भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के लिए डिसीजन रिव्यू सिस्टम (DRS) के नियमों में एक बड़ा बदलाव लागू किया है। क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, अब एक डीआरएस अपील के दौरान केवल उसी विशिष्ट निर्णय की समीक्षा की जाएगी जिसके लिए टीम ने अनुरोध किया है। पिछले सत्रों तक, यदि किसी टीम ने कैच के लिए डीआरएस लिया था, तो अंपायर उसी प्रक्रिया में अन्य पहलुओं जैसे कि वाइड बॉल या लेग-बिफोर-विकेट (LBW) की भी जांच कर लेते थे। नए नियमों के तहत, अब इस 'मल्टी-चेक' व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है।
15 सेकंड की समय सीमा और खिलाड़ियों की जिम्मेदारी
नए नियमों के अनुसार, यदि फील्डिंग टीम कैच के लिए डीआरएस लेती है, तो टीवी अंपायर केवल कैच की वैधता की जांच करेगा और यदि बल्लेबाज को लगता है कि गेंद उसके बल्ले से नहीं लगी थी और वह वाइड थी, तो उसे स्वयं डीआरएस की मांग करनी होगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि बल्लेबाज को यह अपील खेल रुकने के शुरुआती 15 सेकंड के भीतर ही करनी होगी। टीवी अंपायर द्वारा फील्डिंग टीम की अपील पर फैसला सुनाए जाने के बाद, बल्लेबाज को अलग से अपील करने के लिए अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम खेल की गति को तेज करने के लिए उठाया गया है।
कनकशन सब्स्टीट्यूट के लिए नए दिशा-निर्देश
बीसीसीआई ने कनकशन सब्स्टीट्यूट (सिर में चोट लगने पर खिलाड़ी का विकल्प) के नियमों में भी बदलाव किया है। अब यदि किसी खिलाड़ी को कनकशन के कारण मैदान से बाहर जाना पड़ता है, तो उसकी जगह लेने वाला खिलाड़ी उन्हीं 5 खिलाड़ियों में से होना चाहिए जिन्हें मैच की शुरुआत में 'इम्पैक्ट सब्स्टीट्यूट' के रूप में नामांकित किया गया था। विकेटkeeper के मामले में, यदि टीम के पास इम्पैक्ट सब्स्टीट्यूट सूची में कोई विकेटकीपर नहीं है, तो मैच के लिए घोषित मूल स्क्वाड में से किसी अन्य खिलाड़ी को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है।
विदेशी खिलाड़ियों के प्रतिस्थापन पर प्रतिबंध
विदेशी खिलाड़ियों के कनकशन सब्स्टीट्यूट को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। नियमों के अनुसार, एक विदेशी खिलाड़ी के स्थान पर दूसरा विदेशी खिलाड़ी तभी मैदान पर आ सकता है जब टीम की प्लेइंग-11 में पहले से ही केवल 3 विदेशी खिलाड़ी शामिल हों। यदि टीम पहले से ही 4 विदेशी खिलाड़ियों के साथ खेल रही है, तो कनकशन की स्थिति में केवल एक भारतीय खिलाड़ी ही विकल्प के रूप में मैदान पर उतर सकेगा। यह नियम टीमों को विदेशी खिलाड़ियों के कोटे का उल्लंघन करने से रोकने के लिए बनाया गया है।
मैच अधिकारियों द्वारा कप्तानों को ब्रीफिंग
आईपीएल 2026 के आधिकारिक सत्र की शुरुआत से पहले, बीसीसीआई ने सभी 10 टीमों के कप्तानों के साथ एक विशेष बैठक आयोजित की थी। इस बैठक में बीसीसीआई के मैच रेफरी प्रमुख जवागल श्रीनाथ और अंपायर प्रमुख नितिन मेनन ने इन नए नियमों के तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन बदलावों का उद्देश्य खेल की गति को बनाए रखना और डीआरएस के रणनीतिक दुरुपयोग को कम करना है। यह सुनिश्चित किया गया है कि सभी टीमें इन संशोधनों से पूरी तरह अवगत हों।