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ईरान का अमेरिका को नया प्रस्ताव: होर्मुज स्ट्रेट और युद्ध पर पहले समझौता

ईरान का अमेरिका को नया प्रस्ताव: होर्मुज स्ट्रेट और युद्ध पर पहले समझौता
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ईरान ने संयुक्त राज्य अमेरिका को एक नया कूटनीतिक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा से पहले होर्मुज स्ट्रेट को खोलने और चल रहे युद्ध को समाप्त करने की मांग की गई है। अमेरिकी अधिकारियों और इस संवेदनशील मामले की जानकारी रखने वाले दो सूत्रों ने इस प्रस्ताव की पुष्टि की है। इस घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस द्वारा साझा की गई है और वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत पूरी तरह से गतिरोध की स्थिति में है, क्योंकि ईरान के भीतर इस बात को लेकर गहरे मतभेद हैं कि परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका को कितनी रियायतें दी जानी चाहिए। इसी पृष्ठभूमि में ईरान चाहता है कि पहले कम जटिल और आसान मुद्दों पर सहमति बनाकर एक त्वरित समझौता किया जाए और परमाणु जैसे गंभीर विषय पर बातचीत को बाद के चरण के लिए टाल दिया जाए।

ट्रंप की रणनीति और आगामी उच्च स्तरीय बैठक

यदि अमेरिका ईरान के इस नए प्रस्ताव को स्वीकार कर लेता है, तो इससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बनाया गया कूटनीतिक और आर्थिक दबाव कम हो सकता है और ट्रंप का प्राथमिक लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम के पूरे भंडार को समाप्त करे और यूरेनियम संवर्धन की सभी गतिविधियों को पूरी तरह रोक दे। अमेरिकी रणनीतिकारों का मानना है कि यदि युद्ध पहले ही समाप्त हो जाता है और होर्मुज स्ट्रेट खुल जाता है, तो भविष्य की परमाणु वार्ताओं में अमेरिका के पास सौदेबाजी की शक्ति कम हो जाएगी और इसी संदर्भ में, राष्ट्रपति ट्रंप सोमवार को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति टीम के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करने वाले हैं, जिसमें ईरान के साथ जारी गतिरोध और भविष्य की रणनीति पर गहन चर्चा की जाएगी।

अब्बास अरागची का कूटनीतिक दौरा और पाकिस्तान में गतिरोध

बातचीत का संकट उस समय और अधिक गहरा गया जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची का पाकिस्तान दौरा बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गया। प्रारंभिक योजना के अनुसार, अमेरिकी प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर को इस्लामाबाद में अरागची से मुलाकात करनी थी, लेकिन ईरान की ओर से समय पर स्पष्ट प्रतिक्रिया न मिलने के कारण राष्ट्रपति ट्रंप ने इस दौरे को रद्द कर दिया। ट्रंप ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में प्रतिनिधियों को 18 घंटे की लंबी उड़ान पर भेजने का कोई औचित्य नहीं है, क्योंकि फोन पर भी उतनी ही सुगमता से बात की जा सकती है। रविवार को अरागची ने ओमान की राजधानी मस्कट में अधिकारियों से मुलाकात कर होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति पर चर्चा की, जिसके बाद वे पुनः इस्लामाबाद गए। सोमवार को अरागची के रूस जाकर राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से मिलने की भी संभावना है।

विवाद के मुख्य बिंदु और व्हाइट हाउस की आधिकारिक प्रतिक्रिया

सूत्रों के अनुसार, अब्बास अरागची ने पाकिस्तान, मिस्र, तुर्की और कतर के मध्यस्थों को स्पष्ट किया है कि अमेरिकी मांगों को लेकर ईरान के नेतृत्व में एकराय नहीं बन पाई है। अमेरिका की स्पष्ट मांग है कि ईरान कम से कम 10 साल तक यूरेनियम संवर्धन रोके और अपने मौजूदा संवर्धित यूरेनियम को देश से बाहर भेजे। इसके विपरीत, ईरान का नया प्रस्ताव मुख्य रूप से होर्मुज स्ट्रेट को खोलने और अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने पर केंद्रित है, जिसमें युद्ध को दीर्घकालिक रूप से रोकने या पूरी तरह समाप्त करने का प्रावधान शामिल है। व्हाइट हाउस को यह प्रस्ताव प्राप्त हो गया है, लेकिन इस पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ओलिविया वेल्स ने स्पष्ट किया कि अमेरिका मीडिया के माध्यम से बातचीत नहीं करेगा और कोई भी समझौता केवल तभी होगा जब वह अमेरिकी जनता के हित में हो और ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से प्रभावी ढंग से रोक सके।

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