भारतीय रेलवे के यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) आज रात 9 बजे अपनी वेबसाइट का नया बीटा वर्जन लॉन्च करने जा रहा है। इस नए अवतार के साथ ट्रेन टिकट बुक करना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो जाएगा। इस नई सर्विस की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब यात्रियों को टिकट बुक करते समय बार-बार कैप्चा भरने के झंझट से पूरी तरह मुक्ति मिल गई है। कम स्टेप्स में फास्ट चेकआउट और हर क्लास की सीट उपलब्धता देखना अब पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक होगा।
टिकट बुकिंग की प्रक्रिया में हुए क्रांतिकारी बदलाव
भारतीय रेलवे ने अपने यात्रियों की सबसे बड़ी परेशानी का समाधान निकाल लिया है। अक्सर यात्री टिकट बुक करते समय वेबसाइट के धीमेपन और बार-बार आने वाले कैप्चा से परेशान रहते थे। आज रात 9 बजे के बाद से यह अनुभव पूरी तरह बदलने वाला है। in/eticket/ लिंक पर जा सकते हैं और इसके अलावा, मौजूदा आईआरसीटीसी वेबसाइट के होमपेज पर भी इस नए बीटा वर्जन का लिंक उपलब्ध करा दिया गया है। फिलहाल इसे ट्रायल के तौर पर शुरू किया गया है ताकि आम नागरिक इसके फीचर्स का इस्तेमाल कर सकें और अपना फीडबैक दे सकें। इसी फीडबैक के आधार पर भविष्य में इसे स्थायी रूप दिया जाएगा।
नई वेबसाइट को मुख्य रूप से चार बड़े तकनीकी सुधारों के साथ पेश किया गया है। पहला बदलाव यह है कि अब टिकट बुक करते समय कोई गैर-जरूरी कैप्चा नहीं भरना पड़ेगा और न ही स्क्रीन पर चमकते ग्राफिक्स या पॉप-अप विज्ञापन दिखाई देंगे। दूसरा सुधार सीटों की उपलब्धता को लेकर है, जहां अब यात्रियों को एक ही जगह पर स्लीपर और एसी जैसी सभी क्लास की सीटों की स्थिति साफ तौर पर दिखाई देगी। तीसरा बड़ा बदलाव फास्ट चेकआउट का है, जिससे टिकट बुकिंग की प्रक्रिया छोटी हो गई है। चौथा फीचर रिपीट बुकिंग का है, जिसमें यात्री की जानकारी सुरक्षित रहेगी ताकि अगली बार फॉर्म भरने की जरूरत न पड़े।
सर्वर क्षमता में भारी बढ़ोतरी
नए पोर्टल की सबसे बड़ी ताकत इसकी शानदार स्पीड और सर्वर क्षमता है। पहले पुरानी वेबसाइट पर एक मिनट में केवल 32000 टिकट ही बुक किए जा सकते थे, लेकिन अब इस क्षमता को बढ़ाकर 1 लाख 50 हजार टिकट प्रति मिनट कर दिया गया है। नया सिस्टम इतना शक्तिशाली है कि यह हर मिनट 40 लाख से अधिक पीएनआर और सीट की पूछताछ को बिना किसी तकनीकी खराबी के संभाल सकेगा। इसके अलावा, यात्री अब अलग-अलग तारीखों के किराये की तुलना भी आसानी से कर सकेंगे, जिससे उन्हें अपने बजट के अनुसार टिकट चुनने में मदद मिलेगी।
इस नए अपडेट में यात्रियों को अपनी मनपसंद बर्थ या सीट चुनने का स्पष्ट विकल्प मिलेगा। साथ ही, अब यह वेबसाइट केवल हिंदी और अंग्रेजी ही नहीं, बल्कि भारत की कई अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध होगी। यह बदलाव मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमएनआईटी) के छात्रों के सुझावों के कारण संभव हो पाया है। इन छात्रों ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ बातचीत में वेबसाइट की कमियों को दूर करने के उपाय बताए थे, जिन्हें रेलवे मंत्रालय ने गंभीरता से लागू किया है।
आईआरसीटीसी का सफर और वर्तमान स्थिति
आईआरसीटीसी वेबसाइट की शुरुआत साल 2002 में हुई थी और तब से यह करोड़ों लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुकी है। वर्तमान में यह प्लेटफॉर्म हर दिन औसतन 14 लाख 50 हजार से ज्यादा टिकटों की बुकिंग का भार संभालता है। इतने बड़े ट्रैफिक के कारण यात्रियों को अक्सर दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, लेकिन नए आधुनिक वर्जन के आने के बाद उम्मीद है कि सिस्टम ज्यादा सुचारू रूप से काम करेगा। इससे हर यात्री का टिकट बुकिंग अनुभव पहले से कहीं ज्यादा शानदार और तनावमुक्त हो जाएगा।