ईरान ने अमेरिका के सामने रखी 5 शर्तें, होर्मुज खोलने के लिए रखी बड़ी मांग

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ईरान ने अमेरिका के सामने रखी 5 शर्तें, होर्मुज खोलने के लिए रखी बड़ी मांग
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मध्य पूर्व में जारी तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम में ईरान ने अमेरिका के सामने युद्ध समाप्त करने के लिए 5 विशिष्ट शर्तें रखी हैं। बुधवार को न्यूयॉर्क में कतर की मध्यस्थता में दोनों देशों के दूतों के बीच हुई बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की गई। ईरान का कहना है कि जब तक तेहरान की इन 5 शर्तों को स्वीकार नहीं किया जाता है, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से नहीं खोला जाएगा। ईरान ने अमेरिका के सामने नए सिरे से अपनी मांगें रख दी हैं और अब फैसला अमेरिका को लेना है और ईरानी पक्ष ने स्पष्ट किया है कि वे युद्ध को खत्म करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इससे पहले अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस ने व्हाइट हाउस से जुड़े सूत्रों के हवाले से इस बैठक को काफी फलदायी बताया था।

युद्ध और नाकाबंदी का इतिहास

ईरान और अमेरिका के बीच इस संघर्ष की शुरुआत फरवरी 2026 में हुई थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक प्रयास हुए और अप्रैल 2026 में युद्ध विराम पर सहमति बनी थी। हालांकि, यह शांति अधिक समय तक नहीं टिक सकी और अगस्त 2026 में अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नए सिरे से नाकाबंदी लागू कर दी। इसी पृष्ठभूमि में अब ईरान ने शांति के लिए अपनी शर्तें पेश की हैं। ईरान का मानना है कि इन शर्तों के माने जाने पर ही क्षेत्र में स्थायी शांति संभव है।

ईरान की 5 नई शर्तें और मांगें

ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए जो 5 शर्तें रखी हैं, वे इस प्रकार हैं:

  • पहली शर्त के अनुसार, मिडिल ईस्ट में सभी मोर्चों पर युद्ध को तुरंत समाप्त किया जाए। इसका अर्थ है कि हूती लड़ाकों के खिलाफ सऊदी अरब की सैन्य कार्रवाई रोकी जाए और साथ ही लेबनान में जारी इजराइली हमलों पर भी रोक लगाई जाए।
  • दूसरी शर्त में ईरान के खिलाफ अमेरिका की सभी आक्रामक कार्रवाइयों को समाप्त करने की मांग की गई है। इसके साथ ही ईरान ने यह गारंटी मांगी है कि भविष्य में अमेरिका इस समझौते को किसी भी स्थिति में नहीं तोड़ेगा।
  • तीसरी शर्त होर्मुज के बाहर लागू अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी से जुड़ी है। इस नाकाबंदी के कारण ईरान की तेल बिक्री में भारी कमी आई है, जिसे ईरान ने तुरंत समाप्त करने की मांग की है।
  • चौथी शर्त के तहत ईरान के खिलाफ लगाए गए सभी प्रतिबंधों को हटाने की मांग रखी गई है। ईरान ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उसके खिलाफ जारी आर्थिक युद्ध को पूरी तरह से समाप्त किया जाना चाहिए।
  • पांचवीं शर्त ईरान के उन पैसों से संबंधित है जो विभिन्न देशों में फ्रीज यानी रोक कर रखे गए हैं। ईरान की मांग है कि इन पैसों को तुरंत अनफ्रीज किया जाए और कतर के माध्यम से उन्हें ईरान के खातों में भेजा जाए।

होर्मुज खोलने का वादा और भविष्य की योजना

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने एक महत्वपूर्ण बयान में कहा है कि अगर यह समझौता हो जाता है, तो ईरान 7 दिन के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से यातायात के लिए खोल देगा। ईरान ने समझौते की यह पहल ऐसे समय में की है जब खबरें आ रही हैं कि अमेरिका तेहरान पर नए सिरे से हमले की योजना बना रहा है। होर्मुज का खुलना वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति का रुख और चुनाव

दूसरी तरफ, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और उन्होंने एक बयान में कहा कि अमेरिका में अक्टूबर महीने में मिडटर्म इलेक्शन प्रस्तावित हैं और इन चुनावों के बाद युद्ध को खत्म कर लिया जाएगा। वर्तमान में न्यूयॉर्क में चल रही यह बातचीत और ईरान द्वारा रखी गई 5 शर्तें वैश्विक राजनीति में एक नया मोड़ ला सकती हैं। अब पूरी दुनिया की नजरें अमेरिका के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या वह ईरान की इन शर्तों को स्वीकार कर युद्ध विराम की ओर बढ़ेगा या नहीं।

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