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बुमराह को बार-बार आराम क्यों? वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया का चौंकाने वाला फैसला

बुमराह को बार-बार आराम क्यों? वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया का चौंकाने वाला फैसला
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भारतीय क्रिकेट टीम इस समय न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैचों की महत्वपूर्ण टी20 सीरीज खेल रही है। सीरीज के पहले मुकाबले में शानदार जीत दर्ज करने के बाद, दूसरे टी20 मैच में टीम इंडिया की प्लेइंग 11 में एक ऐसा बदलाव देखने को मिला जिसने क्रिकेट पंडितों और फैंस को हैरान कर दिया है। टीम के सबसे घातक तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को इस मैच से आराम दिया गया है। आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 को देखते हुए यह फैसला काफी चर्चा का विषय बन गया है।

बुमराह को आराम देने का रहस्य

जसप्रीत बुमराह भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की रीढ़ की हड्डी हैं। जब कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस के समय बताया कि बुमराह इस मैच का हिस्सा नहीं हैं, तो सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। सवाल यह उठ रहा है कि क्या वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले अपने मुख्य गेंदबाज को मैदान से दूर रखना सही है? आमतौर पर खिलाड़ी लय हासिल करने के लिए अधिक से अधिक मैच खेलना पसंद करते हैं,। लेकिन भारतीय टीम मैनेजमेंट 'वर्कलोड मैनेजमेंट' के नाम पर बुमराह को लगातार ब्रेक दे रहा है।

पिछले 50 दिनों का हैरान करने वाला आंकड़ा

अगर हम आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति और भी चौंकाने वाली लगती है। पिछले 50 दिनों में जसप्रीत बुमराह ने केवल चार टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। इन मैचों में उन्होंने कुल मिलाकर सिर्फ 14 ओवर की गेंदबाजी की है और टी20 वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिहाज से यह संख्या बहुत कम मानी जा रही है। जहां अन्य टीमें अपने स्ट्राइक बॉलर्स को मैच प्रैक्टिस देने में जुटी। हैं, वहीं बुमराह का अधिकांश समय डगआउट या आराम में बीत रहा है।

क्या लय खो देंगे बुमराह?

क्रिकेट में लय (Rhythm) का बहुत महत्व होता है, खासकर तेज गेंदबाजों के लिए और बुमराह जैसे गेंदबाज जो अपनी सटीक यॉर्कर और स्लोअर बॉल्स के लिए जाने जाते हैं, उन्हें अपनी धार बनाए रखने के लिए नियमित गेंदबाजी की आवश्यकता होती है। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने स्पष्ट किया कि बुमराह पूरी तरह फिट हैं, यानी उन्हें किसी चोट की वजह से बाहर नहीं किया गया और उनकी जगह युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा को मौका दिया गया है।

पिछले एक साल का रिपोर्ट कार्ड

जनवरी 2025 से अब तक के आंकड़ों को देखें तो टीम इंडिया ने कुल 23 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं, जिनमें से बुमराह सिर्फ 14 मैचों का हिस्सा रहे हैं। इन 14 मैचों में उन्होंने 44 और 1 ओवर फेंके और 23 के औसत से 14 विकेट लिए। उनका इकॉनमी रेट 7. 29 रहा है, जो टी20 के लिहाज से बेहतरीन है। लेकिन चिंता का विषय उनकी विकेट लेने की क्षमता नहीं, बल्कि उनकी मैच प्रैक्टिस की कमी है।

मैनेजमेंट की सोच और भविष्य की चुनौती

बीसीसीआई और टीम मैनेजमेंट का मानना है कि बुमराह को बड़े टूर्नामेंट्स के लिए तरोताजा रखना जरूरी है। बुमराह का पिछला इंजरी इतिहास भी टीम को सावधानी बरतने पर मजबूर करता है। हालांकि, फैंस का तर्क है कि बिना पर्याप्त मैच खेले वर्ल्ड। कप के हाई-वोल्टेज मैचों में उतरना जोखिम भरा हो सकता है। अब देखना यह होगा कि क्या यह 'आराम' की रणनीति वर्ल्ड कप में भारत के लिए मास्टरस्ट्रोक साबित होती है या फिर लय की कमी टीम पर भारी पड़ती है।

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