भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भारी बिकवाली और हाहाकार के बीच इंडियाबुल्स लिमिटेड (Indiabulls Limited) के शेयरों ने निवेशकों को मालामाल कर दिया है और 70 पर लॉक हो गया। कंपनी के शानदार तिमाही नतीजों और रियल एस्टेट कारोबार में हुए तगड़े मुनाफे ने निवेशकों के बीच इस पेनी स्टॉक को खरीदने की होड़ मचा दी है। महज 19 रुपये के इस शेयर ने सिर्फ एक महीने की अवधि में ही निवेशकों का पैसा दोगुना से अधिक कर दिया है।
बाजार की गिरावट के बीच स्टॉक का शानदार प्रदर्शन
गुरुवार का दिन निवेशकों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा, जहां सेंसेक्स 1200 पॉइंट से ज्यादा गोता लगाकर 76,259 के स्तर पर आ गया और निफ्टी में भी करीब 350 पॉइंट की भारी गिरावट देखी गई। इस लाल निशान वाले गिरते बाजार में भी इंडियाबुल्स लिमिटेड ने विपरीत दिशा में चलते हुए निवेशकों की झोली भर दी और 93 रुपये के अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर पर था, जहां से अब तक इसमें 120 फीसदी से ज्यादा का उछाल दर्ज किया जा चुका है। 91 रुपये (अक्टूबर 2025) से महज 6 फीसदी की दूरी पर है।
तिमाही नतीजों और मुनाफे के आंकड़े
शेयर में आई इस बंपर तेजी का सबसे बड़ा कारण कंपनी के मार्च तिमाही (Q4FY26) के दमदार वित्तीय परिणाम हैं। 4 फीसदी की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की है। 31 मार्च को समाप्त हुई तिमाही के दौरान कंपनी का टैक्स चुकाने के बाद शुद्ध मुनाफा (PAT) 194 करोड़ रुपये रहा, जबकि कुल राजस्व 418 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY26) की बात करें, तो कंपनी ने 880 करोड़ रुपये के कुल राजस्व पर 346 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया है। 3% रहा, जो इसके परिचालन की कुशलता को दर्शाता है।
रियल एस्टेट और ब्रोकिंग कारोबार में विस्तार
कंपनी की प्रगति में उसके रियल एस्टेट कारोबार की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही है। चौथी तिमाही में अकेले इस सेगमेंट ने 143 करोड़ रुपये का योगदान दिया। 6 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में कुल 909 यूनिट्स बेचे गए। इस अवधि में 400 करोड़ रुपये की रिकवरी भी हुई है। कंपनी वर्तमान में दिल्ली एनसीआर, मुंबई और लुधियाना जैसे बड़े बाजारों में 2 करोड़ से 6 करोड़ रुपये तक के लग्जरी और मिड-इनकम घरों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। भविष्य के लिए कंपनी के पास 21,000 करोड़ रुपये से अधिक की ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) के प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में मौजूद हैं।
विलय के बाद कंपनी द्वारा अपनी रणनीति में किए गए बदलाव और रियल एस्टेट सेक्टर पर मुख्य ध्यान केंद्रित करने का निर्णय सफल साबित हो रहा है। स्टॉक ब्रोकिंग क्षेत्र में भी ग्राहकों का आधार तेजी से बढ़ा है, जिससे कंपनी की वित्तीय स्थिति और मजबूत हुई है। एसेट रिकंस्ट्रक्शन बिजनेस में 288 करोड़ रुपये की शानदार रिकवरी ने कंपनी के समग्र प्रदर्शन को और बेहतर बनाया है।