गुवाहाटी में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जा रहा दूसरा टेस्ट मैच रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है, जहां तीसरे दिन के खेल की समाप्ति तक दक्षिण अफ्रीका ने भारत पर 300 से अधिक रनों की महत्वपूर्ण बढ़त बना ली है। इस मैच में दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज मार्को यानसन ने अपने शानदार प्रदर्शन से इतिहास रच दिया है, जिससे मेजबान टीम इंडिया संकट में घिर गई है।
भारत की पहली पारी का संघर्ष
मैच के तीसरे दिन भारत की पहली पारी महज 201 रनों पर सिमट गई, जिससे टीम को बड़ा झटका लगा और भारतीय बल्लेबाजी क्रम दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों के सामने संघर्ष करता नजर आया। इस पारी में केवल युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ही अर्धशतक जड़ने में कामयाब रहे। जायसवाल ने 7 चौके और 1 छक्के की मदद से 58 रनों की जुझारू पारी खेली, जो भारतीय पारी का सर्वोच्च स्कोर रहा और उनके अलावा, वाशिंगटन सुंदर ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया और 48 रन बनाकर अपने अर्धशतक से मात्र 2 रन से चूक गए। हालांकि, इन दो पारियों के अलावा कोई भी भारतीय बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में। सफल नहीं हो सका, जिससे टीम एक बड़े स्कोर तक पहुंचने में विफल रही।
मार्को यानसन का कहर बरपाना
भारतीय पारी को 201 रनों पर समेटने में दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज मार्को यानसन का अहम योगदान रहा। यानसन ने अपनी सटीक और घातक गेंदबाजी से भारतीय बल्लेबाजों को खूब परेशान किया। उन्होंने अकेले दम पर भारत की आधी से ज्यादा टीम को पवेलियन। का रास्ता दिखाया, जो उनके करियर का एक यादगार प्रदर्शन बन गया। यानसन ने 19. 5 ओवर में सिर्फ 48 रन देकर भारत के 6 प्रमुख बल्लेबाजों का शिकार किया। उनकी इस शानदार गेंदबाजी ने दक्षिण अफ्रीका को पहली पारी में एक बड़ी बढ़त दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
10 साल बाद दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज का कारनामा
मार्को यानसन ने अपनी इस बेहतरीन गेंदबाजी के साथ भारतीय सरजमीं पर एक बड़ा कारनामा कर दिखाया है। वह भारत की धरती पर टेस्ट क्रिकेट में 5 या उससे ज्यादा विकेट चटकाने वाले महज चौथे दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज बन गए हैं। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि 10 साल बाद भारत में कोई दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज टेस्ट में 5 विकेट हासिल करने में कामयाब हुआ है। इससे पहले, लांस क्लूसनर ने 1996 में, डेल स्टेन ने 2008 और 2010 में, और काइल एबॉट ने 2015 में यह बड़ा कारनामा किया था। यानसन का नाम अब इन दिग्गजों की सूची में शामिल हो गया है, जो उनकी प्रतिभा और क्षमता को दर्शाता है।
46 साल बाद बाएं हाथ के तेज गेंदबाज का अद्भुत रिकॉर्ड
मार्को यानसन का प्रदर्शन सिर्फ दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाजों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने एक और दुर्लभ रिकॉर्ड अपने नाम किया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि मार्को यानसन भारतीय सरजमीं पर टेस्ट में 5 या उससे ज्यादा विकेट लेने वाले दुनिया के सिर्फ चौथे बाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं। यह एक ऐसा कारनामा है जो 46 साल बाद देखने को मिला है। आखिरी बार ऑस्ट्रेलिया के ज्योफ डाइमॉक ने साल 1979 में कानपुर टेस्ट में 7 विकेटे लेने का कमाल किया था और उनसे पहले, इंग्लैंड के जॉन लीवर ने 1976 में 7 विकेट और ऑस्ट्रेलिया के एलन डेविडसन ने 1959 में 7 विकेट लेकर ऐसा किया था। यानसन का यह प्रदर्शन उन्हें क्रिकेट इतिहास की किताबों में एक विशेष स्थान दिलाता है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ, मार्को यानसन साल 1988 के बाद से भारत में टेस्ट में पांच विकेट लेने वाले तीसरे बाएं हाथ के तेज गेंदबाज भी बन गए हैं। उनसे पहले, भारतीय तेज गेंदबाज जहीर खान ने तीन बार और ऑस्ट्रेलिया के मिशेल जॉनसन ने 2010 में मोहाली में यह कारनामा किया था और यह दर्शाता है कि भारतीय पिचों पर बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों के लिए पांच विकेट लेना कितना चुनौतीपूर्ण रहा है, और यानसन ने इस चुनौती को सफलतापूर्वक पार किया है।
भारत पर हार का खतरा मंडरा रहा
यह गौरतलब है कि 2 मैचों की टेस्ट सीरीज में दक्षिण अफ्रीका पहले ही 1-0 से आगे चल रही है। अब दूसरे टेस्ट मैच में भी भारत पर हार का खतरा मंडरा रहा है। दक्षिण अफ्रीका ने अपनी पहली पारी में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 489 रन। बनाए थे, जिसके जवाब में भारतीय टीम 201 रनों पर ढेर हो गई। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक दक्षिण अफ्रीका ने 314 रनों की विशाल लीड हासिल कर ली है। इस स्थिति में, भारतीय टीम को मैच बचाने के लिए असाधारण प्रदर्शन करना होगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय गेंदबाज दक्षिण अफ्रीका की दूसरी पारी में किस तरह की गेंदबाजी करते हैं और क्या वे इस बड़ी बढ़त को कम कर पाते हैं या नहीं। भारतीय बल्लेबाजों को भी दूसरी पारी में चमत्कारिक प्रदर्शन करना होगा ताकि। मैच को बचाया जा सके या ड्रॉ की ओर ले जाया जा सके।