भारत की प्रमुख विमानन कंपनी इंडिगो ने मैनचेस्टर के लिए अपनी उड़ान सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करने का एक बड़ा फैसला लिया है। एयरलाइन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह निलंबन 31 अगस्त 2026 से प्रभावी होगा। इस निर्णय के पीछे मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध और इसके परिणामस्वरूप उत्पन्न हुआ एयरस्पेस संकट बताया जा रहा है। इंडिगो ने स्पष्ट किया है कि मैनचेस्टर रूट पर उड़ानों का यह ठहराव केवल कुछ समय के लिए है और अन्य देशों के लिए संचालित होने वाली सभी लंबी दूरी की उड़ानें अपनी पूर्व निर्धारित समय सारणी के अनुसार चलती रहेंगी और कंपनी ने उन यात्रियों को भरोसा दिलाया है जिन्होंने इस रूट के लिए पहले से बुकिंग कर रखी है कि उनके हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
विमानों की वापसी और बेड़े पर प्रभाव
उड़ानें बंद होने के कारण इंडिगो अपने बेड़े में शामिल बड़े विमानों की संख्या में भी कटौती करने जा रही है। एयरलाइन ने नॉर्स अटलांटिक एयरवेज से लीज पर लिए गए 6 बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर विमानों में से एक विमान को वापस करने का निर्णय लिया है। इन विमानों को वर्ष 2025 में लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों, विशेष रूप से यूरोप के प्रमुख शहरों को जोड़ने के लिए बेड़े में शामिल किया गया था। मैनचेस्टर रूट के बंद होने से विमानों की आवश्यकता कम हो गई है, जिसके चलते कंपनी ने लीज पर लिए गए इन ड्रीमलाइनर विमानों में से एक को संबंधित कंपनी को वापस लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बढ़ती लागत और हवाई क्षेत्र के प्रतिबंध
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव ने विमानन क्षेत्र के लिए कई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। कई देशों द्वारा अपने एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) पर प्रतिबंध लगाए जाने के कारण उड़ानों के रूट काफी लंबे हो गए हैं। रास्ता लंबा होने की वजह से विमानों में हवाई ईंधन यानी एटीएफ (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) की खपत बहुत बढ़ गई है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की बढ़ती कीमतों और विदेशी मुद्रा, विशेषकर डॉलर और रुपये के बीच होने वाले उतार-चढ़ाव ने एयरलाइन की परिचालन लागत को काफी ऊपर पहुंचा दिया है। इंडिगो का कहना है कि इस रूट के लिए जो लागत अनुमानित की गई थी, वर्तमान परिस्थितियों में खर्च उससे कहीं अधिक हो गया है, जिससे परिचालन जारी रखना आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो गया है।
यात्रियों के लिए रिफंड और वैकल्पिक व्यवस्था
इंडिगो ने प्रभावित यात्रियों के लिए राहत की घोषणा की है। एयरलाइन ने कहा है कि जिन यात्रियों ने 31 अगस्त 2026 के बाद की उड़ानों के लिए टिकट बुक किए हैं, उनके लिए कंपनी या तो यात्रा का दूसरा वैकल्पिक रास्ता खोजेगी या फिर उनके टिकट के पूरे पैसे रिफंड करेगी। गौरतलब है कि मैनचेस्टर के लिए इंडिगो की उड़ानों का संचालन पिछले साल जुलाई में ही शुरू किया गया था। कंपनी का कहना है कि यात्रियों की सुविधा उनकी प्राथमिकता है और इस बदलाव के दौरान उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
युद्ध की पृष्ठभूमि और वैश्विक प्रभाव
अमेरिका और ईरान के बीच इस भीषण जंग की शुरुआत इसी साल 28 फरवरी को हुई थी। उस दिन अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त रूप से ईरान पर बड़ा हमला किया था, जिसमें ईरान के सैन्य ठिकानों, एयर डिफेंस सिस्टम और सरकारी बुनियादी ढांचे पर कई मिसाइलें दागी गई थीं। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई सहित कई प्रमुख नेताओं की मृत्यु हो गई। इस कार्रवाई के जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी और इजराइली ठिकानों को निशाना बनाया और होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से गुजरने वाले जहाजों पर ड्रोन हमले किए। ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को बंद किए जाने के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर विमानन ईंधन की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय उड़ान मार्गों पर पड़ा है।