मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच ईरान ने एक बड़ी और सीधी चेतावनी जारी की है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह उन देशों और कंपनियों के वाणिज्यिक जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने से रोक देगा, जो मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के दौरान हुए अपने नुकसान की भरपाई के लिए ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति का उपयोग करेंगे। ईरान की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब उसकी फ्रीज संपत्तियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माहौल काफी गरमा गया है।
खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर का कड़ा रुख
ईरानी सरकारी मीडिया IRIB की रिपोर्ट के अनुसार, खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने अमेरिका की कड़ी आलोचना की है। प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका उन जहाजों के नुकसान की भरपाई के लिए ईरान के फ्रीज किए गए फंड का इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है, जिन्हें युद्ध के दौरान निशाना बनाया गया था। ईरान का तर्क है कि अमेरिकी सेना द्वारा पैदा की गई असुरक्षा और होर्मुज के दक्षिण में गैर-कानूनी और असुरक्षित रास्तों के उल्लंघन के कारण इन जहाजों को नुकसान हुआ है। प्रवक्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर कोई भी देश या कंपनी इस तरह की योजना पर अमल करती है और ईरान के पैसे से मुआवजा लेती है, तो ईरान की सेनाएं उनके जहाजों का रास्ता रोक देंगी।
विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची की अंतरराष्ट्रीय नियमों पर टिप्पणी
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आगाह किया है और उन्होंने चेतावनी दी कि किसी दूसरे देश की संपत्ति को फ्रीज करके उससे ऐसे दावों का निपटारा करना, जिनका उस पैसे से कोई सीधा लेना-देना नहीं है, अंतरराष्ट्रीय नियमों को कमजोर करेगा। अराघची ने कहा कि इससे व्यापक रूप से अस्थिरता पैदा होगी। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि भविष्य के दावों के लिए किसी देश की संपत्ति फ्रीज करना एक तरह का उकसाना है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग ऐसे फंड का फायदा उठाएंगे, उन्हें याद रखना चाहिए कि एक बार जब सरकारें संपत्ति फ्रीज करने को सामान्य मान लेंगी, तो किसी की भी संपत्ति सुरक्षित नहीं रह जाएगी। इसकी वजह से जो अराजकता फैलेगी, वह शांति के लिए अच्छी नहीं होगी।
डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान की यह तीखी प्रतिक्रिया अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भविष्य में जहाजों, कार्गो या उससे जुड़ी समुद्री संपत्तियों को होने वाले किसी भी तरह के नुकसान की भरपाई अमेरिका के पास मौजूद और उसके नियंत्रण वाले ईरान के पैसे से की जाएगी। ईरान इस कदम को अपनी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन मानता है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपनी संपत्ति की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है, जिसमें होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बंद करना भी शामिल है।
वैश्विक व्यापार पर संभावित प्रभाव
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है और ईरान की इस चेतावनी ने अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जगत में चिंता पैदा कर दी है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसकी सेनाएं उन जहाजों की पहचान करेंगी और उन्हें रोकेंगी जो उन देशों या कंपनियों से जुड़े हैं जिन्होंने ईरान के फ्रीज फंड का उपयोग मुआवजे के तौर पर किया है। ईरान का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से पैदा होने वाली किसी भी अराजकता की जिम्मेदारी उन लोगों पर होगी जो संपत्ति फ्रीज करने जैसी कार्रवाइयों को सामान्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं।