जियो आईपीओ अलॉटमेंट फाइनल! जानिए ग्रे मार्केट प्रीमियम और लिस्टिंग गेन

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जियो आईपीओ अलॉटमेंट फाइनल! जानिए ग्रे मार्केट प्रीमियम और लिस्टिंग गेन
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शेयर बाजार में पैसा लगाने वाले लाखों निवेशकों का इंतजार आखिरकार खत्म हो चुका है। रिलायंस के जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ यानी Jio Platforms IPO के शेयरों का बंटवारा यानी अलॉटमेंट पूरी तरह से फाइनल हो गया है। सोमवार 26 अक्टूबर को अलॉटमेंट की इस प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। अब जिन निवेशकों की किस्मत इस बार खुली है और जिन्हें शेयर आवंटित किए गए हैं, उनके डीमैट खातों में मंगलवार 27 अक्टूबर को शेयर ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। वहीं जिन लोगों को इस बार शेयर नहीं मिल पाए हैं, उन्हें भी बिल्कुल परेशान होने की जरूरत नहीं है। उनके बैंक खातों में आवेदन के दौरान ब्लॉक किया गया पैसा भी मंगलवार 27 अक्टूबर को ही अनब्लॉक या रिफंड कर दिया जाएगा। इसके ठीक एक दिन बाद यानी बुधवार 28 अक्टूबर को जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE पर आधिकारिक तौर पर लिस्ट हो जाएंगे।

लिस्टिंग से ठीक पहले हर निवेशक के मन में यही मुख्य सवाल बना हुआ है कि जियो का शेयर शेयर बाजार में किस शुरुआती भाव पर खुलेगा। ग्रे मार्केट से इसके लिए काफी शानदार और सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP 245 रुपये पर कारोबार कर रहा है। कंपनी ने इस आईपीओ का अपर प्राइस बैंड 1119 रुपये तय किया था। अगर आज के इस जीएमपी को इसमें जोड़ दिया जाए, तो शेयर की अनुमानित लिस्टिंग कीमत 1364 रुपये के आसपास बैठती है। ये तमाम आंकड़े साफ बताते हैं कि निवेशकों को बाजार में लिस्टिंग वाले दिन ही करीब 21 प्रतिशत और 89 पैसे यानी 21 रुपये 89 पैसे की दर से सीधा मुनाफा यानी Listing Gain मिल सकता है। आसान और सरल भाषा में समझें तो हर एक शेयर पर 245 रुपये का सीधा फायदा होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।

इस बहुप्रतीक्षित आईपीओ का एक लॉट 12 शेयरों का तय किया गया था, जिसके लिए रिटेल निवेशकों ने 13 रुपये 428 पैसे या कहें कुल 13,428 रुपये लगाए थे। अगर मौजूदा ग्रे मार्केट प्रीमियम के हिसाब से ही शेयर की लिस्टिंग होती है, तो एक लॉट पाने वाले भाग्यशाली निवेशक को सीधे 2939 रुपये का तगड़ा मुनाफा हो जाएगा। अगर आपने भी इस बड़े आईपीओ में अपना पैसा लगाया था, तो आप घर बैठे ही ऑनलाइन माध्यम से अपना अलॉटमेंट स्टेटस आसानी से चेक कर सकते हैं। इसके लिए मुख्य रूप से KFin टेक्नोलॉजीज की वेबसाइट, BSE की आधिकारिक वेबसाइट या फिर NSE के पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है और इन पोर्टल्स पर जाकर निवेशक अपनी सटीक जानकारी दर्ज करके अपने आवेदन की स्थिति का पता लगा सकते हैं और यह जान सकते हैं कि उन्हें शेयर मिले हैं या नहीं।

केफिन टेक्नोलॉजीज यानी KFin Technologies के जरिए अपना स्टेटस चेक करने की प्रक्रिया बेहद आसान है और इसके लिए सबसे पहले इसके आधिकारिक वेब पोर्टल पर जाना होगा। वहां आईपीओ के ड्रॉपडाउन मेनू में से ‘Jio Platforms Ltd’ को चुनना होगा। अपनी पहचान को सही से वेरीफाई करने के लिए एप्लिकेशन नंबर, पैन यानी PAN नंबर या फिर डीमैट अकाउंट नंबर में से किसी एक विकल्प पर टिक करना होगा। इसके बाद अपना नंबर सही-सही भरना होगा, जिसके तुरंत बाद सबमिट बटन पर क्लिक करते ही आपका रिजल्ट आपकी कंप्यूटर या मोबाइल स्क्रीन पर खुलकर सामने आ जाएगा। इसके अलावा बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE की वेबसाइट के जरिए भी स्टेटस जांचा जा सकता है। इसके लिए बीएसई के आधिकारिक एप्लिकेशन स्टेटस पेज पर जाना होगा। वहां ‘Issue type’ के विकल्प में से ‘Equity’ को चुनना होगा। इसके बाद ‘Issue name’ के ड्रॉपडाउन मेनू से ‘Jio Platforms Ltd’ को सेलेक्ट करना होगा। फिर अपना आईपीओ एप्लिकेशन नंबर या पैन नंबर दर्ज करना होगा और कैप्चा वेरिफिकेशन को पूरा करके ‘Search’ बटन पर क्लिक करना होगा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE के पोर्टल के माध्यम से भी स्टेटस देखने की पूरी सुविधा निवेशकों को दी गई है। इसके लिए निवेशकों को एनएसई के बिड वेरिफिकेशन पेज पर जाना होगा। वहां ‘Equity & SME IPO Bid Details’ के विकल्प को चुनना होगा। इसके बाद ड्रॉपडाउन मेनू में जाकर ‘Jio Platforms’ या फिर इसके आधिकारिक सिंबल ‘JPL’ को चुनना होगा। इसके बाद मांगी गई सभी जरूरी जानकारी जैसे कि पैन नंबर या फिर एप्लिकेशन नंबर दर्ज करना होगा। आखिर में सबमिट बटन पर क्लिक करके निवेशक अपना स्टेटस आसानी से देख सकते हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ कुल मिलाकर 30,213 करोड़ रुपये का एक बहुत बड़ा इश्यू था। इसके लिए प्रति शेयर कीमत 1,065 रुपये से लेकर 1,119 रुपये के बीच तय की गई थी। रिटेल निवेशकों को कम से कम 12 शेयरों यानी एक लॉट के लिए अपनी अर्जी लगानी थी। 19 गुना भारी सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुआ था।

55 गुना तक भर गया था। वहीं दूसरी ओर नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी NII की कैटेगरी में भी 14 गुना बोलियां लगाई गईं। 72 गुना सब्सक्राइब हुआ। इस आईपीओ की सबसे बड़ी और खास बात यह रही कि इसमें सारे के सारे 27 करोड़ इक्विटी शेयर बिल्कुल नए यानी फ्रेश इश्यू के रूप में जारी किए गए थे। इसमें ‘ऑफर-for-सेल’ यानी OFS का कोई भी हिस्सा शामिल नहीं था, जिसका सीधा मतलब यह है कि कंपनी के किसी भी पुराने शेयरधारकों ने इस दौरान अपनी पुरानी हिस्सेदारी बाजार में नहीं बेची है। यही वजह है कि आईपीओ के जरिए जुटाया गया सारा का सारा पैसा सीधे तौर पर कंपनी के पास ही जाएगा। कंपनी ने अपनी आधिकारिक घोषणा में यह बात बिल्कुल साफ कर दी है कि वो इस जुटाई गई कुल रकम में से 27,500 करोड़ रुपये तक की भारी-भरकम राशि का इस्तेमाल अपनी सब्सिडियरी कंपनी ‘रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड’ का पुराना कर्ज चुकाने में पूरी तरह से करेगी। कंपनी के इस बड़े कदम से उसकी बैलेंस शीट पहले के मुकाबले काफी ज्यादा मजबूत और कर्जमुक्त हो जाएगी, जिसका सीधा फायदा आने वाले समय में उसके बिजनेस और निवेशकों को मिलेगा।

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