रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 से 12 वर्षों के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था का आकार दोगुना हो गया है। मंगलवार को श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने जानकारी दी कि इस समय देश की जीडीपी ग्रोथ यानी सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर लगभग 7 दशमलव 8 प्रतिशत बनी हुई है। यह आंकड़ा भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाता है और पिछले एक दशक में लागू किए गए आर्थिक सुधारों की सफलता को रेखांकित करता है।
वैश्विक विकास में भारत का योगदान
राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। उन्होंने बताया कि भारत वैश्विक आर्थिक विकास में 16 प्रतिशत से भी अधिक का योगदान दे रहा है। रक्षा मंत्री के अनुसार, भारत ने यह गौरवशाली मुकाम अपनी लगातार मजबूत होती अर्थव्यवस्था और ठोस आर्थिक नीतियों के दम पर हासिल किया है। उन्होंने कहा कि भारत का आर्थिक ढांचा अब पहले से कहीं अधिक गतिशील और लचीला हो गया है।
10 से 12 साल में दोगुनी हुई अर्थव्यवस्था
रक्षा मंत्री ने भारत की आर्थिक यात्रा का ऐतिहासिक विवरण भी साझा किया। उन्होंने कहा कि आजादी मिलने के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर के स्तर तक पहुंचने में लगभग 60 साल का लंबा समय लगा था। साल 2014 तक देश की अर्थव्यवस्था का आकार करीब 2 ट्रिलियन डॉलर था। इसके बाद के पिछले 10 से 12 वर्षों में इसका आकार लगभग दोगुना हो गया है। उन्होंने इस बात पर भी ध्यान आकर्षित किया कि जब दुनिया के कई विकसित और विकासशील देश आर्थिक विकास की गंभीर चुनौतियों और मंदी का सामना कर रहे हैं, तब भी भारत की जीडीपी ग्रोथ 7 दशमलव 8 प्रतिशत पर स्थिर बनी हुई है।
महंगाई पर नियंत्रण और निर्यात में भारी बढ़ोतरी
अपने भाषण के दौरान राजनाथ सिंह ने महंगाई के आंकड़ों पर भी चर्चा की और उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल में औसत महंगाई दर लगभग 4 दशमलव 7 प्रतिशत रही है। उन्होंने इसकी तुलना पिछली कांग्रेस सरकार से करते हुए कहा कि उस समय महंगाई 10 से 11 प्रतिशत के उच्च स्तर तक पहुंच गई थी। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि निवेश और निर्यात के मामले में भारत की वैश्विक हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है और साल 2014 में भारत से होने वाले निर्यात की वैल्यू 45 लाख करोड़ रुपये थी, जो साल 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार बढ़कर 79 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।
38 देशों के साथ व्यापार समझौते और ईयू डील
रक्षा मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले 12 सालों में भारत ने 38 देशों के साथ महत्वपूर्ण ट्रेड डील्स यानी व्यापार समझौते किए हैं। उन्होंने विशेष रूप से भारत और यूरोपियन यूनियन (ईयू) के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का उल्लेख किया, जिसे मदर ऑफ ऑल डील्स कहा जा रहा है। यह समझौता भारत के लिए लगभग 27 ट्रिलियन डॉलर के विशाल ईयू मार्केट के दरवाजे खोलता है, जिससे भारतीय व्यवसायों को वैश्विक स्तर पर बड़ी बढ़त मिलेगी।
गरीबी में कमी और डिजिटल क्रांति का प्रभाव
देश में गरीबी कम करने की दिशा में हुए कार्यों पर प्रकाश डालते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी का स्तर जो पहले 18 दशमलव 4 प्रतिशत था, वह साल 2022-23 में घटकर मात्र 2 दशमलव 8 प्रतिशत रह गया है। इसी तरह, शहरी क्षेत्रों में भी गरीबी 10 दशमलव 7 प्रतिशत से घटकर 1 दशमलव 1 प्रतिशत पर आ गई है। इसके साथ ही उन्होंने पिछले दस-बारह वर्षों में हुई डिजिटल क्रांति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज हर व्यक्ति के हाथ में स्मार्टफोन है, जिससे सभी सरकारी और निजी सेवाएं सुलभ हो गई हैं। साल 2014 में देश में केवल 6 करोड़ ब्रॉडबैंड कनेक्शन थे, जिनकी संख्या आज बढ़कर 100 करोड़ तक पहुंच गई है।