IND vs NZ ODI: राजकोट में टीम इंडिया का खराब रिकॉर्ड, न्यूजीलैंड के खिलाफ रहना होगा सावधान!

IND vs NZ ODI - राजकोट में टीम इंडिया का खराब रिकॉर्ड, न्यूजीलैंड के खिलाफ रहना होगा सावधान!
| Updated on: 14-Jan-2026 06:00 AM IST
भारतीय क्रिकेट टीम बुधवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ राजकोट में दूसरे वनडे मैच के लिए मैदान में उतरेगी। हालांकि भारतीय टीम काफी मजबूत मानी जाती है और न्यूजीलैंड के सामने अक्सर अच्छा प्रदर्शन करती है, लेकिन राजकोट के इस स्टेडियम में भारत का वनडे ट्रैक रिकॉर्ड कुछ खास नहीं रहा है। टीम इंडिया को यहां अपने प्रदर्शन को लेकर विशेष सावधानी बरतनी होगी, क्योंकि अतीत के आंकड़े उसके पक्ष में नहीं हैं।

राजकोट में भारत का वनडे रिकॉर्ड

राजकोट के इस स्टेडियम पर भारतीय टीम ने अब तक कुल चार वनडे मैच खेले हैं। इन चार मुकाबलों में से टीम इंडिया को केवल एक में जीत। मिली है, जबकि तीन मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि यह मैदान भारतीय टीम के लिए उतना भाग्यशाली नहीं रहा है जितना कि देश के अन्य स्टेडियम। इस खराब रिकॉर्ड को देखते हुए, न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी मैच में टीम को अपनी रणनीति पर गंभीरता से विचार करना होगा।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी मिली हार

राजकोट के इस स्टेडियम पर पहला वनडे मुकाबला साल 2013 में खेला गया था। इस मैच में भारत का सामना इंग्लैंड से हुआ था। दुर्भाग्यवश, भारतीय टीम को अपने घरेलू मैदान पर खेले गए पहले ही वनडे में हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड ने यह मैच 9 रनों के मामूली अंतर से अपने नाम किया था, जो भारत के लिए एक निराशाजनक शुरुआत थी। साल 2013 के बाद, 2015 में भारतीय टीम ने इसी मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक और वनडे मैच खेला। इस मुकाबले में भी भारत को हार का मुंह देखना पड़ा। दक्षिण अफ्रीका ने यह मैच 18 रनों से जीता था, जिससे राजकोट में भारत के खराब रिकॉर्ड की पुष्टि हुई। लगातार दो हार ने टीम के लिए इस मैदान को एक चुनौती बना दिया था।

पहली जीत और फिर हार का सिलसिला

राजकोट में भारतीय टीम को अपनी पहली जीत का स्वाद साल 2020 में मिला, जब उसने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक वनडे मैच खेला। इस मैच में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 36 रनों से हराया था, जिससे प्रशंसकों को उम्मीद जगी थी कि टीम का भाग्य बदल गया है। हालांकि, यह खुशी ज्यादा समय तक नहीं रही, क्योंकि साल 2023 में जब भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच फिर से इसी मैदान पर मुकाबला हुआ, तो इस बार ऑस्ट्रेलिया ने 66 रनों से बाजी मार ली। यह हार एक बार फिर राजकोट में भारत के संघर्ष को उजागर करती है।

टॉस की भूमिका और पहले बल्लेबाजी का महत्व

राजकोट में खेले गए मैचों के आंकड़ों पर गौर करें तो एक दिलचस्प पैटर्न सामने आता है। अब तक इस मैदान पर जो भी टीम जीती है, वह पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम थी। भारतीय टीम ने अपनी एकमात्र जीत भी तब हासिल की थी जब उसने पहले बल्लेबाजी की थी और यह तथ्य आगामी मैच में टॉस की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बना देता है। यदि यही ट्रैक रिकॉर्ड जारी रहता है, तो जो टीम पहले बल्लेबाजी करेगी, उसकी जीत की संभावना अधिक होगी।

300+ स्कोर का महत्व

अगर कोई टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए इस मैच में 300 से अधिक का। स्कोर बनाने में कामयाब रहती है, तो उसे चेज़ कर पाना आसान नहीं होगा। यह इस स्टेडियम की एक खास दिक्कत रही है कि बड़े स्कोर का पीछा करना मुश्किल होता है। भारतीय टीम की बल्लेबाजी लाइनअप काफी मजबूत है, जिसमें विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ी लगातार रन बना रहे हैं। इसके साथ ही, शुभमन गिल ने भी हाल के मैचों में कुछ। अच्छे हाथ दिखाए हैं, जो टीम के लिए राहत की बात है। अब देखना यह होगा कि क्या टीम इंडिया साल 2020 के बाद राजकोट में एक और जीत हासिल करने में कामयाब होगी और अपने खराब रिकॉर्ड को सुधार पाएगी।

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