टी20 वर्ल्ड कप 2026 के एक महत्वपूर्ण मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टूर्नामेंट का नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए इस मैच में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 48 रनों की आक्रामक साझेदारी की। यह साझेदारी न केवल इस मैच के लिए महत्वपूर्ण रही, बल्कि इसने मौजूदा विश्व कप में भारतीय ओपनिंग जोड़ी के पिछले सभी प्रदर्शनों को पीछे छोड़ दिया है। अधिकारियों और सांख्यिकीय आंकड़ों के अनुसार, भारत ने इस टूर्नामेंट में पहली बार पावरप्ले के दौरान इतनी ठोस शुरुआत हासिल की है।
रिकॉर्ड तोड़ साझेदारी का सांख्यिकीय विवरण
जिम्बाब्वे के खिलाफ भारतीय पारी की शुरुआत करते हुए अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने मात्र 23 गेंदों पर 48 रन जोड़ दिए। इस साझेदारी में संजू सैमसन ने अधिक आक्रामक रुख अपनाया और 15 गेंदों का सामना करते हुए 24 रनों का योगदान दिया। दूसरी ओर, अभिषेक शर्मा ने 8 गेंदों पर 17 रन बनाकर उनका बखूबी साथ निभाया। भारतीय टीम ने जैसे ही पारी का 27वां रन पूरा किया, वैसे ही इस विश्व कप में भारत की सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी का पिछला रिकॉर्ड टूट गया। यह साझेदारी तब समाप्त हुई जब संजू सैमसन को जिम्बाब्वे के गेंदबाज मुजरबानी ने अपना शिकार बनाया।
पिछले पांच मैचों की तुलना में प्रदर्शन
इस टूर्नामेंट में भारतीय ओपनिंग जोड़ी के प्रदर्शन पर नजर डालें तो जिम्बाब्वे के खिलाफ हुई यह 48 रनों की साझेदारी पिछले पांच मैचों के कुल योग से भी अधिक है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच मुकाबलों में भारतीय सलामी बल्लेबाजों ने मिलकर कुल 34 रन ही जोड़े थे। टूर्नामेंट की शुरुआत से ही भारत को एक स्थिर शुरुआत के लिए संघर्ष करना पड़ रहा था, लेकिन अभिषेक और सैमसन की इस जोड़ी ने उस सूखे को समाप्त कर दिया। यह आंकड़ा दर्शाता है कि टीम इंडिया के शीर्ष क्रम ने इस मैच में अपनी रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।
पावरप्ले में भारतीय टीम का दबदबा
संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा द्वारा दी गई तेज शुरुआत का असर भारत के पावरप्ले स्कोर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। 48 रनों की ओपनिंग पार्टनरशिप ने आने वाले बल्लेबाजों के लिए एक मजबूत मंच तैयार किया। सैमसन के आउट होने के बाद भी रनों की गति कम नहीं हुई। अभिषेक शर्मा ने अपनी बल्लेबाजी शैली में बदलाव लाते हुए विकेट पर टिकने का फैसला किया और टीम के स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया। पावरप्ले के अंत तक भारतीय टीम ने स्कोर बोर्ड पर 80 रन लगा दिए थे, जो इस टूर्नामेंट में उनके सबसे सफल पावरप्ले प्रदर्शनों में से एक है।
अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की जुगलबंदी
संजू सैमसन के पवेलियन लौटने के बाद अभिषेक शर्मा को ईशान किशन का साथ मिला। अभिषेक शर्मा, जो पिछले चार मैचों में संघर्ष करते नजर आ रहे थे, जिम्बाब्वे के खिलाफ पूरी तरह से अलग लय में दिखे। उन्होंने न केवल बड़े शॉट खेले बल्कि स्ट्राइक रोटेट करने पर भी ध्यान दिया। ईशान किशन के साथ मिलकर उन्होंने पारी को आगे बढ़ाया और जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। इन दोनों बल्लेबाजों ने पावरप्ले के ओवरों का भरपूर फायदा उठाया और विपक्षी टीम की गेंदबाजी लाइन-अप को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया।