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हरियाणा महिला आयोग ने पवन सिंह को भेजा नोटिस, अंजलि राघव के आरोप

हरियाणा महिला आयोग ने पवन सिंह को भेजा नोटिस, अंजलि राघव के आरोप
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हरियाणा राज्य महिला आयोग ने भोजपुरी फिल्म अभिनेता और गायक पवन सिंह को एक आधिकारिक नोटिस जारी कर तलब किया है। यह कार्रवाई हरियाणवी अभिनेत्री और डांसर अंजलि राघव द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई है। अंजलि राघव ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान पवन सिंह ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया था। आयोग ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पवन सिंह को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।

घटना का विवरण और अंजलि राघव के आरोप

शिकायत के अनुसार, यह पूरा मामला 29 अगस्त 2025 को लखनऊ में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम से जुड़ा है। अंजलि राघव ने अपनी शिकायत में उल्लेख किया है कि वह उस कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति देने के लिए मंच पर मौजूद थीं। उसी दौरान पवन सिंह भी मंच पर थे और अंजलि का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पवन सिंह ने उनकी कमर पर हाथ रखा और उन्हें गलत तरीके से छुआ। अभिनेत्री ने इसे अपनी गरिमा के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह कृत्य उनकी सहमति के बिना किया गया था। अंजलि के अनुसार, इस घटना ने उन्हें मानसिक रूप से आहत किया है और उन्होंने इसे पेशेवर मर्यादा का उल्लंघन माना है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और छवि को नुकसान

अंजलि राघव ने अपनी शिकायत में एक और गंभीर आरोप लगाया है और उनका कहना है कि घटना के समय वहां मौजूद पवन सिंह के सहयोगियों ने इस कृत्य का वीडियो बनाया और उसे जान-बूझकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया। अंजलि का दावा है कि इस वीडियो को वायरल करने का उद्देश्य उनकी सार्वजनिक छवि को धूमिल करना था। वीडियो के इंटरनेट पर आने के बाद पवन सिंह को व्यापक स्तर पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। अंजलि ने आयोग से मांग की है कि न केवल दुर्व्यवहार के लिए, बल्कि वीडियो को गलत इरादे से फैलाने के लिए भी पवन सिंह और उनके साथियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

पवन सिंह की पूर्व में दी गई सफाई और माफी

विवाद बढ़ने के बाद, पवन सिंह ने 31 अगस्त को सार्वजनिक रूप से इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने एक बयान जारी कर इस घटना के लिए माफी मांगी थी और हालांकि, अंजलि राघव ने इस माफी को नाकाफी बताया है। उनका तर्क है कि सार्वजनिक माफी से उनकी गरिमा को पहुंची ठेस और उनकी छवि को हुए नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती। अंजलि ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले को कानूनी अंजाम तक ले जाना चाहती हैं ताकि भविष्य में किसी अन्य महिला कलाकार के साथ इस तरह की घटना न हो।

हरियाणा महिला आयोग की कार्रवाई और सुनवाई की तिथि

हरियाणा महिला आयोग ने अंजलि राघव की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। आयोग ने पवन सिंह को नोटिस भेजकर 2 अप्रैल को फरीदाबाद में आयोग के समक्ष पेश होने का आदेश दिया है। आयोग के अधिकारियों के अनुसार, इस सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी और उपलब्ध साक्ष्यों, विशेष रूप से वायरल वीडियो की जांच की जाएगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।

अंजलि राघव का बयान और पेशेवर प्रभाव

इस घटना के बाद अंजलि राघव ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से अपनी नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से फिल्म और मनोरंजन उद्योग में काम करने वाली महिलाओं का मनोबल गिरता है। अंजलि ने यह भी संकेत दिया कि वह इस तरह के माहौल के कारण इंडस्ट्री से दूरी बनाने पर विचार कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पवन सिंह के साथियों द्वारा वीडियो को वायरल करना एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। वर्तमान में, यह मामला भोजपुरी और हरियाणवी मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की नजरें 2 अप्रैल को होने वाली आयोग की सुनवाई पर टिकी हैं।

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