भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर के मैदान पर 4 जुलाई को होने वाले दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले से पहले क्रिकेट गलियारों में एक ही नाम की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है और वह नाम है वैभव सूर्यवंशी। युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी का टीम इंडिया के लिए डेब्यू करना इस समय खेल जगत का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। इस महत्वपूर्ण मैच से पहले भारत के पूर्व दिग्गज कप्तान कपिल देव ने सूर्यवंशी को लेकर एक बेहद दिलचस्प और गहराई भरा बयान दिया है, जिसने प्रशंसकों और विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
सचिन और विराट से तुलना पर कपिल की राय
स्पोर्ट्स तक के साथ एक विशेष बातचीत के दौरान कपिल देव ने वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि हालांकि उन्होंने सूर्यवंशी को बहुत ज्यादा खेलते हुए नहीं देखा है, लेकिन उनके अंदर जो टैलेंट नजर आता है वह निश्चित रूप से असाधारण है। कपिल देव ने सूर्यवंशी की तुलना महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और आधुनिक दिग्गज विराट कोहली से की। हालांकि, उन्होंने एक चेतावनी भी दी कि हमें इस युवा खिलाड़ी के बारे में बहुत ज्यादा बातें करके उन्हें बढ़ा-चढ़ाकर पेश नहीं करना चाहिए। कपिल के अनुसार, सूर्यवंशी अभी बहुत छोटे हैं और उनके पास अभी वह उम्र नहीं है जहां वह हर चीज को पूरी तरह समझ सकें।
क्या 5 ओवर मेडन खेल सकते हैं सूर्यवंशी?
कपिल देव ने सूर्यवंशी की बल्लेबाजी शैली और उनके भविष्य को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा किया। उन्होंने पूछा कि क्या वैभव सूर्यवंशी लंबे फॉर्मेट के क्रिकेट में 5 ओवर मेडन खेल सकते हैं? कपिल देव का मानना है कि टी20 क्रिकेट में तो वह एक बेहतरीन और सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी नजर आ रहे हैं, लेकिन असली परीक्षा बड़े फॉर्मेट में खुद को साबित करने की होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि टी20 की आक्रामकता एक तरफ है, लेकिन क्रिकेट के लंबे प्रारूप में धैर्य और तकनीक की आवश्यकता होती है, जहां खिलाड़ी को बिना रन बनाए भी क्रीज पर टिके रहना पड़ता है।
टीम मैनेजमेंट और मॉर्ने मॉर्कल का रुख
वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू की मांग भले ही तेज हो, लेकिन टीम इंडिया का मैनेजमेंट फिलहाल किसी जल्दबाजी में नहीं दिख रहा है और मैनचेस्टर टी20 मैच से पहले भारतीय टीम के पेस बॉलिंग कोच मॉर्ने मॉर्कल ने स्थिति स्पष्ट की है। मॉर्कल ने स्वीकार किया कि सूर्यवंशी अपनी प्रतिभा के दम पर टीम इंडिया का दरवाजा खटखटा रहे हैं, लेकिन मौजूदा टीम संयोजन में उन्हें जगह देना एक बड़ी चुनौती है। मॉर्कल ने कहा कि अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन जैसे खिलाड़ियों को टीम से बाहर बैठाकर सूर्यवंशी को मौका देना फिलहाल मुश्किल नजर आता है।
प्रतिभा बनाम अनुभव की बहस
कपिल देव ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि अगर कोई खिलाड़ी पूरी तरह तैयार है, तो हमें उसकी उम्र की जगह उसकी क्षमता और काबिलियत को देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में इस स्तर का प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी दुनिया में 1 प्रतिशत भी नहीं होते हैं। कपिल देव ने सूर्यवंशी को डेब्यू कराने की वकालत तो की, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि उन्हें समय दिया जाना चाहिए ताकि वह खेल की बारीकियों को और बेहतर तरीके से समझ सकें। फिलहाल, मैनचेस्टर में होने वाले मुकाबले में सूर्यवंशी के खेलने की संभावनाएं कम ही नजर आ रही हैं क्योंकि टीम मैनेजमेंट अनुभवी और फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों के साथ ही आगे बढ़ना चाहता है।