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H-1B वीजा पर बड़ा संकट: 3 साल की रोक और सख्त नियमों का प्रस्ताव, भारतीयों की बढ़ी चिंता

H-1B वीजा पर बड़ा संकट: 3 साल की रोक और सख्त नियमों का प्रस्ताव, भारतीयों की बढ़ी चिंता
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अमेरिका में नौकरी करने और वहां एक बेहतर भविष्य बनाने का सपना देखने वाले लाखों भारतीयों के लिए एक बड़ी चिंताजनक खबर सामने आई है। अमेरिकी राजनीति में H-1B वीजा को लेकर एक बार फिर से अत्यंत सख्त रुख अपनाया जा रहा है। रिपब्लिकन सांसदों के एक समूह ने अमेरिकी संसद में एक नया बिल पेश किया है, जिसका नाम ‘End H-1B Visa Abuse Act of 2026’ रखा गया है। इस प्रस्तावित कानून के तहत H-1B वीजा जारी करने की पूरी प्रक्रिया पर तीन साल के लिए रोक लगाने की बात कही गई है। इस तीन साल की अवधि के दौरान, अमेरिकी प्रशासन पूरे वीजा सिस्टम की समीक्षा करेगा और इसमें व्यापक बदलाव सुनिश्चित करेगा। इस कदम का प्राथमिक उद्देश्य अमेरिकी नागरिकों को स्थानीय नौकरियों में प्राथमिकता देना और मौजूदा सिस्टम की खामियों को दूर करना बताया गया है।

वीजा नियमों और कोटा में भारी कटौती का प्रस्ताव

इस नए बिल में H-1B वीजा की प्रक्रिया को और अधिक कठिन बनाने के लिए कई बड़े बदलावों का प्रस्ताव रखा गया है। वर्तमान में H-1B वीजा की सालाना सीमा 65,000 है, जिसे घटाकर केवल 25,000 करने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा, अब तक चले आ रहे लॉटरी सिस्टम को समाप्त कर उसकी जगह सैलरी आधारित चयन प्रक्रिया (Salary-based selection process) लागू करने का प्रस्ताव है। इस नई प्रक्रिया के तहत, वीजा प्राप्त करने के लिए न्यूनतम वार्षिक वेतन 2,00,000 डॉलर (2 लाख डॉलर) तय करने की बात कही गई है। साथ ही, कंपनियों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे इस बात का ठोस प्रमाण दें कि उन्हें उस पद के लिए कोई योग्य अमेरिकी कर्मचारी नहीं मिला है और उन्होंने हाल के दिनों में किसी भी कर्मचारी की छंटनी नहीं की है।

विदेशी कर्मचारियों और उनके परिवारों पर नई पाबंदियां

प्रस्तावित कानून में विदेशी कर्मचारियों के लिए काम करने की शर्तों को भी काफी कड़ा कर दिया गया है। बिल के अनुसार, H-1B वीजा धारक एक समय में एक से ज्यादा नौकरी नहीं कर पाएंगे। इसके साथ ही, थर्ड-पार्टी स्टाफिंग कंपनियों के माध्यम से नौकरी देने पर भी पूरी तरह से रोक लगाई जा सकती है और सबसे महत्वपूर्ण और चिंताजनक बदलावों में से एक यह है कि वीजा धारकों को अपने परिवार के सदस्यों को अमेरिका लाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, इस बिल में H-1B वीजा धारकों के लिए ग्रीन कार्ड (स्थायी निवास) की ओर जाने वाले रास्ते को भी बंद करने का प्रस्ताव शामिल है, जो लंबे समय तक अमेरिका में रहने की योजना बनाने वालों के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है।

भारतीय प्रोफेशनल्स और आईटी सेक्टर पर सीधा असर

इन प्रस्तावित बदलावों का सबसे व्यापक और सीधा असर भारतीय प्रोफेशनल्स पर पड़ने की संभावना है और ऐतिहासिक रूप से, H-1B वीजा का सबसे अधिक लाभ भारतीय पेशेवरों को ही मिलता रहा है, विशेषकर सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में। लाखों भारतीय युवा और अनुभवी पेशेवर इस वीजा के माध्यम से अमेरिका की दिग्गज कंपनियों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में, यदि यह बिल कानून का रूप लेता है, तो यह उनके करियर और भविष्य की योजनाओं को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। अमेरिका में H-1B वीजा लंबे समय से एक विवादास्पद और बहस का विषय रहा है, जहां कुछ राजनेता इसे अमेरिकी नौकरियों के लिए खतरा बताते हैं, वहीं अमेरिकी कंपनियां इसे तकनीकी कौशल की कमी (Skill Gap) को भरने के लिए अनिवार्य मानती हैं।

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