दुबई के क्रिकेट मैदान पर एक बार फिर वही कहानी दोहराई गई जिसने पूरे खेल जगत को हैरान कर दिया और भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने विमेंस टी20 एशिया कप 2026 के फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया, लेकिन असली ड्रामा मैच खत्म होने के बाद शुरू हुआ। भारतीय टीम ने जीत के बाद एक ऐसा कड़ा रुख अपनाया जिसने पीसीबी चेयरमैन और एसीसी चीफ मोहसिन नकवी को असहज स्थिति में डाल दिया। भारतीय खिलाड़ियों ने मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी स्वीकार करने से साफ तौर पर इनकार कर दिया। यह घटना खेल के मैदान पर एक बड़ी कूटनीतिक और व्यक्तिगत बेइज्जती के रूप में देखी जा रही है।
मैदान पर भारत का दबदबा और श्रीलंका की हार
13 सितंबर 2026 को खेले गए इस ऐतिहासिक फाइनल मुकाबले में भारतीय महिला टीम का सामना श्रीलंका से था। भारत ने खेल के हर विभाग में बेहतरीन प्रदर्शन किया और श्रीलंका को 72 रन के बड़े अंतर से शिकस्त दी। इस बड़ी जीत के साथ ही भारत ने एशिया कप की ट्रॉफी पर अपना कब्जा सुनिश्चित कर लिया। 72 रन की यह जीत भारतीय टीम के कौशल और मेहनत का प्रमाण थी, लेकिन इस जीत की खुशी के बीच एक बड़ा विवाद तब खड़ा हो गया जब प्रेजेंटेशन सेरेमनी की बारी आई।
ट्रॉफी लेने से इनकार और नकवी का इंतजार
मैच खत्म होने के बाद पीसीबी चेयरमैन और एसीसी चीफ होने के नाते मोहसिन नकवी ट्रॉफी देने के लिए स्टेज पर पहुंचे। वह वहां खड़े होकर भारतीय टीम का इंतजार करने लगे। बताया जा रहा है कि मोहसिन नकवी लगभग 15 से 20 मिनट तक स्टेज पर खड़े रहे और इस उम्मीद में थे कि भारतीय टीम आएगी और उनसे ट्रॉफी लेगी। लेकिन भारतीय महिला टीम ने आपस में चर्चा करने के बाद यह कड़ा फैसला लिया कि वे मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी नहीं लेंगी। 15 से 20 मिनट के लंबे इंतजार के बाद जब यह स्पष्ट हो गया कि टीम इंडिया नहीं आएगी, तो स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई।
स्टेडियम छोड़कर भागे मोहसिन नकवी
सरेआम हुई इस फजीहत और अपमान के बाद मोहसिन नकवी के पास वहां से जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। वह बेहद असहज नजर आए और स्टेडियम छोड़कर बाहर की तरफ जाने लगे। चश्मदीदों के मुताबिक वह काफी तेज कदमों से चलते हुए स्टेडियम के बाहर चले गए। भारतीय टीम के इस फैसले ने नकवी को पूरी दुनिया के सामने एक शर्मनाक स्थिति में खड़ा कर दिया।
ट्रॉफी चोर के नारों से गूंजा स्टेडियम
जैसे ही मोहसिन नकवी स्टेडियम से बाहर निकलने लगे, वहां मौजूद क्रिकेट फैंस ने उन्हें देखते ही नारेबाजी शुरू कर दी। फैंस ने उन्हें देख ट्रॉफी चोर के नारे लगाए। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का यह गुस्सा और नारेबाजी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह नकवी के बाहर जाते समय लोग उन्हें ट्रॉफी चोर कहकर संबोधित कर रहे थे।
350 दिन पुरानी कहानी का दोहराव
यह पहली बार नहीं है जब मोहसिन नकवी को भारतीय टीम के हाथों इस तरह की जिल्लत झेलनी पड़ी है। ठीक 350 दिन पहले भी उनके साथ कुछ ऐसा ही हुआ था। 13 सितंबर 2026 की यह घटना 350 दिन पहले यानी 28 सितंबर 2026 को हुई घटना की याद दिलाती है। हालांकि तारीखों के इस क्रम में 2025 का भी जिक्र है जब भारत की मेंस टीम ने मोहसिन नकवी से एशिया कप का खिताब लेने से मना कर दिया था। 2025 में जो अपमान मेंस टीम ने किया था, वही कहानी अब 2026 में महिला टीम ने दोहरा दी है। फर्क सिर्फ इतना था कि इस बार मेंस एशिया कप की जगह विमेंस एशिया कप था और भारतीय मेंस टीम की जगह भारतीय महिला टीम ने मोर्चा संभाल रखा था।