न्यूजीलैंड के दौरे पर टीम इंडिया ने पांच मैचों की टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले को भी अपने नाम करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया के लिए दूसरा टी20 मैच एक समय पूरी तरह से हाथ से निकल गया था, लेकिन तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी के बीच हुई 7वें विकेट के लिए 69 रनों की साझेदारी ने रोमांचक जीत दिलाने का काम किया। इस मैच में भारतीय टीम को 181 रनों का टारगेट मिला था जिसका पीछा करते हुए 70 के स्कोर तक आधी टीम पवेलियन लौट गई थी और हार तय दिख रही थी, जिसमें यहां से तिलक वर्मा ने छोर को संभाला और जीत दिलाकर वापस लौटे। मुकाबला खत्म होने के बाद कप्तान अय्यर ने जहां तिलक और नीतीश की तारीफ की तो वहीं उन्होंने यह भी कबूला की एक समय लगा था कि मुकाबला हाथ से निकल गया है।
मैच हमारे हाथ से निकल रहा था
श्रेयस अय्यर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में जीत के बाद ब्रॉडकास्टर को दिए बयान में कहा कि मुझे लगता है कि हमारी टीम का हर खिलाड़ी मैच जिताने की क्षमता रखता है और आज हमने इसका उदाहरण भी देखा। सच कहूं तो जब हमारे विकेट गिरे खासकर लगातार विकेट तो हमें लगा कि मैच हमारे हाथ से निकल रहा है। लेकिन तिलक और रेड्डी ने बहुत जज्बा दिखाया और नमन धीर ने भी शानदार छोटी पारी खेली और नमन को हमने उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू मैचों में खेलते देखा था। वह एक बेहतरीन गेंदबाज भी हैं, जब आपके पास बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों का विकल्प हो, तो यह टीम में एक अलग ही जज्बा लाता है और मैदान पर उनकी मूवमेंट को देखकर लगता है कि वह एक पूरा खिलाड़ी हैं। भारतीय कप्तान ने इस मैच में टारगेट का पीछा करते हुए दबाव बढ़ने को लेकर कहा कि मुझे लगता है कि शुरुआत में हमने काफी डॉट गेंदें खेलीं, जिससे रन रेट का दबाव बढ़ गया और हम आसानी से लक्ष्य तक पहुंचना चाहते थे, लेकिन ब्रेसवेल और सैंटनर ने बहुत शानदार गेंदबाजी की और बीच के ओवर्स में खेल पर पूरी पकड़ बनाए रखी। गेंद को हिट करना आसान नहीं था, लेकिन अगर हम गैप ढूंढकर बाउंड्री लगाने की कोशिश करते, तो शायद हम आसानी से जीत सकते थे। ऐसा होता रहता है जिसमें यह बस एक खराब दिन था और मुझे यकीन है कि हम जोरदार वापसी करेंगे।
तिलक और नीतीश की ऐतिहासिक साझेदारी
न्यूजीलैंड के खिलाफ इस मुकाबले में भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही थी और 70 के स्कोर तक आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी। लक्ष्य 181 रनों का था और गेंदबाजों के सामने टिकना मुश्किल हो रहा था। ऐसे समय में तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी ने मैदान पर कदम रखा और पारी को संभाला। दोनों के बीच 7वें विकेट के लिए 69 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई, जिसने हारी हुई बाजी को पलट दिया। कप्तान श्रेयस अय्यर ने इस साझेदारी की जमकर सराहना की और कहा कि इस तरह का जज्बा टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकालता है। नमन धीर ने भी अंत में आकर अपनी छोटी लेकिन महत्वपूर्ण पारी से टीम के स्कोर को गति दी और जीत की राह आसान की।
गेंदबाजी और रणनीति पर अय्यर की राय
मैच के दौरान बीच के ओवरों में न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। कप्तान अय्यर ने स्वीकार किया कि ब्रेसवेल और सैंटनर ने अपनी गेंदबाजी से भारतीय बल्लेबाजों को बांधे रखा और काफी डॉट गेंदें डलवाईं। इससे रन रेट का दबाव लगातार बढ़ता चला गया। हालांकि टीम ने इन सभी मुश्किलों से पार पाते हुए अंततः मुकाबले को अपने नाम किया और सीरीज में अपनी पकड़ मजबूत की। अय्यर ने टीम के हर खिलाड़ी की क्षमता पर भरोसा जताया और आने वाले मैचों में भी इसी तरह के प्रदर्शन को जारी रखने की बात कही।