भारत अमेरिका ट्रेड डील पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, कहा जल्द होगा ऐतिहासिक समझौता

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भारत अमेरिका ट्रेड डील पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, कहा जल्द होगा ऐतिहासिक समझौता
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भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों को लेकर एक बहुत ही बड़ा और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात की पुष्टि की है कि भारत और अमेरिका ट्रेड डील यानी व्यापार समझौते के काफी करीब पहुंच चुके हैं और मंगलवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच होने वाला यह व्यापार समझौता अब तक किए गए अन्य समझौतों से काफी अलग और अनूठा होगा। ट्रंप के इस बयान ने वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक और आर्थिक गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी है, जिससे यह साफ हो गया है कि दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी एक नए और उन्नत स्तर पर पहुंचने के लिए पूरी तरह तैयार है।

ओवल ऑफिस में डोनाल्ड ट्रंप का बयान

मंगलवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ व्यापार समझौते की वर्तमान स्थिति पर खुलकर बात की। एक सवाल के जवाब में डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दृढ़ता के साथ कहा कि वे यानी भारत के लोग और सरकार समझौता करना चाहते हैं और हम भी समझौता करेंगे। उन्होंने आगे पुष्टि करते हुए कहा कि हां, हम इस समझौते के काफी करीब आ चुके हैं। ट्रंप ने विशेष रूप से जोर देकर कहा कि यह समझौता अब तक किए गए हमारे सभी पिछले समझौतों से काफी अलग तरह का होगा। उनके इस बयान से यह संकेत मिलता है कि इस आगामी व्यापार समझौते की शर्तें और रूपरेखा पारंपरिक समझौतों से हटकर कुछ नई और रणनीतिक प्राथमिकताओं पर आधारित होंगी।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का भारत दौरा

डोनाल्ड ट्रंप का यह महत्वपूर्ण बयान ठीक ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो आधिकारिक तौर पर भारत की यात्रा पर हैं। अपनी इस भारत यात्रा के दौरान मार्को रुबियो ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत और प्रगाढ़ बनाने के लिए व्यापक स्तर पर चर्चा की है। इस दौरान उन्होंने व्यापार, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, रक्षा और दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संबंधों जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया। रुबियो की यह यात्रा दोनों देशों के बीच के उच्च स्तरीय राजनीतिक संवाद का एक अहम हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य लंबित पड़े व्यापारिक मुद्दों को जल्द से जल्द एक तार्किक और सकारात्मक निष्कर्ष तक पहुंचाना है।

जल्द ही फाइनल हो सकती है डील

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए मीडिया को यह जानकारी दी कि दोनों पक्ष इस व्यापारिक एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं और अब इस दिशा में केवल कुछ ही मुद्दों पर बात होनी बाकी है। मार्को रुबियो ने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि मैं यह कहूंगा कि हम बिना किसी एग्रीमेंट के जितना करीब हो सकते हैं, इस समय उतने ही करीब हैं। उन्होंने आगे यह भी जोड़ा कि मुझे पूरी उम्मीद है कि कुछ ही चीजें ऐसी बाकी हैं जिन्हें पूरी तरह से पूरा किया जाना है और रुबियो ने यह भी आशा जताई कि ये बचे हुए छोटे-मोटे मुद्दे भी बहुत जल्द सुलझा लिए जाएंगे, जिससे इस महत्वपूर्ण ट्रेड डील की औपचारिक घोषणा का रास्ता पूरी तरह से साफ हो जाएगा। उन्होंने यह भी संभावना जताई कि संभवतः इसके बाद दोनों देशों के शीर्ष नेता इस ऐतिहासिक समझौते पर अपने हस्ताक्षर कर सकते हैं।

पीयूष गोयल और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि की मुलाकात

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को जमीन पर उतारने के लिए दोनों तरफ से प्रशासनिक स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इसी महीने की शुरुआत में अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान मिल्वॉकी और वाशिंगटन का दौरा किया था। वहां उन्होंने व्यापार समझौते की सभी बारीक और महत्वपूर्ण बारीकियों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर से मुलाकात की थी। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और जैमीसन ग्रीर के बीच हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में दोनों देशों के व्यापारिक हितों को संतुलित करने पर गहन मंथन किया गया था ताकि किसी भी पक्ष को असुविधा न हो।

बीटीए के पहले चरण की रूपरेखा और शुल्क नीतियां

यह भी उल्लेखनीय है कि भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते यानी बीटीए के पहले चरण के लिए रूपरेखा को इसी साल फरवरी के महीने में अंतिम रूप दिए जाने की औपचारिक घोषणा की थी। हालांकि इसके बाद अमेरिका में शुल्क संबंधी नीतियों यानी टैरिफ पॉलिसीज में कुछ बदलाव और फेरबदल देखने को मिले, जिसके कारण इस समझौते पर आगे की बातचीत को जारी रखना पड़ा और इसमें कुछ समय लगा। इसके बावजूद दोनों देशों के वार्ताकार लगातार संपर्क में रहे और हर अड़चन को पार करने का प्रयास करते रहे ताकि दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को इसका पूरा लाभ मिल सके।

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और एस जयशंकर के बयान

भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम के दौरान एक बहुत बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि दोनों देशों ने इस व्यापार समझौते से जुड़े सभी अहम और जटिल मसलों को सफलताપૂર્વક हल कर लिया है और वे बहुत जल्द ही इस समझौते को जमीन पर उतारने वाले हैं यानी इसे पूरी तरह से लागू करने वाले हैं और इसके अलावा भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी दोनों देशों के बीच चल रही इस बातचीत को लेकर लगातार सकारात्मक उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा है कि दोनों पक्ष इस पर अंतिम फैसला लेंगे और इसे सफलतापूर्वक लागू करेंगे। हालांकि इन तमाम नेताओं के बयानों से यह बात तो पूरी तरह तय लग रही है कि यह डील होकर रहेगी, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप का यह कहना कि यह पहले से एक अलग तरह की डील होगी, इस बात की ओर इशारा करता है कि इसकी अंतिम शर्तों और प्रावधानों को लेकर अभी भी कुछ स्थितियां पूरी तरह स्पष्ट होना बाकी हैं।

रूस से जुड़े निर्यात प्रतिबंधों और शुल्कों पर बड़ी राहत

इस पूरी व्यापारिक और कूटनीतिक हलचल के बीच पिछले हफ्ते ट्रंप प्रशासन ने भारत को एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण राहत पहुंचाई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से जुड़े निर्यात पर लगने वाले कई तरह के प्रतिबंधों और शुल्कों यानी टैरिफ को पूरी तरह से हटा दिया है। ये सभी प्रतिबंध और शुल्क एक विशेष कानून के तहत लागू होने वाले थे, जिस कानून पर खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ठीक पिछले महीने ही हस्ताक्षर किए थे। शुक्रवार की देर रात जारी किए गए एक कार्यकारी आदेश में इस बात की पुष्टि करते हुए ट्रंप ने कहा कि मैं ग्राहम एक्ट यानी Graham Act के तहत लगाए गए इन तमाम प्रतिबंधों और शुल्कों को लागू करने से पूर्ण छूट दे रहा हूं। उन्होंने आगे यह भी बताया कि मैंने अमेरिकी कांग्रेस को एक औपचारिक प्रमाण पत्र भी सौंपा है, जिसमें यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वर्तमान समय में इस प्रकार की छूट देना संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के सर्वोच्च राष्ट्रीय हित में है। इस फैसले से भारत को रणनीतिक और आर्थिक मोर्चे पर काफी बड़ी राहत मिली है।

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