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ईरान का बड़ा फैसला: होर्मुज में बिना टोल गुजरेंगे जहाज, ओमान सीमा पर प्रस्ताव

ईरान का बड़ा फैसला: होर्मुज में बिना टोल गुजरेंगे जहाज, ओमान सीमा पर प्रस्ताव
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ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों के गुजरने के लिए एक नया और महत्वपूर्ण प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव के मुख्य प्रावधान के अनुसार, जो भी जहाज ओमान की सीमा के करीब से गुजरेंगे, ईरान उनके मार्ग में कोई दखलअंदाजी नहीं करेगा। इसका सीधा अर्थ यह है कि इन जहाजों को अब किसी भी प्रकार का टोल टैक्स नहीं देना होगा। यह निर्णय क्षेत्र में जारी तनाव के बीच ईरान द्वारा एक बड़े कूटनीतिक और रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

ओमान का रुख और ईरान का नया प्रस्ताव

होर्मुज में टोल को लेकर ईरान द्वारा रखे गए इस नए प्रस्ताव के पीछे ओमान का रुख एक बड़ी वजह माना जा रहा है। ओमान ने पहले ही यह घोषणा कर दी थी कि वह प्राकृतिक समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से कोई टोल नहीं लेगा। ओमान का तर्क था कि टोल वसूलने से दुनिया भर में अव्यवस्था बढ़ सकती है। ओमान के इसी रुख को देखते हुए ईरान ने अब अपनी नीति में नरमी दिखाई है और समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि तेहरान का प्राथमिक उद्देश्य अपनी सीमाओं को सुरक्षित रखना है। विचाराधीन प्रस्ताव के अनुसार, यदि अमेरिका और ईरान के बीच पूर्ण युद्ध विराम (Ceasefire) पर सहमति बनती है, तो इस प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से अमल में लाया जाएगा, जिससे जहाजों का आवागमन सुगम हो सकेगा।

वर्तमान टोल व्यवस्था और प्रतिबंधों का प्रभाव

ईरान का यह प्रस्ताव वैश्विक व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि वर्तमान में ईरान ने अमेरिकी हमलों के खतरे को देखते हुए पूरे होर्मुज क्षेत्र को ब्लॉक कर रखा है। अभी की स्थिति में, किसी भी जहाज को होर्मुज से गुजरने के लिए ईरान की औपचारिक अनुमति की आवश्यकता होती है। इसके अतिरिक्त, ईरान वर्तमान में प्रत्येक जहाज से 2 मिलियन डॉलर का भारी-भरकम टोल वसूल रहा है। अब तक ईरान इस टोल सिस्टम को अधिकृत करने और इसे सख्ती से लागू करने पर अड़ा हुआ था, लेकिन नए प्रस्ताव के माध्यम से उसने अपने कड़े रुख में बदलाव के संकेत दिए हैं।

भौगोलिक चुनौतियां और रणनीतिक दांव

होर्मुज जलडमरूमध्य की कुल चौड़ाई लगभग 34 किलोमीटर है, जिसका अधिकांश हिस्सा ईरान के नियंत्रण में आता है। हालांकि, ओमान की सीमा से लगने वाला होर्मुज का हिस्सा काफी उथला है और वहां पानी का स्तर कम है और भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि इस उथले इलाके से बहुत बड़े जहाजों (Large Vessels) को ले जाना तकनीकी रूप से काफी चुनौतीपूर्ण और मुश्किल होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान इस भौगोलिक वास्तविकता से भली-भांति परिचित है, और इसीलिए उसने ओमान की सीमा के पास से टोल-फ्री मार्ग का दांव खेला है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए होर्मुज की अनिवार्यता

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में से एक है। फारस की खाड़ी से ओमान की खाड़ी में प्रवेश करने का यह एकमात्र रास्ता है। दुनिया के कुल तेल उत्पादन की लगभग 20 प्रतिशत आपूर्ति इसी मार्ग के जरिए सुनिश्चित की जाती है। इराक, सऊदी अरब, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देशों के लिए यह मार्ग जीवनरेखा के समान है। एशिया और यूरोप के अधिकांश देशों तक तेल और गैस की निर्बाध आपूर्ति इसी रास्ते पर निर्भर करती है। यही कारण है कि जब ईरान ने इस मार्ग को अवरुद्ध किया, तो वैश्विक बाजारों में हलचल मच गई थी और ईरान वर्तमान में फारस की खाड़ी में स्थित अपने 4 प्रमुख द्वीपों के माध्यम से इस पूरे समुद्री मार्ग को नियंत्रित करता है।

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