भारतीय क्रिकेट टीम इस समय घरेलू मैदान पर अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खेल रही है और सीरीज के शुरुआती दो मुकाबलों में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की है और 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। इस सीरीज में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहे हैं युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बरार, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना पर्दापण किया है। घरेलू क्रिकेट में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया में जगह बनाने वाले गुरनूर ने दोनों ही वनडे मैचों में अपनी गेंदबाजी से सभी को प्रभावित किया है। उन्होंने अब तक इस सीरीज में कुल 6 विकेट हासिल किए हैं और अपनी उपयोगिता साबित की है।
धर्मशाला और लखनऊ में शानदार प्रदर्शन
गुरनूर बरार ने अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में धर्मशाला के स्टेडियम में अपना डेब्यू किया। अपने पहले ही मैच में उन्होंने अपनी लंबाई और गति का फायदा उठाते हुए कुल 3 विकेट हासिल किए। इसके बाद लखनऊ में खेले गए दूसरे मुकाबले में भी उन्होंने अपनी लय बरकरार रखी और वहां भी 3 विकेट चटकाने में सफल रहे। 6 फुट 5 इंच लंबे इस गेंदबाज ने अपनी सटीक लाइन-लेंथ और उछाल से अफगान बल्लेबाजों को काफी परेशान किया है। उनके इस प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं और प्रशंसकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
रणजी ट्रॉफी से इंटरनेशनल क्रिकेट तक का सफर
न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए गुरनूर बरार ने अपने अंतरराष्ट्रीय डेब्यू और तैयारी के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि उनके लिए भारतीय-ए टीम में जगह बनाना ही एक बहुत बड़ी उपलब्धि थी। गुरनूर के अनुसार, अगर कोई खिलाड़ी रणजी ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करता है, तो उसे दलीप ट्रॉफी, ईरानी कप और फिर भारतीय-ए टीम के लिए चुना जाता है। उन्होंने बताया कि जब उन्हें इंडिया-ए टीम में शामिल किया गया था, तो वह बेहद खुश थे क्योंकि यह उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ था।
इंटरनेशनल क्रिकेट के अनुभव पर बात करते हुए गुरनूर ने कहा कि उनके लिए यह बिल्कुल वैसा ही था जैसे वह रणजी ट्रॉफी में गेंदबाजी करते थे। उन्होंने अपने बयान में स्पष्ट किया कि उन्होंने केवल अपनी गति, सही लाइन-लेंथ और गेंद को स्विंग कराने पर ही ध्यान केंद्रित किया। गुरनूर ने कहा, "मेरे लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाजी करना वैसा ही था जैसे मैं रणजी में करता था।
आईपीएल और दिग्गजों से मिली सीख
गुरनूर बरार ने अपनी सफलता में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के अनुभव को भी महत्वपूर्ण बताया और वह आईपीएल में गुजरात टाइटंस टीम का हिस्सा थे, जहां उन्हें दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों के साथ समय बिताने का मौका मिला। गुरनूर ने बताया कि गुजरात टाइटंस का माहौल बहुत अच्छा था और वहां उन्हें कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज और ईशांत शर्मा जैसे अनुभवी गेंदबाजों से बहुत कुछ सीखने को मिला। इन दिग्गजों के साथ अभ्यास करने और उनकी सलाह से गुरनूर को अपनी गेंदबाजी की बारीकियों को समझने में मदद मिली, जिसका फायदा अब उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रहा है।
2027 वर्ल्ड कप की तैयारी और अगला लक्ष्य
भारतीय टीम ने अफगानिस्तान के खिलाफ इस सीरीज के साथ ही साल 2027 में होने वाले वर्ल्ड कप की तैयारियां शुरू कर दी हैं। गुरनूर बरार को इस भविष्य की योजना का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है। अपने प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त करते हुए भी गुरनूर ने कहा कि वह और बेहतर कर सकते थे और " बता दें कि गुरनूर अब तक इस सीरीज में 6 विकेट ले चुके हैं और अब उनकी नजरें तीसरे वनडे पर हैं। भारत और अफगानिस्तान के बीच सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला 20 जून को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा।