पश्चिम एशिया में जारी भारी उथल-पुथल के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और डरावना दावा किया है। इन एजेंसियों की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, ईरान अब आधिकारिक तौर पर परमाणु बम बनाने की राह पर बहुत आगे निकल चुका है। इस रिपोर्ट ने न केवल वाशिंगटन के गलियारों में हलचल मचा दी है, बल्कि इजराइल की सुरक्षा चिंताओं को भी चरम पर पहुंचा दिया है और खुफिया जानकारी के मुताबिक, ईरान ने 60 प्रतिशत तक यूरेनियम संवर्धन का काम पूरा कर लिया है, जो परमाणु हथियार बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा और खतरनाक कदम है।
मुज्तबा खामेनेई का नया और आक्रामक नेतृत्व
इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में मुज्तबा खामेनेई का नाम उभरकर सामने आ रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक विस्तृत रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि ईरान के नए संभावित नेतृत्व, मुज्तबा खामेनेई, अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की तुलना में परमाणु हथियार हासिल करने के लिए कहीं अधिक दृढ़ और आक्रामक नजर आ रहे हैं। दशकों से अली खामेनेई ने सार्वजनिक रूप से परमाणु हथियारों के विकास का विरोध करने की नीति अपनाई थी और तेहरान को इस दिशा में एक सीमा से आगे बढ़ने से रोके रखा था। लेकिन अब मुज्तबा खामेनेई इस पुरानी हिचकिचाहट को खत्म करके हर हाल में एटम बम हासिल करना चाहते हैं। मुज्तबा के इसी न्यूक्लियर प्रण की वजह से अब ट्रंप भी इस जंग में बारूद झोंकते नजर आ रहे हैं।
यूरेनियम संवर्धन के आंकड़े और तकनीकी प्रगति
ईरान के परमाणु कार्यक्रम के इतिहास पर नजर डालें तो स्थिति की गंभीरता साफ हो जाती है और साल 2015 में ईरान और अमेरिका के बीच JCPOA समझौता हुआ था, जिसके तहत ईरान को केवल 3 दशमलव 67 प्रतिशत तक ही यूरेनियम संवर्धन की अनुमति दी गई थी। यह स्तर केवल बिजली बनाने जैसे नागरिक कार्यों के लिए पर्याप्त था। हालांकि, साल 2019 में ईरान ने इस सीमा को तोड़ते हुए संवर्धन को 20 प्रतिशत के स्तर तक पहुंचा दिया। अब अमेरिकी रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि ईरान 60 प्रतिशत तक यूरेनियम संवर्धन कर चुका है। दावा तो यहां तक किया जा रहा है कि ईरान के पास अब करीब 1000 पाउंड संवर्धित सामग्री जमा हो चुकी है।
परमाणु विस्फोट का खतरा और क्षेत्रीय संतुलन
सबसे बड़ा डर यह है कि अगर ईरान 90 प्रतिशत यानी हथियार ग्रेड स्तर तक यूरेनियम संवर्धन कर लेता है, तो उसके लिए परमाणु बम बनाने का रास्ता पूरी तरह से साफ हो जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की पहाड़ियों के नीचे बनी अंडरग्राउंड न्यूक्लियर टनल में सेंट्रीफ्यूज लगातार घूम रहे हैं, जिससे परमाणु विस्फोट का काउंटडाउन शुरू होने का खतरा पैदा हो गया है। अगर ईरान इस सीमा तक पहुंच जाता है, तो मध्य पूर्व में शक्ति का संतुलन पूरी तरह से बदल जाएगा और मुज्तबा खामेनेई के नेतृत्व में ईरान अपनी पुरानी परमाणु नीति को बदलने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है, जिसने वाशिंगटन और इजराइल की रातों की नींद उड़ा दी है।