न्यूजीलैंड दौरे से चौंकाने वाला बाहर होना: गिल के भरोसेमंद और घातक स्पिनर का पत्ता साफ

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न्यूजीलैंड दौरे से चौंकाने वाला बाहर होना: गिल के भरोसेमंद और घातक स्पिनर का पत्ता साफ
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए जब भारतीय टेस्ट टीम का ऐलान किया गया, तो उसमें सबसे चौंकाने वाला फैसला युवा बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार को लेकर सामने आया और राजस्थान के इस युवा गेंदबाज को 15 सदस्यीय स्क्वॉड से ही बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है, जबकि उन्होंने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद शानदार प्रदर्शन किया था और वो टीम के एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभर रहे थे। मानव सुथार ने इसी साल जून में अफगानिस्तान के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया था और इसके तुरंत बाद श्रीलंका दौरे पर दोनों टेस्ट मैचों की प्लेइंग-11 का मुख्य हिस्सा रहे थे। इतनी शानदार शुरुआत और सनसनीखेज आंकड़ों के बावजूद सुथार को टीम में जगह न मिलना क्रिकेट फैंस को हैरान कर रहा है, खासकर तब जब वो इस अहम दौरे के लिए बेहद गंभीरता से और मानसिक रूप से तैयारी कर रहे थे।

मानव सुथार ने इंटरनेशनल टेस्ट क्रिकेट में कदम रखते ही अपनी फिरकी का ऐसा जादू बिखेरा था कि उन्हें भविष्य के एक बड़े स्पिनर और पहली पसंद के रूप में देखा जाने लगा था। 35 की औसत से कुल 23 विकेट चटकाए थे। उनके इस आक्रामक और धारदार प्रदर्शन ने रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव जैसे स्थापित दिग्गजों पर भी चयन के लिहाज से दबाव बना दिया था। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में रवींद्र जडेजा की शानदार बल्लेबाजी क्षमता और लोअर ऑर्डर में टीम को स्थिरता देने का हुनर अंततः टीम कॉम्बिनेशन में संतुलन बनाए रखने के लिए मानव सुथार पर भारी पड़ गया। चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट ने अनुभव और बल्लेबाजी संतुलन को तरजीह दी, जिसका खामियाजा इस युवा गेंदबाज को भुगतना पड़ा है।

मानव सुथार को टीम से बाहर रखने के पीछे कोई तकनीकी खामी या उनके फॉर्म में आई किसी भी तरह की गिरावट नहीं, बल्कि न्यूजीलैंड की खेल परिस्थितियां बहुत बड़ी वजह मानी जा रही हैं। एशियाई टीमों के खिलाफ मुकाबलों के दौरान न्यूजीलैंड आमतौर पर बेहद हरी-भरी, तेज और अतिरिक्त उछाल वाली ग्रीन टॉप पिचें तैयार करता है। ऐसी तेज गेंदबाजी के अनुकूल और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भारतीय टीम शायद ही प्लेइंग-11 में एक से ज्यादा स्पिनर को मैदान पर उतारने का जोखिम ले पाए। जब सिर्फ एक ही स्पिनर के साथ मैदान पर उतरने की मजबूरी या रणनीति हो, तो टीम मैनेजमेंट हमेशा उस अनुभवी ऑलराउंडर को प्राथमिकता देता है जो बल्ले से भी योगदान दे सके। इसके चलते मानव सुथार के लिए 15 सदस्यीय स्क्वॉड में भी जगह बना पाना बेहद मुश्किल साबित हुआ, हालांकि उन्होंने इससे पहले इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलते हुए भी अपनी गेंदबाजी की गहरी छाप छोड़ी थी।

दिलचस्प बात यह है कि मानव सुथार इस दौरे के लिए अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ रहे थे और हाल ही में रणजी ट्रॉफी 2026-27 के दौरान द इंडियन एक्सप्रेस के साथ एक विशेष बातचीत के दौरान सुथार ने न्यूजीलैंड दौरे को लेकर अपनी खास तैयारियों का खुलकर खुलासा किया था। सुथार ने उस बातचीत में कहा था कि मैं मानसिक रूप से उन पिचों के लिए खुद को पूरी तरह तैयार कर रहा हूं जैसी हमें न्यूजीलैंड में मिल सकती हैं और मैं यह गहराई से समझने की कोशिश कर रहा हूं कि वहां मेरे लिए कौन सी लाइन और गति सबसे अधिक उपयुक्त साबित होगी। उन्होंने आगे विस्तार से बताते हुए कहा था कि मैं वहां की पिचों के बर्ताव का सटीक अंदाजा लगाने के लिए पुराने मैचों के वीडियो बार-बार देख रहा हूं और मेरा पूरा ध्यान लगातार बेहतरीन निरंतरता बनाए रखने पर केंद्रित है और मैं पिच के हिसाब से बेस्ट लेंथ भांपने की पूरी कोशिश कर रहा हूं, साथ ही बल्लेबाज से लगभग 4 से 5 मीटर की दूरी पर गेंद टप्पा खिलाने की लगातार प्रैक्टिस कर रहा हूं। लेकिन अंततः खेल की परिस्थितियों, टीम कॉम्बिनेशन और रणनीतिक गणित ने फिलहाल इस प्रतिभावान युवा खिलाड़ी को टेस्ट टीम से दूर कर दिया है।

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