विज्ञापन

ईरान का दावा: अमेरिकी जहाज पर दागी मिसाइल, आईआरजीसी ने लिया बदला

ईरान का दावा: अमेरिकी जहाज पर दागी मिसाइल, आईआरजीसी ने लिया बदला
विज्ञापन

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरानी मीडिया रिपोर्टों ने एक बड़ा दावा किया है और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने पनामा के ध्वज वाले एक मालवाहक जहाज को क्रूज मिसाइल से निशाना बनाने की जिम्मेदारी ली है। ईरान की सेना का दावा है कि यह जहाज अमेरिकी स्वामित्व वाला एमएससी सरिस्का वी है। यह घटना सोमवार को खाड़ी क्षेत्र में हुई, जहां एक कार्गो शिप पर दो बड़े धमाके होने की खबर सामने आई थी। ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसके सुरक्षा बलों ने इराक के उम्म कसर बंदरगाह के पास इस जहाज को निशाना बनाया है।

उम्म कसर के पास हुई घटना का विवरण

इराकी बंदरगाह कंपनी के मीडिया विभाग ने भी इस बात की पुष्टि की है कि जहाज को उम्म कसर के पास देखा गया था और इराकी अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह हमला इराक के उम्म कसर पोर्ट से लगभग 40 समुद्री मील साउथ ईस्ट में हुआ। ईरानी समाचार चैनल IRINN के मुताबिक, ईरान के ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) की नौसेना ने इस पूरी सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया है और आईआरजीसी का कहना है कि यह कार्रवाई ओमान के तट के निकट एक ईरानी पोत को निशाना बनाकर किए गए पिछले हमले के सीधे प्रतिशोध में की गई थी।

प्रतिशोध और आईआरजीसी का आधिकारिक रुख

आईआरजीसी ने इस हमले को एक जवाबी कार्रवाई के रूप में पेश किया है। ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आईआरजीसी ने यह कदम ओमान के तट के निकट एक ईरानी पोत को निशाना बनाकर किए गए पिछले हमले के सीधे प्रतिशोध में उठाया है। ईरान का यह दावा ऐसे समय में आया है जब अरब सागर से गुजर रहे एक कार्गो शिप पर अज्ञात मिसाइल से हमले की खबरें आई थीं, जिससे इराक के तट पर एक बड़ा विस्फोट हुआ और घटना की जांच शुरू कर दी गई।

यूकेएमटीओ की रिपोर्ट और चालक दल की सुरक्षा

ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा निगरानी संगठन, यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि पोत को उम क़सर से लगभग 40 समुद्री मील यानी करीब 74 किमी साउथ ईस्ट में यात्रा करते समय उसके दाहिने हिस्से पर निशाना बनाया गया था। समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने जानकारी दी कि टक्कर के बाद एक बहुत ही जोरदार विस्फोट हुआ। हालांकि, राहत की बात यह रही कि प्रभावित जहाज पर सवार चालक दल के सभी सदस्य बिना किसी चोट के सुरक्षित बच गए। यूकेएमटीओ ने पुष्टि की कि पोत अपने अगले बंदरगाह की ओर अपनी यात्रा जारी रखने की स्थिति में था और इस घटना से किसी भी प्रकार की पर्यावरणीय क्षति की जानकारी नहीं मिली है।

विरोधाभासी दावे और यांत्रिक खराबी की संभावना

गल्फ न्यूज की एक रिपोर्ट में इराक के अलसुमारिया न्यूज के हवाले से बताया गया है कि जहाज की पहचान पनामा ध्वज वाले एमएससी सारिस्का वी के रूप में हुई है। नेटवर्क ने जानकारी दी कि उम क़सर बंदरगाह पर माल उतारने का काम पूरा होने के बाद, जहाज इराकी क्षेत्रीय जल सीमा के भीतर, बोया नंबर पांच के पास विस्फोट का शिकार हुआ। हालांकि, आईआरजीसी के मिसाइल हमले के दावों के विपरीत, कुछ प्रारंभिक आकलन यह संकेत दे रहे हैं कि यह विस्फोट किसी बाहरी हमले के बजाय जहाज के भीतर हुई किसी यांत्रिक खराबी के कारण हो सकता है। एक सुरक्षा सूत्र ने बताया कि जांच में अब तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो सके कि जहाज को जानबूझकर किसी दुश्मन द्वारा निशाना बनाया गया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि जहाज पर सवार सभी कर्मी सुरक्षित हैं और नुकसान केवल जहाज की संरचना तक ही सीमित रहा।

विज्ञापन