का सीधा फायदा एसबीआई के होम लोन (Home Loan), ऑटो लोन (Auto Loan) और पर्सनल लोन (Personal Loan) लेने वाले ग्राहकों को होगा। नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
ब्याज दरों की होगी हर 6 महीने में समीक्षा
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने जानकारी दी है कि सीमांत लागत आधारित ब्याज दर (MCLR) की अब हर 6 महीने में समीक्षा होगा। बताते चलें कि सभी बैंक MCLR की हर साल समीक्षा करती है। इस वजह से कम ब्याज दर होने पर भी ग्राहकों को इसका फायदा लेने के लिए पूरे एक साल इंतजार करना पड़ता है।
ग्राहकों को क्या होगा फायदा?
Enjoy the benefits of a reduction in the interest rate without waiting for a year.
— State Bank of India (@TheOfficialSBI) September 3, 2020
SBI has reduced the MCLR reset frequency from 1 year to 6 months.
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जानकारों का कहना है कि ज्यादातर लोग होम लोन या ऑटो लोन फ्लोटिंग रेट में ही लेते हैं। आरबीआई (RBI) द्वारा अगर रेपो रेट (Repo Rate) कम किया जाता है तो बैंक भी इसका फायदा ग्राहकों तक पहुंचाते हैं। लेकिन बैंक रेपो रेट कम होने के बावजूद ग्राहकों तक इसका फायदा साल में एक बार एमसीएलआर समीक्षा के बाद ही दे पाते हें। जानकार बताते हैं कि एसबीआई के नए फैसले का कर्ज लेने वालों को सीधा फायदा मिलने वाला है। अब कम ब्याज दर होने पर तुरंत इसका फायदा ग्राहकों को मिलेगा।