इंडिगो फ्लाइट की जयपुर में मेडिकल इमरजेंसी लैंडिंग, यात्री की बिगड़ी थी तबीयत

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इंडिगो फ्लाइट की जयपुर में मेडिकल इमरजेंसी लैंडिंग, यात्री की बिगड़ी थी तबीयत
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राजस्थान के जयपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है जहां इंडिगो की एक फ्लाइट की मेडिकल इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। यह पूरा मामला इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E-6852 से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, उड़ान के दौरान एक यात्री की तबीयत अचानक बहुत ज्यादा बिगड़ गई, जिसके बाद विमान के पायलट ने जयपुर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करने का महत्वपूर्ण फैसला लिया। यह विमान अपनी निर्धारित यात्रा पर था जब यह चिकित्सा संकट उत्पन्न हुआ।

इंडिगो फ्लाइट 6E-6852 की घटना का विवरण

इंडिगो की यह फ्लाइट सूरत से जयपुर के लिए उड़ान भर रही थी। सफर के दौरान ही विमान में सवार एक यात्री की सेहत अचानक खराब होने लगी। जैसे ही इस बात की जानकारी केबिन क्रू को मिली, उन्होंने तुरंत सक्रियता दिखाई। विमान के भीतर ही यात्री को प्राथमिक उपचार दिया गया ताकि उनकी स्थिति को स्थिर किया जा सके। हालांकि, काफी प्रयासों के बाद भी यात्री की तबीयत में कोई सुधार नहीं देखा गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए और यात्री की जान को प्राथमिकता देते हुए, मेडिकल इमरजेंसी लैंडिंग का निर्णय लिया गया।

बुधवार शाम को करीब 5:36 बजे इंडिगो की इस फ्लाइट ने जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की। एयरपोर्ट अथॉरिटी को इस स्थिति के बारे में पहले ही सूचित कर दिया गया था, जिससे लैंडिंग के समय सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं रनवे पर तैयार थीं। विमान के उतरते ही एयरपोर्ट की मेडिकल टीम ने यात्री को अपने संरक्षण में ले लिया। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, यात्री को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल भिजवाया गया है, जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है।

अकासा एयर की फ्लाइट में भी हुई ऐसी ही घटना

हवाई सफर के दौरान चिकित्सा आपातकाल का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले मंगलवार को मुंबई से वाराणसी जा रही अकासा एयर की फ्लाइट QP-1429 में भी इसी तरह की स्थिति पैदा हुई थी। यह फ्लाइट मंगलवार शाम 5:15 बजे मुंबई एयरपोर्ट से वाराणसी के लिए रवाना हुई थी। उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद, सुनील कुमार जायसवाल नाम के एक यात्री की तबीयत अचानक खराब हो गई। उनके साथ यात्रा कर रहे दो अन्य यात्रियों ने तुरंत क्रू मम्बर्स को इस बारे में जानकारी दी।

जिस समय यात्री की तबीयत बिगड़ी, उस समय विमान शिरडी के ऊपर से गुजर रहा था। यात्री की गंभीर स्थिति को देखते हुए पायलट ने विमान को वापस मुंबई ले जाने का फैसला किया और वहां इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। इस पूरी प्रक्रिया और मेडिकल इमरजेंसी के कारण फ्लाइट अपने गंतव्य वाराणसी करीब 2 घंटे की देरी से पहुंची। यात्री सुनील कुमार जायसवाल को मुंबई में आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान की गई।

मेडिकल इमरजेंसी लैंडिंग की मानक प्रक्रिया

विमानन क्षेत्र में किसी भी मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए एक निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाता है। इसमें सबसे पहले केबिन क्रू द्वारा शुरुआती जांच की जाती है। क्रू स्थिति का आकलन करता है और यह पता लगाने की कोशिश करता है कि क्या विमान में कोई डॉक्टर या चिकित्सा पेशेवर मौजूद है जो मदद कर सके। इसके बाद पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के बीच बातचीत होती है। यदि स्थिति गंभीर होती है, तो पायलट ATC को सूचित करता है और प्राथमिकता के आधार पर लैंडिंग की अनुमति मांगता है।

तीसरे चरण में जमीन पर तैयारियां की जाती हैं। एयरपोर्ट पर एम्बुलेंस, मेडिकल टीमें और सुरक्षा कर्मियों को पहले से ही अलर्ट कर दिया जाता है ताकि विमान के उतरते ही समय बर्बाद न हो। अंतिम चरण में तुरंत इलाज सुनिश्चित किया जाता है। लैंडिंग के तुरंत बाद मरीज को मेडिकल टीम को सौंप दिया जाता है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए पास के अस्पताल ले जाया जाता है। इन सभी कदमों का उद्देश्य यात्री की जान बचाना और विमान की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है।

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