सोने के आयात में 58 प्रतिशत की भारी गिरावट चांदी का इंपोर्ट 127 प्रतिशत बढ़ा

Add as Preferred Source on Google News
विज्ञापन
सोने के आयात में 58 प्रतिशत की भारी गिरावट चांदी का इंपोर्ट 127 प्रतिशत बढ़ा
विज्ञापन

भारत में कीमती धातुओं के आयात परिदृश्य में अगस्त 2026 के दौरान एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, देश में सोने के आयात में 57 दशमलव 75 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस जबरदस्त कमी के कारण अगस्त महीने में सोने का कुल आयात घटकर 2 अरब 30 करोड़ डॉलर रह गया है। सोने के आयात में आई इस बड़ी गिरावट का मुख्य कारण भारत सरकार द्वारा सीमा शुल्क यानी कस्टम ड्यूटी में की गई भारी बढ़ोतरी को माना जा रहा है। सरकार ने 13 मई से कीमती धातुओं पर लगने वाले आयात शुल्क को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 15 प्रतिशत कर दिया था, जिसका सीधा असर अब बाजार पर दिखाई दे रहा है।

व्यापार घाटे पर सकारात्मक प्रभाव

सोने के आयात में आई इस भारी कमी का सीधा लाभ देश के व्यापार संतुलन को मिला है और अगस्त के महीने में देश का व्यापार घाटा घटकर 5 महीने के निचले स्तर पर आ गया है, जो अब 26 अरब 86 करोड़ डॉलर दर्ज किया गया है। आमतौर पर भारत के आयात बिल में सोने की एक बड़ी हिस्सेदारी होती है, और इसमें कमी आने से विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम हुआ है। आंकड़ों के अनुसार, देश के कुल आयात में सोने की हिस्सेदारी 5 प्रतिशत से ज्यादा रही है। यह गिरावट दर्शाती है कि आयात शुल्क में वृद्धि का उद्देश्य सफल रहा है और सोने की मांग में अस्थाई रूप से कमी आई है।

चांदी के आयात में बंपर तेजी

जहां एक तरफ सोने के आयात में गिरावट आई है, वहीं दूसरी तरफ चांदी के आयात में 127 प्रतिशत की बंपर तेजी देखने को मिली है। अगस्त 2026 में भारत का चांदी का आयात बढ़कर 1 अरब 2 करोड़ डॉलर हो गया है। अगर हम चालू वित्त वर्ष 2026-27 की बात करें, तो अप्रैल से अगस्त के दौरान सोने का आयात 3 दशमलव 38 प्रतिशत बढ़कर 17 अरब 47 करोड़ डॉलर रहा है। इसके विपरीत, इसी अवधि के दौरान चांदी का आयात 8 दशमलव 81 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1 अरब 74 करोड़ डॉलर दर्ज किया गया है। अगस्त में चांदी के आयात में आई यह अचानक तेजी बाजार के बदलते रुख की ओर इशारा करती है।

आयात के प्रमुख स्रोत और स्विट्जरलैंड की भूमिका

अगस्त के महीने में भारत ने सबसे ज्यादा सोने का आयात स्विट्जरलैंड से किया है। भारत के कुल गोल्ड इंपोर्ट में स्विट्जरलैंड की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत रही है, जिससे यह सोने का सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है। हालांकि, स्विट्जरलैंड से होने वाले कुल आयात में 45 दशमलव 4 प्रतिशत की गिरावट आई है और यह 1 अरब 28 करोड़ डॉलर रह गया है। स्विट्जरलैंड के बाद, भारत ने अपने कुल गोल्ड इंपोर्ट का 16 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से मंगवाया है। इस सूची में दक्षिण अफ्रीका करीब 10 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ तीसरे स्थान पर रहा है।

निर्यात और आयात के अन्य आंकड़े

अगस्त 2026 में भारत के वस्तु निर्यात में भी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है। सालाना आधार पर निर्यात 26 दशमलव 12 प्रतिशत की जोरदार तेजी के साथ 43 अरब 81 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया है। इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में सबसे मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई और वहीं, अगस्त में देश का कुल आयात भी 14 दशमलव 1 प्रतिशत बढ़कर 70 अरब 76 करोड़ डॉलर रहा है। चांदी के अलावा कच्चे तेल, परियोजना वस्तुओं, इलेक्ट्रॉनिक सामान, कोयला और कोक के आयात में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है और ये आंकड़े बताते हैं कि सोने के आयात में कमी के बावजूद अन्य क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियां काफी तेज रही हैं।

विज्ञापन