अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और लेबनान के बीच चल रहे सीजफायर को 3 हफ्ते तक बढ़ाने का महत्वपूर्ण ऐलान किया है। ट्रंप ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में हुई उच्च स्तरीय बातचीत के बाद इजरायल और हिजबुल्लाह आतंकवादी समूह के बीच जारी इस युद्धविराम को तीन सप्ताह और विस्तार देने पर अपनी सहमति व्यक्त की। राष्ट्रपति ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि इस कदम से क्षेत्र में शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी।
व्हाइट हाउस में कूटनीतिक बैठक और ट्रंप का बयान
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जानकारी दी कि अमेरिका में इजरायली और लेबनानी राजदूतों के बीच हुई यह बैठक बहुत सफल रही। पिछले एक हफ्ते के भीतर यह इन दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच दूसरी बैठक थी। ओवल ऑफिस में चर्चा के दौरान ट्रंप ने स्वीकार किया कि उन्हें हिजबुल्लाह की स्थिति का भी ध्यान रखना है। उन्होंने इस बातचीत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह दशकों बाद इजरायल और लेबनान के बीच हुई पहली प्रत्यक्ष कूटनीतिक बातचीत थी। गौरतलब है कि 1948 में इजरायल के गठन के बाद से ही ये दोनों पड़ोसी देश औपचारिक रूप से युद्ध की स्थिति में रहे हैं।
सीजफायर का उल्लंघन और भविष्य की योजना
दोनों पक्षों के बीच शुरुआती सीजफायर पिछले शुक्रवार को लागू हुआ था, लेकिन इसके बाद से दोनों तरफ से कई बार उल्लंघन की खबरें सामने आई हैं। शुरुआती 10 दिनों का यह सीजफायर सोमवार को समाप्त होने वाला था, जिसे अब 3 हफ्ते के लिए बढ़ा दिया गया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका लेबनान के साथ मिलकर काम करेगा ताकि वह हिजबुल्लाह से खुद को बचाने में सक्षम हो सके।
नेतन्याहू और जोसेफ औन के साथ प्रस्तावित मुलाकात
राष्ट्रपति ट्रंप ने ओवल ऑफिस में यह भी स्पष्ट किया कि वे आने वाले दो हफ्तों के भीतर वाशिंगटन में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ औन से मुलाकात करने की उम्मीद कर रहे हैं। इस दौरान इजरायली राजदूत येचियल लाइटर ने ट्रंप के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि वे जल्द ही इजरायल और लेबनान के बीच स्थायी शांति की औपचारिक स्थापना की उम्मीद करते हैं। वहीं, लेबनानी राजदूत नादा हमादेह मोवाद ने ट्रंप के प्रयासों के लिए उन्हें धन्यवाद दिया और उनके 'Make America Great Again' नारे का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिकी समर्थन से लेबनान को फिर से महान बनाया जा सकता है।
लेबनान की शर्तें और इजरायल का रुख
लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ औन ने सीजफायर के लिए अपनी शर्तें स्पष्ट की हैं। उन्होंने मांग की है कि इजरायल द्वारा कब्जे वाले गांवों और कस्बों में घरों को तोड़ने की कार्रवाई तुरंत बंद की जाए। लेबनान का लक्ष्य इजरायली हमलों को पूरी तरह रोकना, लेबनान से इजरायली सैनिकों की वापसी, इजरायल में बंद लेबनानी कैदियों की रिहाई, सीमा पर लेबनानी सैनिकों की तैनाती और पुनर्निर्माण प्रक्रिया शुरू करना है। दूसरी ओर, इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार ने लेबनान से अपील की है कि वह हिजबुल्लाह को निशस्त्र करने के लिए इजरायल के साथ सहयोग करे और सार ने कहा कि लेबनान के साथ कोई गंभीर मतभेद नहीं हैं, केवल कुछ छोटे सीमा विवाद हैं जिन्हें सुलझाया जा सकता है। उन्होंने हिजबुल्लाह को शांति की राह में एकमात्र बाधा बताया।