ईरान और अमेरिका के बीच चल रही दूसरे दौर की शांति वार्ता के प्रयासों के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है और तेहरान ने हाल ही में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सभी देशों के लिए खोल दिया था, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी जीत करार दिया। हालांकि, ईरान ने अब राष्ट्रपति ट्रंप पर एक घंटे के भीतर सात बड़े झूठ बोलने का गंभीर आरोप लगाया है। ईरान का स्पष्ट कहना है कि यदि अमेरिका का यही रवैया रहा और नाकाबंदी नहीं हटाई गई, तो वह सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस जलमार्ग को फिर से बंद कर देगा।
शांति वार्ता और नाकाबंदी पर बढ़ता विवाद
ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता शुरू होने की संभावनाओं के बीच ईरान ने सद्भावना के तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोल दिया था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इस कदम का स्वागत तो किया, लेकिन इसे अमेरिका की कूटनीतिक जीत के रूप में पेश किया और इसके विपरीत, जब ईरान ने होर्मुज खोलने के बदले अमेरिका से अपनी आर्थिक नाकाबंदी (Blockade) हटाने की मांग की, तो ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक तेहरान के साथ बातचीत पूरी तरह संपन्न नहीं हो जाती, तब तक नाकाबंदी जारी रहेगी। इस रुख ने वार्ता शुरू होने से पहले ही दोनों देशों के बीच कड़वाहट पैदा कर दी है।
मोहम्मद बागेर गालिबाफ के 7 प्रमुख आरोप
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने ट्रंप पर एक घंटे में सात दावे करने और उन सभी के झूठे होने का आरोप लगाया है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और क्षेत्रीय सुरक्षा
गालिबाफ ने जोर देकर कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का संचालन पूरी तरह से ईरानी संप्रभुता और नियमों के अधीन है और उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपनी प्रतिज्ञाओं के प्रति सच्चा है, लेकिन सुरक्षा और संप्रभुता से समझौता नहीं करेगा। इसके साथ ही, उन्होंने क्षेत्रीय शांति के प्रयासों में पाकिस्तान की भूमिका की सराहना की। गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट के माध्यम से पाकिस्तान राज्य और जनरल आसिम मुनीर के मध्यस्थता प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस युद्धविराम और शांति प्रक्रिया को समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।