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हिमाचल निकाय चुनाव में बीजेपी की प्रचंड जीत: 2027 से पहले कांग्रेस को लगा बड़ा झटका

हिमाचल निकाय चुनाव में बीजेपी की प्रचंड जीत: 2027 से पहले कांग्रेस को लगा बड़ा झटका
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हिमाचल प्रदेश में हुए नगर निगम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी जीत का परचम लहराया है। साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले आए इन नतीजों को राज्य की राजनीति में एक बड़े उलटफेर के रूप में देखा जा रहा है। शहरी क्षेत्रों के मतदाताओं ने इस बार कांग्रेस से अपना मुंह मोड़ लिया है, जिससे सत्ताधारी दल को करारा झटका लगा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस हार को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है और कहा है कि पार्टी इन नतीजों की गहराई से समीक्षा करेगी। इस जीत के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं का हौसला सातवें आसमान पर है और वे इसे आगामी विधानसभा चुनावों के लिए एक शुभ संकेत मान रहे हैं।

नगर निगम चुनावों का विस्तृत परिणाम

हिमाचल प्रदेश के चार प्रमुख नगर निगमों सोलन, मंडी, धर्मशाला और पालमपुर में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली। इन चार में से तीन सीटों पर बीजेपी ने कब्जा जमाया है। सोलन में बीजेपी ने 17 में से 10 वार्डों में जीत हासिल की, जो कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका है। मंडी नगर निगम में बीजेपी का दबदबा पूरी तरह कायम रहा, जहां पार्टी ने 14 में से 12 सीटें अपने नाम कीं। धर्मशाला में भी बीजेपी ने अपना परचम लहराते हुए 17 में से 11 सीटों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस केवल पालमपुर में ही अपनी साख बचाने में कामयाब रही, जहां उसने 15 में से 11 वार्डों में जीत हासिल की। इन नतीजों ने शहरी क्षेत्रों में कांग्रेस की पकड़ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जिला परिषद चुनावों में बीजेपी का बड़ा दावा

नगर निगमों में शानदार जीत के बाद बीजेपी ने जिला परिषद चुनावों में भी भारी बढ़त का दावा किया है। सोमवार को बीजेपी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पार्टी ने जिला परिषद की कुल 251 सीटों में से 190 से अधिक सीटों पर जीत हासिल की है। बीजेपी के अनुसार, ये नतीजे साफ तौर पर इशारा करते हैं कि प्रदेश की जनता मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के कामकाज से खुश नहीं है। पार्टी का मानना है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जनता ने बीजेपी की नीतियों पर भरोसा जताया है। हालांकि, कांग्रेस इन दावों को अलग नजरिए से देख रही है, लेकिन आंकड़ों के लिहाज से बीजेपी का पलड़ा भारी नजर आ रहा है।

मुख्यमंत्री सुक्खू की स्वीकारोक्ति और समीक्षा

हार के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इस तरह के नतीजों की उम्मीद नहीं थी और उन्होंने विशेष रूप से सोलन के नतीजों पर हैरानी जताई। सीएम सुक्खू ने कहा कि सोलन क्षेत्र में हमारे 5 विधायक होने के बावजूद हम वहां एक भी निकाय सीट नहीं जीत सके, जो कि चिंता का विषय है। उन्होंने स्वीकार किया कि निश्चित रूप से हमसे कुछ गलतियां हुई हैं और पार्टी के अंदरूनी कामकाज के तरीकों पर विचार करने की जरूरत है। हालांकि, उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अगर सभी 53 शहरी निकायों को देखा जाए, तो कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर रहा है। उनके अनुसार, कांग्रेस ने कुल 29 निकायों पर कब्जा किया है, जबकि बीजेपी 21 पर सिमट गई और 3 निकायों में मुकाबला बराबरी पर रहा।

चुनाव की समयसीमा और महत्वपूर्ण तारीखें

हिमाचल प्रदेश में स्थानीय निकायों के चुनाव विभिन्न चरणों में संपन्न हुए। नगर परिषदों और नगर पंचायतों सहित शहरी स्थानीय निकायों के लिए मतदान 17 मई को हुआ था। इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया शुरू हुई। ग्राम पंचायतों, प्रधान और उप प्रधान, पंचायत समिति और जिला परिषद के सदस्यों के चुनाव तीन चरणों में आयोजित किए गए थे और ये चरण 26 मई, 28 मई और 30 मई को पूरे हुए। इन चुनावों के नतीजों ने राज्य की राजनीतिक दिशा को एक नया मोड़ दे दिया है। जहां कांग्रेस अब अपनी कमियों को सुधारने और जमीनी स्तर पर टीम को मजबूत करने की बात कर रही है, वहीं बीजेपी इन नतीजों को 2027 की जीत का आधार मान रही है।

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